
#दुमका #शिकारीपाड़ा #मानव_सेवा : भाषा संस्कृति बचाव एवं जन विकास मंच के कार्यकर्ताओं ने निभाई सामाजिक जिम्मेदारी।
सेवा परमो धर्म की भावना को चरितार्थ करते हुए भाषा संस्कृति बचाव एवं जन विकास मंच के कार्यकर्ताओं ने एक बार फिर मानवता की मिसाल पेश की है। मंच के जुझारू कार्यकर्ता निकरोनी राय के नेतृत्व में गणेशपुर (शिकारीपाड़ा) निवासी सोनू राय ने मरीज प्राण मोहन के जीवन रक्षा हेतु 1 यूनिट रक्तदान किया। समय पर रक्त उपलब्ध होने से मरीज को नया जीवन मिल सका।
- भाषा संस्कृति बचाव एवं जन विकास मंच के कार्यकर्ताओं द्वारा मानवीय पहल।
- सोनू राय ने मरीज प्राण मोहन के लिए किया 1 यूनिट रक्तदान।
- कार्यकर्ताओं ने जरूरतमंद की मदद को बताया संगठन की प्राथमिकता।
- इस सेवा कार्य में दिलीप राय, छुटू राय सहित अन्य साथी रहे उपस्थित।
दुमका जिले के शिकारीपाड़ा प्रखंड अंतर्गत गणेशपुर क्षेत्र में आज मानवता और सेवा की भावना का अनूठा उदाहरण देखने को मिला। जब मरीज प्राण मोहन को तत्काल रक्त की आवश्यकता पड़ी, तब भाषा संस्कृति बचाव एवं जन विकास मंच के कार्यकर्ता आगे आए और बिना किसी विलंब के रक्तदान कर उसकी जान बचाई।
जरूरतमंद की मदद को संगठन का संकल्प
मंच के कार्यकर्ताओं ने बताया कि संगठन का मूल उद्देश्य समाज के हर जरूरतमंद व्यक्ति की सहायता करना है। चाहे वह रक्तदान हो, सामाजिक सहयोग हो या आपात स्थिति में मदद—मंच हमेशा अग्रणी भूमिका निभाने के लिए तत्पर रहता है।
नेतृत्व कर रहे निकरोनी राय ने कहा कि,
“मानव सेवा ही सबसे बड़ा धर्म है। जब तक समाज में कोई भी जरूरतमंद है, हमारी जिम्मेदारी बनती है कि हम उसके साथ खड़े रहें।”
युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत
इस अवसर पर मंच के दिलीप राय, छुटू राय एवं अन्य कार्यकर्ता भी मौजूद रहे और रक्तदाता का उत्साहवर्धन किया। कार्यकर्ताओं ने कहा कि इस प्रकार के सेवा कार्य न केवल किसी की जान बचाते हैं, बल्कि समाज में सकारात्मक संदेश भी फैलाते हैं।
स्थानीय लोगों ने मंच के इस प्रयास की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे सामाजिक संगठन आज के समय में युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत हैं।
न्यूज़ देखो: मानवता की जीत
रक्तदान जैसे पुनीत कार्य समाज में आपसी सहयोग और संवेदनशीलता को मजबूत करते हैं। भाषा संस्कृति बचाव एवं जन विकास मंच द्वारा किया गया यह प्रयास यह साबित करता है कि सही समय पर उठाया गया एक कदम किसी की पूरी जिंदगी बचा सकता है।
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