सिमडेगा: जलडेगा में CINI ने पोषण माह 2025 के तहत नुक्कड़ नाटक और भोजन प्रदर्शन आयोजित कर समुदाय को जागरूक किया

सिमडेगा: जलडेगा में CINI ने पोषण माह 2025 के तहत नुक्कड़ नाटक और भोजन प्रदर्शन आयोजित कर समुदाय को जागरूक किया

author Birendra Tiwari
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#सिमडेगा #पोषण_माह : तंगिया और सरई टोली में CINI द्वारा लोक कला और भोजन प्रदर्शन के माध्यम से बच्चों और माताओं के पोषण एवं स्वास्थ्य पर ध्यान आकर्षित किया गया
  • तंगिया गांव में CINI द्वारा नुक्कड़ नाटक के माध्यम से कुपोषण पर जागरूकता।
  • महिला पर्यवेक्षिका ने स्तनपान और अर्धठोस आहार पर प्रशिक्षण दिया।
  • पतिअम्बा पंचायत के सरई टोली में पोषण माह के अवसर पर विशेष कार्यक्रम।
  • ब्लॉक कोऑर्डिनेटर ने संतुलित आहार और वृद्धि निगरानी पर जानकारी दी।
  • ग्रामीण महिलाओं और धात्री माताओं के लिए मड़ुआ हलवा और पौष्टिक भोजन प्रदर्शन।
  • सहिया ने स्वास्थ्य, नारी सशक्त परिवार और एनीमिया के महत्व पर संदेश दिया।

आज दिनांक 24 सितंबर 2025 को सिमडेगा के जलडेगा क्षेत्र में CINI ने पोषण माह 2025 के तहत तंगिया गांव और पतिअम्बा पंचायत के सरई टोली में विशेष कार्यक्रम आयोजित किया। कार्यक्रम में समुदाय और लाभार्थियों के बीच लोक कला और सांस्कृतिक माध्यम से कुपोषण और स्वास्थ्य संबंधी जागरूकता फैलाने पर जोर दिया गया।

नुक्कड़ नाटक से जागरूकता फैलाना

तंगिया गांव में आयोजित नुक्कड़ नाटक में कलाकारों ने गीत और नृत्य के माध्यम से यह समझाया कि कुपोषण बच्चों के शारीरिक और मानसिक विकास को कैसे प्रभावित करता है। इस दौरान महिला पर्यवेक्षिका ने उपस्थित माताओं, गर्भवती महिलाओं और किशोरियों को जन्म से दो वर्ष तक स्तनपान, छह माह के बाद अर्धठोस आहार और संतुलित पोषण के महत्व के बारे में जानकारी दी।

महिला पर्यवेक्षिका ने कहा: “जन्म से छह माह तक शिशु को केवल स्तनपान कराना और उसके बाद अर्धठोस आहार देना बच्चे की सेहत और विकास के लिए बेहद आवश्यक है।”

पोषण और वृद्धि निगरानी पर जानकारी

CINI के ब्लॉक कोऑर्डिनेटर ने बच्चों की वृद्धि निगरानी (Growth Monitoring) और संतुलित आहार के महत्व पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि घर पर उपलब्ध स्थानीय खाद्य सामग्री जैसे साग-सब्ज़ी, दाल, दूध और मड़ुआ आटे की रोटियों का उपयोग करके आसानी से पोषणयुक्त भोजन तैयार किया जा सकता है।

भोजन प्रदर्शन और सामुदायिक सहभागिता

कार्यक्रम में मड़ुआ का हलवा बनाया गया, जिसमें गुड़ का इस्तेमाल कर इसे पौष्टिक और सुपाच्य बनाया गया। महिला पर्यवेक्षिका और ग्रामीण महिलाएं मिलकर इसे तैयार करने की प्रक्रिया सीखाईं। धात्री माताओं को भी यह दिखाया गया कि कैसे घर पर पोषणयुक्त और सुपाच्य भोजन तैयार किया जा सकता है। कार्यक्रम में ग्रामीणों की उत्सुकता और सहभागिता देखने लायक रही।

CINI ब्लॉक कोऑर्डिनेटर ने कहा: “स्थानीय सामग्री का सही उपयोग कर बच्चों और परिवार के लिए पोषण सुनिश्चित करना संभव है।”

साथ ही सहिया ने स्वास्थ्य नारी सशक्त परिवार, एनीमिया और पोषण संबंधी जानकारी दी। इस प्रकार यह कार्यक्रम न केवल पोषण माह की थीम के अनुरूप था बल्कि समुदाय को स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित करने वाला साबित हुआ।

न्यूज़ देखो: समुदाय और माताओं के बीच पोषण जागरूकता का सफल प्रयास

तंगिया और सरई टोली में आयोजित यह कार्यक्रम दिखाता है कि लोक कला और व्यावहारिक प्रदर्शन के माध्यम से कुपोषण और स्वास्थ्य संबंधी संदेश ग्रामीण समाज तक प्रभावी ढंग से पहुँचाया जा सकता है। माताओं और महिलाओं की सक्रिय भागीदारी ने इसे और अधिक सजीव और प्रभावशाली बनाया।

हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।

स्वस्थ परिवार और बच्चों के लिए पोषण अपनाएं और दूसरों को भी जागरूक करें

स्थानीय समुदायों में पोषण और स्वास्थ्य पर जागरूकता फैलाना सभी का कर्तव्य है। माता-पिता और लाभार्थियों के लिए सही पोषण सुनिश्चित करना आवश्यक है। अपने अनुभव साझा करें, इस खबर को दोस्तों और परिवार के साथ साझा करें और स्वस्थ जीवनशैली के महत्व को बढ़ावा दें।

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सिमडेगा

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