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विश्व कल्याण आश्रम पहुंचे द्वारका शारदा पीठ के शंकराचार्य स्वामी सदानंद सरस्वती, जगह-जगह हुआ भव्य स्वागत

#आनंदपुर #धार्मिक_आगमन : निशुल्क शिविर के बीच हुआ भव्य स्वागत।

पश्चिम सिंहभूम के आनंदपुर स्थित विश्व कल्याण आश्रम में शुक्रवार शाम द्वारका शारदा पीठ के शंकराचार्य स्वामी श्री सदानंद सरस्वती जी महाराज का आगमन हुआ। नागपुर से राउरकेला होते हुए वे सड़क मार्ग से आश्रम पहुंचे, जहां वैदिक मंत्रोच्चार के बीच पादुका पूजन और स्वागत समारोह आयोजित किया गया। मनोहरपुर से आनंदपुर तक कई स्थानों पर श्रद्धालुओं ने उनका अभिनंदन किया। उनके आगमन को देखते हुए पोसेता स्टेशन पर चार जोड़ी ट्रेनों का अस्थायी ठहराव भी निर्धारित किया गया है।

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  • विश्व कल्याण आश्रम, आनंदपुर में शुक्रवार शाम हुआ आगमन।
  • शास्त्री हितेंद्र पांडे और बसंत बिल्थरे के वैदिक मंत्रोच्चार में पादुका पूजन।
  • नंदपुर चौक, रेलवे फाटक, रायकेरा, ट्रांसफार्मर चौक पर भव्य स्वागत।
  • आनंदपुर के युवकों ने बाइक रैली से काफिले की अगुवाई की।
  • 28 फरवरी से 06 मार्च तक पोसेता स्टेशन पर चार जोड़ी ट्रेनों का ठहराव।

पश्चिम सिंहभूम जिले के आनंदपुर के समीप स्थित विश्व कल्याण आश्रम में संचालित निशुल्क चिकित्सा शिविर के दौरान शुक्रवार को एक विशेष आध्यात्मिक वातावरण देखने को मिला। द्वारका शारदा पीठ के शंकराचार्य स्वामी श्री सदानंद सरस्वती जी महाराज के आगमन से आश्रम परिसर भक्तिमय हो उठा। नागपुर से राउरकेला और वहां से सड़क मार्ग द्वारा आनंदपुर पहुंचे स्वामी जी का श्रद्धालुओं और पुजारियों ने पारंपरिक विधि-विधान से स्वागत किया। पूरे मार्ग में विभिन्न चौक-चौराहों पर रुककर श्रद्धालुओं ने उनका अभिनंदन किया।

वैदिक मंत्रोच्चार के बीच हुआ पादुका पूजन

आश्रम पहुंचने पर पुजारियों द्वारा स्वस्ति वाचन का पाठ किया गया। इसके पश्चात आश्रम की गुरुकुटी में विधिवत पादुका पूजन संपन्न हुआ। इस अवसर पर शास्त्री हितेंद्र पांडे और बसंत बिल्थरे ने वैदिक मंत्रोच्चार किया, जिससे पूरा परिसर आध्यात्मिक ऊर्जा से भर गया। आश्रम प्रभारी ब्रह्मचारी विश्वानन्द जी ने शंकराचार्य स्वामी की पादुकाओं का पूजन किया।

पूजन के दौरान अनेक श्रद्धालु उपस्थित रहे और उन्होंने पूरे अनुशासन व श्रद्धा के साथ कार्यक्रम में भाग लिया। स्वामी जी ने आश्रम में चल रहे निशुल्क चिकित्सा शिविर और अन्य धार्मिक कार्यक्रमों की जानकारी ली तथा व्यवस्थाओं की सराहना की।

श्रद्धालुओं के बीच प्रसाद वितरण और संवाद

कार्यक्रम के उपरांत शंकराचार्य स्वामी ने उपस्थित श्रद्धालुओं के बीच प्रसाद का वितरण किया। इस दौरान आश्रम परिसर में भक्तों की बड़ी संख्या देखी गई। स्वामी जी ने श्रद्धालुओं से संक्षिप्त संवाद भी किया और उन्हें धार्मिक व सामाजिक कार्यों में सक्रिय भागीदारी के लिए प्रेरित किया।

इस अवसर पर इंद्रजीत मल्लिक, शिवप्रताप सिंहदेव, सत्यनारायण हरलालका, हृषिकेश द्विवेदी सहित आश्रम के पुजारीगण एवं आनंदपुर से आए अनेक श्रद्धालु उपस्थित थे। सभी ने शंकराचार्य स्वामी का आशीर्वाद प्राप्त किया।

जगह-जगह हुआ भव्य स्वागत

आश्रम प्रवास के दौरान जगतगुरु शंकराचार्य स्वामी महाराज का मार्ग में विभिन्न स्थानों पर जोरदार स्वागत किया गया। मनोहरपुर के नंदपुर चौक, रेलवे फाटक, रायकेरा, तथा आनंदपुर के ट्रांसफार्मर चौक पर श्रद्धालुओं ने फूल-मालाओं से उनका अभिनंदन किया। कई स्थानों पर काफिला कुछ समय के लिए रुका, जहां स्थानीय लोगों ने आशीर्वाद प्राप्त किया।

आनंदपुर में स्वागत के पश्चात युवकों ने मोटरसाइकिल रैली निकालकर काफिले की अगुवाई की और पूरे उत्साह के साथ शंकराचार्य स्वामी को आश्रम तक पहुंचाया। यह दृश्य पूरे क्षेत्र में आकर्षण का केंद्र बना रहा।

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पोसेता स्टेशन पर ट्रेनों का अस्थायी ठहराव

शंकराचार्य स्वामी के आगमन और आश्रम में चल रहे निशुल्क चिकित्सा शिविर को देखते हुए प्रशासन द्वारा विशेष व्यवस्था की गई है। आश्रम के समीप स्थित पोसेता रेलवे स्टेशन पर चार जोड़ी ट्रेनों का अस्थायी ठहराव सुनिश्चित किया गया है।

इनमें शामिल हैं:
13287 दुर्ग-आरा साउथ बिहार एक्सप्रेस,
13288 आरा-दुर्ग साउथ बिहार एक्सप्रेस,
18477 पूरी-योगनगरी उत्कल एक्सप्रेस,
18478 योगनगरी-पूरी उत्कल एक्सप्रेस,
12871 हावड़ा-टिटलागढ़ इस्पात एक्सप्रेस,
12872 टिटलागढ़-हावड़ा इस्पात एक्सप्रेस,
22861 हावड़ा-कांटाबांजी इस्पात एक्सप्रेस,
22862 कांटाबांजी-हावड़ा इस्पात एक्सप्रेस

इन ट्रेनों का 28 फरवरी से 06 मार्च तक पोसेता स्टेशन पर एक मिनट का अस्थायी ठहराव होगा। इससे श्रद्धालुओं को आश्रम पहुंचने में सुविधा मिलेगी और चिकित्सा शिविर में अधिकाधिक लोगों की भागीदारी सुनिश्चित होगी।

धार्मिक और सामाजिक गतिविधियों का संगम

विश्व कल्याण आश्रम में इन दिनों धार्मिक अनुष्ठानों के साथ-साथ निशुल्क चिकित्सा शिविर का भी संचालन किया जा रहा है। शंकराचार्य स्वामी का आगमन इस आयोजन को और भी विशेष बना रहा है। स्थानीय ग्रामीणों और दूर-दराज से आए श्रद्धालुओं ने इसे क्षेत्र के लिए गौरव का विषय बताया।

आध्यात्मिक कार्यक्रमों और सामाजिक सेवा के इस संगम ने आनंदपुर और आसपास के इलाकों में सकारात्मक वातावरण का निर्माण किया है। आश्रम प्रशासन द्वारा व्यवस्थाओं को सुव्यवस्थित रखने का प्रयास किया गया, जिससे कार्यक्रम शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ।

न्यूज़ देखो: आध्यात्मिक आस्था और जनसेवा का अनूठा संगम

शंकराचार्य स्वामी सदानंद सरस्वती का आनंदपुर आगमन केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि सामाजिक सहभागिता का भी प्रतीक है। निशुल्क चिकित्सा शिविर के साथ उनका प्रवास यह दर्शाता है कि आस्था और सेवा साथ-साथ चल सकती हैं। प्रशासन द्वारा ट्रेनों के अस्थायी ठहराव की व्यवस्था स्थानीय जरूरतों के प्रति संवेदनशीलता को दिखाती है। अब देखना होगा कि ऐसे आयोजन भविष्य में क्षेत्रीय विकास और सामाजिक जागरूकता को किस दिशा में आगे बढ़ाते हैं। हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।

जागरूक समाज की पहचान है आस्था और सहभागिता

धार्मिक आयोजन तभी सार्थक होते हैं जब वे समाज को जोड़ने और सेवा की भावना को मजबूत करने का माध्यम बनें। आनंदपुर में देखने को मिला उत्साह बताता है कि लोग आध्यात्मिक मार्गदर्शन के साथ सामाजिक सरोकारों को भी महत्व दे रहे हैं।

यदि आपके क्षेत्र में भी ऐसे आयोजन हो रहे हैं, तो सक्रिय भागीदारी निभाएं और सकारात्मक पहल का समर्थन करें।

अपनी राय कमेंट में साझा करें, इस खबर को अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाएं और क्षेत्रीय जागरूकता की इस श्रृंखला को मजबूत बनाएं। आपकी सहभागिता ही समाज की असली ताकत है।

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Pramod Mishra

आनंदपुर, पश्चिम सिंहभूम

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