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Giridih

धूमधाम और श्रद्धा के साथ सम्पन्न हुआ श्री गोपाल गौशाला मेला

#गिरिडीह #पचंबा : उपायुक्त रामनिवास यादव और अनुमंडल पदाधिकारी श्रीकांत विष्पुते की उपस्थिति में गौसेवा और संस्कृति का भव्य संगम
  • पचंबा स्थित श्री गोपाल गौशाला मेला का समापन गुरुवार शाम धूमधाम से हुआ।
  • मुख्य अतिथि उपायुक्त रामनिवास यादव और विशिष्ट अतिथि श्रीकांत यशवंत विष्पुते रहे उपस्थित।
  • सांस्कृतिक कार्यक्रमों में बच्चों ने भक्ति गीत, संगीत और नृत्य प्रस्तुत कर दर्शकों का मन मोह लिया।
  • गौशाला कर्मियों को वस्त्र वितरण और नन्हे कलाकारों को पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया।
  • मेला समिति ने प्रशासन, मीडिया और सहयोगी संस्थाओं का आभार व्यक्त किया।

गिरिडीह के पचंबा स्थित श्री गोपाल गौशाला मेला का समापन गुरुवार की शाम भव्य आयोजन के साथ हुआ। पूरे दिन गौसेवा और सांस्कृतिक कार्यक्रमों का रंग छाया रहा। इस अवसर पर जिले के उपायुक्त रामनिवास यादव मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे, जबकि विशिष्ट अतिथि के रूप में अनुमंडल पदाधिकारी श्रीकांत यशवंत विष्पुते शामिल हुए।

गौसेवा और समर्पण का संगम

कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलन के साथ हुआ। इस अवसर पर गौशाला सचिव प्रवीन बगड़िया, मेला संयोजक मुकेश साहू, सतीश केडिया, प्रदीप डोकानियां, प्रमोद अग्रवाल, संजय बुधौलिया, संजय डगाइच, मुकेश जालान, दिनेश खैतान, राजेश छपरिया, सुदीप राणा, और रवि कुमार सहित कई गणमान्य सदस्य उपस्थित थे।

उपायुक्त रामनिवास यादव ने कहा: “श्री गोपाल गौशाला मेला न केवल आस्था का केंद्र है बल्कि सामाजिक एकता और सेवा भावना का प्रतीक भी है। प्रशासन हर संभव सहयोग देगा ताकि यह परंपरा और सशक्त बने।”

कार्यक्रम के बाद उपायुक्त और उनकी टीम ने चलंत मूर्ति का दर्शन किया और मूर्तिकार की कला की खुलकर सराहना की। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजनों से समाज में श्रद्धा और सेवा की भावना और अधिक गहराती है।

भक्ति और संस्कृति का अनोखा संगम

समापन दिवस पर मंच पर मधुबन वेजिस म्यूजिकल ग्रुप और सरवाणी घोष फ्यूजन डांस स्टूडियो के छोटे बच्चों ने भक्ति गीत, संगीत और नृत्य की मनमोहक प्रस्तुतियाँ दीं। पूरे परिसर में तालियों की गूंज और भक्ति रस का माहौल छा गया।

कार्यक्रम संयोजक मुकेश साहू ने कहा: “यह मेला केवल मनोरंजन का नहीं बल्कि हमारी सांस्कृतिक जड़ों को जीवित रखने का माध्यम है।”

बढ़ती ठंड को देखते हुए कार्यक्रम में गौशाला कर्मियों को ऊनी वस्त्र प्रदान किए गए। वहीं, नन्हे कलाकारों को उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए मुख्य अतिथियों द्वारा ट्रॉफी और उपहार देकर सम्मानित किया गया।

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आभार और सहयोग की भावना

मेला के अंतिम दिन मेला अध्यक्ष श्रीकांत यशवंत विष्पुते, कार्यकारी अध्यक्ष प्रदीप डोकानियां, सचिव प्रवीन बगड़िया और मेला संयोजक मुकेश साहू ने संयुक्त रूप से सभी सहयोगी विभागों और व्यक्तियों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने प्रशासनिक पदाधिकारियों, जिला पुलिस प्रशासन, मीडिया प्रतिनिधियों, सफाई कर्मियों, मेडिकल टीम, नगर निगम, यातायात विभाग, फायर ब्रिगेड, विद्युत और पशुपालन विभाग सहित सभी का धन्यवाद किया जिन्होंने आयोजन को सफल बनाने में भूमिका निभाई।

उन्होंने विशेष रूप से राधे श्याम ग्रुप कोलकाता, फ्यूजन डांस स्टूडियो, और मधुबन वेजिस म्यूजिकल ग्रुप के योगदान की सराहना की।

न्यूज़ देखो: श्रद्धा और सेवा का सशक्त संदेश

यह मेला दिखाता है कि झारखंड की सांस्कृतिक परंपराएँ आज भी समाज को एक सूत्र में बाँधती हैं। श्री गोपाल गौशाला मेला न केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक है, बल्कि यह सामाजिक जिम्मेदारी, सेवा और सहयोग की मिसाल भी है।
ऐसे आयोजन न केवल क्षेत्रीय पहचान को सशक्त बनाते हैं, बल्कि पीढ़ियों को अपनी सांस्कृतिक धरोहर से जोड़ते हैं।
हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।

संस्कृति में है समाज की आत्मा

जब समाज सेवा और श्रद्धा एक मंच पर आती है, तो वह केवल उत्सव नहीं, बल्कि संस्कार बन जाता है। श्री गोपाल गौशाला मेला जैसे आयोजन हमें यह याद दिलाते हैं कि परंपरा और प्रगति साथ-साथ चल सकते हैं।
आइए, हम सब मिलकर अपनी संस्कृति, सेवा और सहअस्तित्व की भावना को आगे बढ़ाएं।
इस खबर को शेयर करें, कमेंट कर अपनी राय दें, और ऐसे आयोजनों को समाज में प्रेरणा का स्रोत बनाएं।

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Surendra Verma

डुमरी, गिरिडीह

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