
#कोलेबिरा #शैक्षणिक_कार्यक्रम : महाविद्यालय परिसर में छात्रों ने सेवा, राष्ट्रभक्ति और युवाशक्ति का दिया संदेश।
कोलेबिरा प्रखंड मुख्यालय स्थित एस के बागे महाविद्यालय परिसर में सेना दिवस और स्वामी विवेकानंद जयंती के अवसर पर सेवा दिवस का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं की सहभागिता रही और राष्ट्रसेवा के मूल्यों पर चर्चा की गई। इस दौरान भारतीय सेना के गौरवशाली इतिहास और स्वामी विवेकानंद के विचारों को विद्यार्थियों के समक्ष रखा गया। आयोजन का उद्देश्य युवाओं में सेवा भावना, अनुशासन और राष्ट्रभक्ति को मजबूत करना रहा।
- एस के बागे महाविद्यालय, कोलेबिरा में सेवा दिवस का आयोजन।
- सेना दिवस और स्वामी विवेकानंद जयंती के अवसर पर विशेष कार्यक्रम।
- प्राचार्य अनूप कुमार गुप्ता ने सेना दिवस के ऐतिहासिक महत्व पर डाला प्रकाश।
- कार्यक्रम के सफल संचालन में एनसीसी कोऑर्डिनेटर त्रिलोचन मिश्रा की अहम भूमिका।
- एनसीसी छात्र-छात्राओं सहित शिक्षक और कर्मचारी रहे उपस्थित।
- आयोजन का समापन देशभक्ति और सेवा भावना के संदेश के साथ।
कोलेबिरा प्रखंड मुख्यालय स्थित एस के बागे महाविद्यालय में गुरुवार को आयोजित सेवा दिवस ने पूरे परिसर को राष्ट्रभक्ति और सेवा के रंग में रंग दिया। सेना दिवस और स्वामी विवेकानंद जयंती जैसे महत्वपूर्ण अवसरों को एक साथ मनाकर महाविद्यालय ने युवाओं को इतिहास, प्रेरणा और कर्तव्यबोध से जोड़ने का प्रयास किया। कार्यक्रम में सभी छात्र-छात्राओं की सक्रिय भागीदारी रही, जिससे आयोजन का उद्देश्य और अधिक सार्थक बन सका।
सेवा दिवस का उद्देश्य और आयोजन की पृष्ठभूमि
सेवा दिवस का आयोजन विद्यार्थियों के भीतर समाज और राष्ट्र के प्रति जिम्मेदारी की भावना विकसित करने के उद्देश्य से किया गया। महाविद्यालय परिसर में आयोजित इस कार्यक्रम में एनसीसी से जुड़े छात्र-छात्राओं की विशेष सहभागिता रही। आयोजन के सफल संचालन में एनसीसी कोऑर्डिनेटर त्रिलोचन मिश्रा की भूमिका सराहनीय रही, जिनके मार्गदर्शन में कार्यक्रम सुव्यवस्थित रूप से संपन्न हुआ।
प्राचार्य ने बताया सेना दिवस का ऐतिहासिक महत्व
इस अवसर पर महाविद्यालय के प्राचार्य अनूप कुमार गुप्ता ने विद्यार्थियों को सेना दिवस के महत्व के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि प्रत्येक वर्ष 15 जनवरी को सेना दिवस मनाया जाता है। इसी दिन वर्ष 1949 में फील्ड मार्शल के. एम. करिअप्पा ने ब्रिटिश जनरल सर फ्रांसिस बुचर से भारतीय सेना की कमान संभाली थी और वे भारतीय सेना के पहले कमांडर-इन-चीफ बने थे।
स्वतंत्रता के बाद राष्ट्रीय सेना का गठन
प्राचार्य ने अपने संबोधन में कहा कि वर्ष 1947 में स्वतंत्रता प्राप्ति के बाद भारतीय सेना को एक सशक्त राष्ट्रीय सेना का स्वरूप दिया गया। उन्होंने कहा कि तब से लेकर आज तक भारतीय सेना ने हर परिस्थिति में अपने शौर्य, पराक्रम और अनुशासन का परिचय दिया है।
प्राचार्य अनूप कुमार गुप्ता ने कहा: “भारतीय सेना ने हर अवसर पर देश की रक्षा में चट्टान की तरह खड़े रहकर अपना कर्तव्य निभाया है, इसी कारण आज देशवासियों के मन में सेना के प्रति अपार सम्मान है।”
उन्होंने यह भी कहा कि सेना दिवस पूरे देश में इसलिए हर्षोल्लास के साथ मनाया जाता है, क्योंकि यह दिन हमें बलिदान, समर्पण और राष्ट्रसेवा की प्रेरणा देता है।
स्वामी विवेकानंद जयंती भी मनाई गई
महाविद्यालय में अवकाश की स्थिति को देखते हुए इसी दिन स्वामी विवेकानंद जयंती भी मनाई गई। स्वामी विवेकानंद को एक महान विचारक, युवा नेता और प्रेरणास्रोत के रूप में याद किया जाता है। उनके विचार आज भी युवाओं को आत्मविश्वास, चरित्र निर्माण और राष्ट्रनिर्माण की दिशा में आगे बढ़ने की प्रेरणा देते हैं।
प्राचार्य ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि स्वामी विवेकानंद के विचार आज के युवाओं के लिए मार्गदर्शक हैं और उनके बताए मार्ग पर चलकर ही एक सशक्त समाज का निर्माण किया जा सकता है।
शिक्षक, एनसीसी और कर्मचारी रहे उपस्थित
इस महत्वपूर्ण कार्यक्रम में महाविद्यालय के एनसीसी के सभी छात्र-छात्राएं, महाविद्यालय कोऑर्डिनेटर प्रो. संजय प्रसाद, दीपक जी, सुबोध प्रसाद सहित महाविद्यालय के समस्त शिक्षक एवं कर्मचारीगण पूर्ण रूप से उपस्थित रहे। सभी ने कार्यक्रम को सफल बनाने में सक्रिय भूमिका निभाई।
देशभक्ति और सेवा भावना के साथ हुआ समापन
कार्यक्रम का समापन देशभक्ति और सेवा भावना के संदेश के साथ किया गया। विद्यार्थियों को यह संदेश दिया गया कि सेवा केवल किसी विशेष दिन तक सीमित नहीं होनी चाहिए, बल्कि इसे जीवन का हिस्सा बनाना चाहिए। कार्यक्रम ने छात्रों में अनुशासन, कर्तव्य और राष्ट्रप्रेम की भावना को और अधिक मजबूत किया।
न्यूज़ देखो: शिक्षा के साथ संस्कार और राष्ट्रबोध
एस के बागे महाविद्यालय में आयोजित यह सेवा दिवस केवल एक औपचारिक कार्यक्रम नहीं रहा, बल्कि यह युवाओं को राष्ट्र और समाज के प्रति उनके दायित्वों का बोध कराने का सशक्त माध्यम बना। सेना दिवस और स्वामी विवेकानंद जयंती को एक साथ मनाकर महाविद्यालय ने शिक्षा के साथ संस्कार देने की दिशा में सराहनीय पहल की है। ऐसे आयोजनों से विद्यार्थियों में सकारात्मक सोच और जिम्मेदारी की भावना विकसित होती है।
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युवा शक्ति ही राष्ट्र की असली ताकत
सेवा, अनुशासन और राष्ट्रभक्ति—यही मजबूत भारत की पहचान है। जब विद्यार्थी अपने इतिहास और महापुरुषों से प्रेरणा लेते हैं, तभी समाज आगे बढ़ता है। सेवा दिवस जैसे आयोजन युवाओं को सही दिशा दिखाने का कार्य करते हैं।





