#लातेहार #महिला_सशक्तिकरण : कौशल प्रशिक्षण और संसाधनों से महिलाओं को मिला स्वरोजगार का नया अवसर।
लातेहार के बनहरदी कोयला खनन परियोजना क्षेत्र में पीवीयूएनएल द्वारा आयोजित दो माह का सिलाई प्रशिक्षण कार्यक्रम सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। कार्यक्रम के समापन पर 40 प्रशिक्षित महिलाओं को सिलाई मशीनें वितरित कर स्वरोजगार की दिशा में आगे बढ़ने का अवसर दिया गया। प्रशिक्षण के दौरान महिलाओं को व्यावहारिक कौशल सिखाए गए और उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाली प्रतिभागियों को सम्मानित भी किया गया। यह पहल क्षेत्र की महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त और आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।
- पीवीयूएनएल बनहरदी कोयला खनन परियोजना के तहत दो माह का सिलाई प्रशिक्षण सफलतापूर्वक संपन्न।
- 40 प्रशिक्षार्थी महिलाओं को सिलाई मशीनें वितरित कर स्वरोजगार का अवसर प्रदान किया गया।
- प्रशिक्षण पूरा करने वाली सभी प्रतिभागियों को प्रमाण-पत्र प्रदान किए गए।
- कौशल आधारित प्रतियोगिता में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाली पांच महिलाओं को सम्मानित किया गया।
- मुख्य कार्यकारी अधिकारी अशोक कुमार सहगल ने महिला आत्मनिर्भरता को विकास की कुंजी बताया।
- स्थानीय ग्रामीणों, अधिकारियों और मीडिया प्रतिनिधियों की उपस्थिति में कार्यक्रम संपन्न हुआ।
लातेहार जिले में महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए पीवीयूएनएल बनहरदी कोयला खनन परियोजना द्वारा संचालित दो माह का सिलाई प्रशिक्षण कार्यक्रम सफलतापूर्वक पूरा किया गया। कार्यक्रम के समापन समारोह में प्रशिक्षण प्राप्त करने वाली 40 महिलाओं को सिलाई मशीनें वितरित की गईं, जिससे वे स्वरोजगार शुरू कर आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बन सकें। इस पहल ने न केवल महिलाओं को एक नया कौशल प्रदान किया है बल्कि उन्हें अपने परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत करने का अवसर भी दिया है।
दो माह के प्रशिक्षण ने बढ़ाया महिलाओं का आत्मविश्वास
पीवीयूएनएल की सामुदायिक विकास पहल के अंतर्गत आयोजित इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में दो बैचों के माध्यम से कुल 40 महिलाओं को सिलाई का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया गया। प्रशिक्षण के दौरान महिलाओं को सिलाई की बुनियादी तकनीकों से लेकर विभिन्न प्रकार के परिधानों की सिलाई तक की जानकारी दी गई।
प्रशिक्षण का उद्देश्य महिलाओं को ऐसा कौशल प्रदान करना था, जिसके माध्यम से वे स्वयं का रोजगार शुरू कर सकें और अपने परिवार की आय में योगदान दे सकें। कार्यक्रम में शामिल महिलाओं ने उत्साहपूर्वक प्रशिक्षण प्राप्त किया और नई संभावनाओं की ओर कदम बढ़ाया।
सिलाई मशीन वितरण से मिला स्वरोजगार का आधार
प्रशिक्षण कार्यक्रम के समापन अवसर पर पीवीयूएनएल के मुख्य कार्यकारी अधिकारी अशोक कुमार सहगल ने सभी 40 प्रशिक्षार्थी महिलाओं के बीच सिलाई मशीनों का वितरण किया। यह कदम महिलाओं को प्रशिक्षण के बाद भी निरंतर कार्य करने और अपनी आय का स्रोत विकसित करने में मदद करेगा।
सिलाई मशीन प्राप्त करने वाली महिलाओं ने इसे अपने जीवन में एक नई शुरुआत बताया। कई प्रतिभागियों ने भविष्य में सिलाई केंद्र खोलने और घरेलू उद्योग के रूप में कार्य शुरू करने की इच्छा भी जताई।
मुख्य कार्यकारी अधिकारी अशोक कुमार सहगल ने कहा: “पीवीयूएनएल स्थानीय समुदायों के सामाजिक एवं आर्थिक विकास के लिए निरंतर कार्य कर रहा है। महिलाओं को कौशल प्रशिक्षण और संसाधन उपलब्ध कराकर उन्हें आत्मनिर्भर बनाने का प्रयास किया जा रहा है, जिससे वे अपने परिवार की आय बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकें।”
प्रतिभाओं को मिला सम्मान
कार्यक्रम के दौरान प्रतिभागियों के उत्साह और कौशल को प्रोत्साहित करने के लिए एक विशेष प्रतियोगिता का आयोजन भी किया गया। प्रतियोगिता में प्रशिक्षण के दौरान अर्जित कौशल का प्रदर्शन कराया गया, जिसमें प्रतिभागियों ने अपनी रचनात्मकता और दक्षता का परिचय दिया।
प्रतियोगिता में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाली पांच महिलाओं को स्मृति-चिह्न और शॉल प्रदान कर सम्मानित किया गया। इस सम्मान ने अन्य प्रतिभागियों को भी आगे बढ़ने और अपने कौशल को बेहतर बनाने के लिए प्रेरित किया।
सभी प्रतिभागियों को मिला प्रमाण-पत्र
प्रशिक्षण कार्यक्रम पूरा करने वाली सभी महिलाओं को प्रमाण-पत्र प्रदान किए गए। यह प्रमाण-पत्र न केवल उनके कौशल का प्रमाण है बल्कि भविष्य में स्वरोजगार या अन्य अवसरों के लिए भी उपयोगी साबित होगा।
प्रशिक्षण प्राप्त महिलाओं ने कहा कि इस कार्यक्रम ने उन्हें आत्मविश्वास दिया है और अब वे अपने दम पर आर्थिक गतिविधियों से जुड़ने के लिए तैयार हैं।
सामुदायिक विकास में पीवीयूएनएल की सक्रिय भूमिका
पीवीयूएनएल द्वारा समय-समय पर क्षेत्र में शिक्षा, स्वास्थ्य, कौशल विकास और महिला सशक्तिकरण से जुड़ी विभिन्न गतिविधियां संचालित की जाती रही हैं। सिलाई प्रशिक्षण कार्यक्रम भी इसी श्रृंखला का हिस्सा है, जिसका उद्देश्य स्थानीय समुदायों को सशक्त बनाना और रोजगार के अवसर उपलब्ध कराना है।
महिलाओं को कौशल और संसाधन उपलब्ध कराकर उन्हें आत्मनिर्भर बनाने की यह पहल ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी मजबूती प्रदान कर सकती है। इससे महिलाओं की सामाजिक भागीदारी और आर्थिक स्वतंत्रता दोनों में वृद्धि होने की उम्मीद है।
कार्यक्रम में मौजूद रहे कई अधिकारी
समापन समारोह के दौरान बनहरदी कोयला खनन परियोजना के महाप्रबंधक निरोद कुमार मलिक, एजीएम (माइनिंग) असीम मिश्रा, एजीएम (एलए/आर एंड आर) आर.बी. सिंह, एजीएम (इन्फ्रा) सिद्धार्थ शंकर सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।
इसके अलावा स्थानीय ग्रामीणों और मीडिया प्रतिनिधियों ने भी कार्यक्रम में भाग लिया तथा महिलाओं की उपलब्धियों की सराहना की।
न्यूज़ देखो: कौशल विकास से आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ता ग्रामीण समाज
महिला सशक्तिकरण केवल नीतियों और घोषणाओं से संभव नहीं होता, बल्कि इसके लिए कौशल, अवसर और संसाधनों की आवश्यकता होती है। पीवीयूएनएल द्वारा संचालित यह पहल इस बात का उदाहरण है कि यदि प्रशिक्षण के साथ रोजगार के साधन भी उपलब्ध कराए जाएं तो महिलाओं के जीवन में वास्तविक परिवर्तन लाया जा सकता है। सिलाई मशीनों का वितरण केवल उपकरण देना नहीं बल्कि आत्मविश्वास, सम्मान और आर्थिक स्वतंत्रता का मार्ग खोलना है। अब आवश्यकता इस बात की है कि ऐसी पहलें लगातार जारी रहें ताकि अधिक से अधिक महिलाएं आत्मनिर्भर बन सकें। हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।
आत्मनिर्भर महिला ही मजबूत परिवार और सशक्त समाज की पहचान
जब एक महिला आर्थिक रूप से सक्षम बनती है तो उसका लाभ पूरे परिवार और समाज को मिलता है। कौशल विकास और स्वरोजगार के अवसर महिलाओं को अपने सपनों को साकार करने का मंच प्रदान करते हैं।
ऐसी पहलें ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के नए रास्ते खोलती हैं और आत्मविश्वास से भरे समाज के निर्माण में योगदान देती हैं। हर व्यक्ति को अपने आसपास की महिलाओं को शिक्षा, कौशल और आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित करना चाहिए।
यदि आपको लगता है कि महिला सशक्तिकरण समाज की सबसे बड़ी ताकत है, तो इस खबर को अधिक से अधिक लोगों तक साझा करें। अपनी राय कमेंट में लिखें और ऐसी प्रेरणादायक पहलों को आगे बढ़ाने में अपनी भागीदारी निभाएं।

