
#गिरिडीह #नगरनिगमचुनाव : समर्थकों के साथ नामांकन कर विकास और सामाजिक सरोकारों पर फोकस।
गिरिडीह नगर निगम चुनाव के नामांकन के अंतिम दिन बुधवार को वार्ड संख्या 36 से पार्षद प्रत्याशी शगुफ्ता परवीन ने अपना नामांकन पत्र दाखिल किया। वे समर्थकों के साथ उत्साहपूर्ण माहौल में गिरिडीह प्रखंड कार्यालय पहुंचीं। नामांकन के बाद उन्होंने इसे अपनी राजनीतिक यात्रा की नई शुरुआत बताया। उन्होंने वार्ड में बुनियादी सुविधाओं और सामाजिक मुद्दों को प्राथमिकता देने की बात कही।
- नगर निगम नामांकन के अंतिम दिन वार्ड संख्या 36 से शगुफ्ता परवीन ने पर्चा दाखिल किया।
- गिरिडीह प्रखंड कार्यालय में समर्थकों के साथ उत्साहपूर्वक पहुंचीं प्रत्याशी।
- सड़क, जल आपूर्ति, स्वच्छता और शिक्षा को प्रमुख मुद्दा बताया।
- महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों की समस्याओं को सर्वोच्च प्राथमिकता देने का वादा।
गिरिडीह नगर निगम चुनाव को लेकर अंतिम दिन नामांकन प्रक्रिया के दौरान माहौल पूरी तरह चुनावी रंग में नजर आया। इसी क्रम में वार्ड संख्या 36 से पार्षद प्रत्याशी शगुफ्ता परवीन ने अपने समर्थकों के साथ प्रखंड कार्यालय पहुंचकर नामांकन दर्ज कराया। नामांकन के दौरान समर्थकों में खासा उत्साह देखने को मिला और पूरे परिसर में जोश का माहौल रहा।
राजनीतिक सफर की नई शुरुआत
नामांकन के बाद पत्रकारों से बातचीत करते हुए पार्षद प्रत्याशी शगुफ्ता परवीन ने कहा कि यह उनकी राजनीतिक यात्रा की नई और महत्वपूर्ण शुरुआत है। उन्होंने कहा कि वे वार्ड संख्या 36 के हर घर और हर गली तक पहुंचकर लोगों की समस्याओं को समझेंगी और समाधान के लिए पूरी प्रतिबद्धता से काम करेंगी।
शगुफ्ता परवीन ने कहा:
“यह मेरी राजनीतिक यात्रा की नई शुरुआत है और मैं वार्ड 36 के विकास के लिए जी-जान से काम करूंगी।”
बुनियादी सुविधाओं पर रहेगा फोकस
शगुफ्ता परवीन ने स्पष्ट किया कि उनके एजेंडे में सड़क निर्माण, जल आपूर्ति, स्वच्छता अभियान और शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करना प्रमुख रूप से शामिल है। उन्होंने कहा कि बिना मजबूत बुनियादी सुविधाओं के किसी भी वार्ड का विकास संभव नहीं है।
उन्होंने यह भी कहा कि वार्ड में साफ-सफाई और नियमित जल आपूर्ति जैसी समस्याओं को प्राथमिकता के आधार पर हल किया जाएगा।
महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों की चिंता
अपने संबोधन में शगुफ्ता परवीन ने सामाजिक सरोकारों पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों की समस्याओं को वे सर्वोच्च प्राथमिकता देंगी।
उनका कहना था कि महिलाओं की सुरक्षा, बच्चों की शिक्षा और बुजुर्गों को मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराना किसी भी जनप्रतिनिधि की जिम्मेदारी होती है, जिसे वे पूरी ईमानदारी से निभाएंगी।
समर्थकों में दिखा भरोसा
नामांकन के दौरान मौजूद समर्थकों ने कहा कि शगुफ्ता परवीन जमीनी मुद्दों को लेकर गंभीर हैं और वार्ड की वास्तविक समस्याओं को समझती हैं। समर्थकों का मानना है कि यदि उन्हें मौका मिला तो वार्ड 36 में विकास और सामाजिक संतुलन की नई दिशा देखने को मिलेगी।
न्यूज़ देखो: महिला नेतृत्व से बदलेगी वार्ड की तस्वीर
वार्ड 36 से शगुफ्ता परवीन का नामांकन यह संकेत देता है कि नगर निगम चुनाव में महिला नेतृत्व की भूमिका मजबूत हो रही है। उनके एजेंडे में विकास के साथ सामाजिक जिम्मेदारी भी स्पष्ट नजर आती है। अब देखना यह होगा कि वे अपने वादों को जमीन पर कैसे उतारती हैं। चुनावी प्रक्रिया के दौरान जनता की अपेक्षाएं और जवाबदेही सबसे अहम होंगी। हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।
बदलाव की शुरुआत, सहभागिता की जरूरत
लोकतंत्र में हर नई शुरुआत उम्मीद लेकर आती है। वार्ड 36 में विकास और सामाजिक सरोकार तभी मजबूत होंगे जब जनप्रतिनिधि और नागरिक साथ मिलकर काम करें।
अपने वार्ड के मुद्दों को समझें, सवाल करें और सही विकल्प चुनें।
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