
#मैकलुस्कीगंज #शीतलहर : कड़ाके की ठंड से जनजीवन अस्त-व्यस्त, स्कूलों में अवकाश और फसलों पर पाले का खतरा।
रांची जिले के मैकलुस्कीगंज क्षेत्र में पिछले चार दिनों से भीषण ठंड का प्रकोप जारी है, जिससे सामान्य जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है। न्यूनतम तापमान गिरकर माइनस 1.5 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है, जबकि अधिकतम तापमान 15 डिग्री दर्ज किया गया। कड़ाके की ठंड को देखते हुए स्कूलों में अवकाश की घोषणा की गई है और खेतों में पाले का खतरा बढ़ गया है। स्थिति ने बुजुर्गों, बच्चों और किसानों की चिंता बढ़ा दी है।
- मैकलुस्कीगंज क्षेत्र में चार दिनों से कड़ाके की ठंड।
- न्यूनतम तापमान माइनस 1.5 डिग्री तक पहुंचा।
- खेतों में जमी ओस से बना मनोहारी दृश्य।
- स्कूलों में अवकाश की घोषणा।
- सब्जी व रबी फसलों पर पाले का खतरा बढ़ा।
रांची जिले के मैकलुस्कीगंज और आसपास के क्षेत्रों में शीतलहर ने लोगों की दिनचर्या पूरी तरह बदल दी है। लगातार गिरते तापमान के कारण सुबह और रात के समय सड़कों पर सन्नाटा पसरा रहा। लोग अलाव और गर्म कपड़ों का सहारा लेते नजर आए, वहीं अत्यधिक ठंड के कारण सामान्य गतिविधियां भी प्रभावित हुई हैं।
तापमान में ऐतिहासिक गिरावट, माइनस 1.5 डिग्री दर्ज
स्थानीय मौसम आंकड़ों के अनुसार बीते तीन दिनों से न्यूनतम तापमान माइनस 1.5 डिग्री सेल्सियस तक बना हुआ है, जो इस क्षेत्र के लिए असामान्य माना जा रहा है। अधिकतम तापमान भी केवल 15 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहा। इतनी कम तापमान के कारण ठंड का असर दिनभर महसूस किया गया।
खेत-खलिहानों में जमी ओस, प्रकृति का अद्भुत दृश्य
शुक्रवार की सुबह मैकलुस्कीगंज और खलारी क्षेत्र में लोगों को प्रकृति का अनोखा नजारा देखने को मिला। खेतों और खलिहानों में जमी ओस के कारण पूरा इलाका सफेद चादर से ढका हुआ नजर आया। जब सूर्य की किरणें जमी ओस पर पड़ीं, तो खेत हीरों की तरह चमक उठे। हालांकि यह दृश्य मनमोहक था, लेकिन इसके पीछे किसानों की चिंता भी छिपी हुई है।
बुजुर्गों और पशुओं पर ठंड का सबसे अधिक असर
इस कड़ाके की ठंड से सबसे ज्यादा परेशानी बुजुर्गों, छोटे बच्चों और मवेशियों को हो रही है। कई ग्रामीण इलाकों में लोग पशुओं को ठंड से बचाने के लिए अतिरिक्त इंतजाम करते दिखे। स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, इतनी ठंड में बुजुर्गों को विशेष सावधानी की आवश्यकता होती है।
स्कूलों में अवकाश, प्रशासन का एहतियाती कदम
लगातार गिरते तापमान और शीतलहर को देखते हुए प्रशासन ने विद्यार्थियों की सुरक्षा को प्राथमिकता दी है। रांची उपायुक्त द्वारा स्कूलों में अवकाश की घोषणा की गई, जिसका असर आसपास के क्षेत्रों में भी देखा गया। अभिभावकों ने प्रशासन के इस निर्णय को राहत भरा बताया है।
किसानों की बढ़ी चिंता, फसलों पर पाले का खतरा
सबसे बड़ी चिंता किसानों को सता रही है। खेतों में लगी सब्जी और रबी फसलों पर पाले का खतरा मंडरा रहा है। एक स्थानीय किसान ने बताया:
“अगर अगले दो-तीन दिन तक इसी तरह पाला पड़ता रहा, तो फसल को भारी नुकसान हो सकता है।”
किसानों का कहना है कि सब्जी की फसल सबसे ज्यादा प्रभावित हो सकती है, जिससे आर्थिक नुकसान की आशंका है।
प्रशासन और चिकित्सकों की अपील
प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि ठंड से बचाव के लिए आवश्यक सावधानियां बरतें। विशेष रूप से बुजुर्गों और बच्चों को सुबह-शाम बाहर निकलने से बचाने की सलाह दी गई है। चिकित्सकों ने गर्म कपड़े पहनने, गर्म पेय पदार्थों का सेवन करने और ठंड के समय अनावश्यक यात्रा से बचने की सलाह दी है।
न्यूज़ देखो: मौसम की मार और सतर्कता की जरूरत
मैकलुस्कीगंज में तापमान का माइनस में पहुंचना जलवायु के बदलते स्वरूप की गंभीर चेतावनी है। यह स्थिति न केवल जनजीवन बल्कि कृषि व्यवस्था को भी प्रभावित कर रही है। प्रशासन द्वारा स्कूलों में अवकाश जैसे कदम जरूरी हैं, लेकिन किसानों और कमजोर वर्गों के लिए अतिरिक्त सहायता और मार्गदर्शन भी जरूरी है। आने वाले दिनों में मौसम पर नजर और सतर्कता बेहद अहम होगी। हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।
ठंड से बचाव में लापरवाही न करें
कड़ाके की ठंड के इस दौर में अपनी और अपनों की सुरक्षा सबसे जरूरी है। सावधानी बरतें, जरूरतमंदों की मदद करें और मौसम से जुड़ी इस महत्वपूर्ण जानकारी को दूसरों तक पहुंचाएं। अपनी राय कमेंट करें और खबर को साझा कर जागरूकता फैलाएं।




