शैलेश का जवाहर नवोदय विद्यालय में चयन, रामपुर गांव में खुशी की लहर

शैलेश का जवाहर नवोदय विद्यालय में चयन, रामपुर गांव में खुशी की लहर

author Sonu Kumar
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#Latehar — मेहनत और लगन का फल, शैलेश ने रचा इतिहास, गांव का पहला बच्चा बना जिसने नवोदय में हासिल की सफलता:

  • रामपुर निवासी शैलेश कुमार का नवोदय विद्यालय में चयन
  • गांव के पहले बच्चे ने सफलता हासिल कर बढ़ाया मान
  • शैलेश वर्तमान में संत जोसेफ उच्च विद्यालय का छात्र
  • परिजनों, शिक्षकों और ग्रामीणों ने दी शुभकामनाएं
  • शैलेश ने अपनी सफलता का श्रेय माता-पिता, गुरुजनों और भाई-बहनों को दिया

सफलता की पूरी कहानी

महुआडांड़ प्रखंड मुख्यालय के रामपुर गांव के लिए मंगलवार का दिन गर्व का पल लेकर आया। ग्राम निवासी शिक्षक प्रेम कुमार यादव के सुपुत्र शैलेश कुमार का जवाहर नवोदय विद्यालय में चयन होने की खबर मिलते ही पूरे गांव और परिवार में खुशी की लहर दौड़ गई।

शैलेश, जो संत जोसेफ उच्च विद्यालय का छात्र है, ने नवोदय विद्यालय की प्रवेश परीक्षा में सफल होकर सभी का मान बढ़ाया। शैलेश ने इस परीक्षा के लिए लगन और मेहनत से तैयारी की और अपने बड़े भाई-बहनों से मार्गदर्शन लेकर इस उपलब्धि को हासिल किया।

शैलेश कुमार ने कहा — “यह सफलता मेरे माता-पिता, शिक्षकों और भाई-बहनों के आशीर्वाद और मार्गदर्शन का परिणाम है। मैंने हर दिन मेहनत की और आज उसका फल मिला है।

परिवार और शिक्षकों का गर्व

शैलेश के पिता प्रेम कुमार यादव ने भावुक होकर बताया कि उन्होंने बेटे के लिए किताबें लाकर दी थीं और वह हर दिन आत्मनिर्भर होकर पढ़ाई करता था।

प्रेम कुमार यादव ने कहा — “शैलेश ने अपने परिश्रम और अनुशासन से परिवार और गांव का नाम रोशन किया है। हमें उस पर गर्व है।

वहीं विद्यालय के शिक्षकों ने भी इस उपलब्धि पर शैलेश की सराहना की और उसके उज्ज्वल भविष्य की कामना की है।

गांव के लिए प्रेरणास्रोत

रामपुर गांव के लोगों ने कहा कि शैलेश का यह चयन गांव के अन्य बच्चों को भी प्रेरणा देगा। अब गांव में पढ़ाई को लेकर नई जागरूकता पैदा होगी। ग्रामीणों ने इस उपलब्धि को गांव का गौरव बताया और शैलेश के उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं।

गांव के वरिष्ठ नागरिक रामेश्वर सिंह ने कहा — “शैलेश ने पूरे गांव का सिर गर्व से ऊंचा किया है। यह सफलता पूरे समाज के लिए प्रेरणा है।

न्यूज़ देखो : मेहनत और लगन की कहानी

शैलेश की सफलता इस बात का उदाहरण है कि परिश्रम, आत्मविश्वास और सही मार्गदर्शन से कोई भी लक्ष्य हासिल किया जा सकता है। पढ़ाई को लेकर हर बच्चे में यही जुनून होना चाहिए। जुड़े रहिए ‘न्यूज़ देखो’ के साथ — हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।

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