
#विश्रामपुर #शबरी_जयंती : तोलरा पंचायत के केवाल टोला में समिति गठन कर श्रद्धा और उल्लास से आयोजन का निर्णय।
पलामू जिले के विश्रामपुर प्रखंड अंतर्गत तोलरा पंचायत के केवाल टोला में 8 फरवरी को शबरी जयंती का भव्य आयोजन किया जाएगा। आयोजन को लेकर स्थानीय युवाओं ने युवा संघर्ष कमिटी का गठन कर तैयारियां शुरू कर दी हैं। कमिटी में सामाजिक कार्यकर्ता, पंचायत प्रतिनिधि और ग्रामीणों को शामिल किया गया है। आयोजन का उद्देश्य माता शबरी की भक्ति, समर्पण और आदर्शों को समाज तक पहुंचाना है।
- 8 फरवरी को केवाल टोला में शबरी जयंती का आयोजन।
- आयोजन की जिम्मेदारी युवा संघर्ष कमिटी केवाल को।
- शिकेन्द्र भुईयां बने कमिटी अध्यक्ष।
- पंचायत प्रतिनिधियों और ग्रामीणों की सक्रिय भागीदारी।
- माता शबरी की भक्ति और आदर्शों को जन-जन तक पहुंचाने का संकल्प।
पलामू जिले के विश्रामपुर प्रखंड अंतर्गत तोलरा पंचायत के केवाल टोला में आगामी 8 फरवरी को माता शबरी जयंती श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाने का निर्णय लिया गया है। इस अवसर को सफल बनाने के लिए स्थानीय युवाओं और समाजसेवियों की पहल पर युवा संघर्ष कमिटी का गठन किया गया है। आयोजन को लेकर गांव में खासा उत्साह देखा जा रहा है और तैयारियां प्रारंभ कर दी गई हैं।
युवा संघर्ष कमिटी का गठन
शबरी जयंती आयोजन के लिए गठित कमिटी में सर्वसम्मति से शिकेन्द्र भुईयां को अध्यक्ष और संतलाल भुईयां को सचिव बनाया गया है। वहीं राम निवास तिवारी को संरक्षक की जिम्मेदारी सौंपी गई है। कमिटी में सामाजिक, राजनीतिक और पंचायत स्तर के कई सक्रिय लोगों को शामिल किया गया है, ताकि आयोजन को व्यापक जनसमर्थन मिल सके।
पंचायत प्रतिनिधियों की सहभागिता
इस आयोजन में स्थानीय जनप्रतिनिधियों की भी महत्वपूर्ण भूमिका रहेगी। कमिटी में रोहित कुमार तिवारी, मुखिया, तोलरा पंचायत तथा अनुप कुमार सिंह, वार्ड सदस्य को भी शामिल किया गया है। इनके अलावा बिकेश कुमार, रवि प्रसाद राम, इलायची भुईयां, गुड्डू चौधरी, प्रभात कुमार, आसमुनी कुमार, रवि कुमार, अखिलेश कुमार, धर्मेंद्र कुमार, बबलू कुमार, करुण छोटू, दिनेश परदेशी, अमित, सोनू, मिथिलेश, रामजी, हरि, गोबीन, कामेश्वर, प्रमोद, आशीष, उमेश, लालजी, अशोक, रजिनदर, बाबूलाल, सूनील, लवंग, सोनू, पिंटु चौधरी, राजा, श्रवण, प्रदीप, गौतम सहित दर्जनों लोगों को कमिटी में स्थान दिया गया है।
श्रद्धा और उल्लास के साथ आयोजन
कमिटी अध्यक्ष शिकेन्द्र भुईयां ने बताया कि माता शबरी भगवान राम की अनन्य भक्त थीं और उनका जीवन भक्ति, सेवा और समर्पण का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि शबरी जयंती का आयोजन केवल धार्मिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि समाज को भक्ति और नैतिक मूल्यों से जोड़ने का प्रयास है। केवाल टोला में इस दिन पूजा-अर्चना, भजन-कीर्तन और सामाजिक कार्यक्रमों का आयोजन श्रद्धा और उल्लास के साथ किया जाएगा।
समाज में संदेश देने का प्रयास
आयोजन के माध्यम से युवाओं का उद्देश्य नई पीढ़ी को माता शबरी के आदर्शों से परिचित कराना है। कमिटी सदस्यों ने बताया कि माता शबरी का जीवन यह संदेश देता है कि सच्ची भक्ति जाति, वर्ग या स्थिति की मोहताज नहीं होती। इसी संदेश को समाज के हर वर्ग तक पहुंचाने का संकल्प लिया गया है।
ग्रामीणों में दिख रहा उत्साह
शबरी जयंती को लेकर केवाल टोला सहित आसपास के गांवों में भी उत्साह का माहौल है। ग्रामीणों ने आयोजन में बढ़-चढ़कर सहयोग करने की बात कही है। कमिटी द्वारा कार्यक्रम की रूपरेखा तैयार की जा रही है, ताकि आयोजन शांतिपूर्ण और भव्य तरीके से संपन्न हो सके।

न्यूज़ देखो: आस्था के साथ सामाजिक एकता का प्रयास
केवाल में शबरी जयंती का आयोजन केवल धार्मिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि सामाजिक एकता और सांस्कृतिक पहचान को मजबूत करने की पहल है। युवाओं की सक्रिय भागीदारी यह दर्शाती है कि ग्रामीण स्तर पर भी सांस्कृतिक चेतना जीवंत है। अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि आयोजन किस तरह समाज को जोड़ने का संदेश देता है। हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।
भक्ति और संस्कृति से जुड़ने का अवसर
माता शबरी के जीवन से प्रेरणा लेकर समाज में समरसता और सेवा भाव को अपनाना आज की आवश्यकता है। ऐसे आयोजनों में सहभागिता सामाजिक जिम्मेदारी को भी मजबूत करती है। अपनी राय साझा करें, खबर को आगे बढ़ाएं और सांस्कृतिक चेतना को मजबूत करने में अपनी भूमिका निभाएं।







