
#रांची – सरहुल पर्व पर आदिवासी परंपरा के साथ सम्मान समारोह:
- कृषि मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की ने वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर को पहनाई आदिवासी पगड़ी
- विधानसभा स्थित कार्यालय में पारंपरिक तरीके से हुआ सम्मान समारोह
- शिल्पी नेहा तिर्की ने सांस्कृतिक आदिवासी साड़ी पहनकर निभाई परंपरा
- 1 अप्रैल को मनाया जाएगा आदिवासियों का प्रमुख पर्व सरहुल
सरहुल पर्व से पहले आदिवासी परंपरा के साथ सम्मान समारोह
झारखंड की कृषि मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की ने मंगलवार को वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर को सरहुल पर्व की बधाई देते हुए आदिवासी परंपरा अनुसार पगड़ी पहनाकर सम्मानित किया। यह सम्मान समारोह विधानसभा स्थित उनके कार्यालय में आयोजित किया गया। इस दौरान मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की पारंपरिक आदिवासी साड़ी में नजर आईं और उन्होंने आदिवासी संस्कृति के महत्व पर प्रकाश डाला।
सरहुल झारखंड का प्रमुख आदिवासी त्योहार है, जो इस साल 1 अप्रैल को मनाया जाएगा। यह पर्व प्रकृति और धरती मां के प्रति कृतज्ञता प्रकट करने का प्रतीक है। इसी उपलक्ष्य में मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की ने सरहुल की शुभकामनाएं देते हुए वित्त मंत्री को आदिवासी परंपरा अनुसार पगड़ी पहनाकर सम्मानित किया।
“सरहुल सिर्फ एक पर्व नहीं, बल्कि हमारी संस्कृति और परंपरा की पहचान है। हमें इसे पूरी श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाना चाहिए।” – शिल्पी नेहा तिर्की, कृषि मंत्री
सरहुल पर्व का सांस्कृतिक महत्व
सरहुल झारखंड के आदिवासी समुदाय के लिए एक महत्वपूर्ण पर्व है, जिसे वसंत ऋतु में पेड़ों में नए पत्ते आने के उपलक्ष्य में मनाया जाता है। इस दौरान धरती माता की पूजा की जाती है और पारंपरिक नृत्य एवं गीतों के माध्यम से हर्षोल्लास व्यक्त किया जाता है। इस पर्व का उद्देश्य प्रकृति के संरक्षण और सामुदायिक सौहार्द को बढ़ावा देना है।
‘न्यूज़ देखो’ की नजर – झारखंड की परंपरा और संस्कृति पर रहेगा फोकस
झारखंड की सांस्कृतिक धरोहर को सहेजने के लिए सरकार द्वारा कई प्रयास किए जा रहे हैं। सरहुल पर्व के अवसर पर आदिवासी परंपराओं को बढ़ावा देने और सम्मान देने की यह पहल महत्वपूर्ण है। ऐसे आयोजनों पर हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।