
#सिमडेगा #शिक्षा_सम्मान : कोलकाता में आयोजित राष्ट्रीय कार्यक्रम में सहभागी कंप्यूटर एजुकेशन को मिला पुरस्कार।
राष्ट्रीय कंप्यूटर शिक्षा परिषद द्वारा कोलकाता में आयोजित सम्मान समारोह में सहभागी कंप्यूटर एजुकेशन, सिमडेगा को उत्कृष्ट एवं गुणवत्तापूर्ण कंप्यूटर शिक्षा के लिए पुरस्कृत किया गया। इस कार्यक्रम में देशभर से तीन हजार से अधिक कंप्यूटर प्रशिक्षण संस्थानों ने भाग लिया, जिनमें सहभागी कंप्यूटर एजुकेशन ने अपनी विशिष्ट पहचान बनाई। इंडियन एक्टर्स कौशिक बनर्जी के हाथों संस्थान के निदेशक निशांत कुमार और बिपुल कुमार को मोमेंटो और प्रमाण पत्र प्रदान किया गया। यह सम्मान झारखंड के एक जिला मुख्यालय से निकलकर राष्ट्रीय स्तर पर शिक्षा गुणवत्ता की मजबूत उपस्थिति को दर्शाता है।
- राष्ट्रीय कंप्यूटर शिक्षा परिषद द्वारा कोलकाता में सम्मान समारोह का आयोजन।
- देशभर से 3000 से अधिक कंप्यूटर इंस्टीट्यूट कार्यक्रम में हुए शामिल।
- सहभागी कंप्यूटर एजुकेशन, सिमडेगा को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के लिए सम्मान।
- इंडियन एक्टर कौशिक बनर्जी ने निदेशकों को किया सम्मानित।
- निशांत कुमार और बिपुल कुमार को मोमेंटो व प्रमाण पत्र प्रदान।
सिमडेगा जिले के लिए यह एक गौरवपूर्ण क्षण रहा जब स्थानीय स्तर पर संचालित सहभागी कंप्यूटर एजुकेशन को राष्ट्रीय मंच पर सम्मान मिला। राष्ट्रीय कंप्यूटर शिक्षा परिषद द्वारा कोलकाता में आयोजित इस भव्य कार्यक्रम में देश के विभिन्न राज्यों से आए हजारों कंप्यूटर प्रशिक्षण संस्थानों ने भाग लिया। ऐसे प्रतिस्पर्धात्मक माहौल में सिमडेगा जैसे जिले के संस्थान का चयन होना यह साबित करता है कि गुणवत्ता, अनुशासन और समर्पण के बल पर छोटे शहर भी बड़ी पहचान बना सकते हैं। कार्यक्रम में शिक्षा जगत, प्रशिक्षण संस्थानों और विशिष्ट अतिथियों की उपस्थिति ने आयोजन को विशेष बना दिया।
राष्ट्रीय मंच पर सिमडेगा की शैक्षणिक उपलब्धि
कोलकाता में आयोजित इस राष्ट्रीय स्तर के कार्यक्रम में करीब तीन हजार से अधिक कंप्यूटर इंस्टीट्यूट शामिल हुए थे। सभी संस्थानों का मूल्यांकन उनके शैक्षणिक स्तर, प्रशिक्षण गुणवत्ता, विद्यार्थियों के प्रदर्शन और सामाजिक योगदान के आधार पर किया गया। इस कड़ी प्रक्रिया के बाद सहभागी कंप्यूटर एजुकेशन, सिमडेगा को बेहतर और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करने वाले संस्थान के रूप में चुना गया।
यह उपलब्धि केवल एक संस्थान की नहीं, बल्कि पूरे सिमडेगा जिले की शैक्षणिक पहचान को मजबूत करने वाली मानी जा रही है।
सम्मान समारोह में प्रमुख अतिथि की भूमिका
सम्मान समारोह में इंडियन एक्टर्स कौशिक बनर्जी मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। उन्होंने चयनित संस्थानों के प्रतिनिधियों को मंच पर आमंत्रित कर सम्मानित किया।
इस अवसर पर कौशिक बनर्जी ने कहा:
कौशिक बनर्जी ने कहा: “देश के अलग-अलग हिस्सों में इस तरह के संस्थान गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के माध्यम से युवाओं को आत्मनिर्भर बना रहे हैं, जो समाज और राष्ट्र दोनों के लिए महत्वपूर्ण है।”
उनके हाथों सहभागी कंप्यूटर एजुकेशन के निदेशक निशांत कुमार और बिपुल कुमार को मोमेंटो और प्रमाण पत्र प्रदान किया गया, जिससे सिमडेगा का नाम राष्ट्रीय मंच पर गूंज उठा।
निदेशकों ने टीमवर्क को दिया श्रेय
सम्मान प्राप्त करने के बाद सहभागी कंप्यूटर एजुकेशन के निदेशक निशांत कुमार ने अपनी प्रतिक्रिया साझा की। उन्होंने कहा:
निशांत कुमार ने कहा: “यह सम्मान किसी एक व्यक्ति का नहीं, बल्कि हमारे संस्थान में कार्यरत सभी सहकर्मियों के परिश्रम, लगन और अनुशासन का परिणाम है।”
उन्होंने आगे कहा कि संस्थान का उद्देश्य केवल कंप्यूटर शिक्षा देना नहीं, बल्कि छात्रों को रोजगारोन्मुखी कौशल से जोड़ना है, ताकि वे भविष्य में आत्मनिर्भर बन सकें। निदेशक बिपुल कुमार ने भी इस उपलब्धि को टीम के सामूहिक प्रयास का नतीजा बताया और आने वाले समय में शिक्षा की गुणवत्ता को और बेहतर करने की प्रतिबद्धता जताई।
स्थानीय स्तर से राष्ट्रीय पहचान तक का सफर
सिमडेगा जैसे आदिवासी बहुल और अपेक्षाकृत छोटे जिले में कंप्यूटर शिक्षा के क्षेत्र में लगातार कार्य करना आसान नहीं रहा है। सीमित संसाधनों और चुनौतियों के बावजूद सहभागी कंप्यूटर एजुकेशन ने निरंतरता और गुणवत्ता को प्राथमिकता दी। यही कारण है कि आज यह संस्थान राष्ट्रीय स्तर पर पहचान बनाने में सफल हुआ है।
इस उपलब्धि ने यह संदेश दिया है कि यदि दृष्टि स्पष्ट हो और मेहनत निरंतर हो, तो भौगोलिक सीमाएं सफलता में बाधा नहीं बनतीं।
छात्रों और शिक्षा जगत में खुशी का माहौल
सम्मान की खबर मिलते ही संस्थान से जुड़े छात्रों, प्रशिक्षकों और शिक्षा जगत में खुशी का माहौल देखा गया। छात्रों ने इसे अपने संस्थान की विश्वसनीयता और भविष्य की संभावनाओं से जोड़कर देखा। कई अभिभावकों ने भी इस उपलब्धि को अपने बच्चों के लिए भरोसे का आधार बताया।
स्थानीय शिक्षाविदों का मानना है कि इस तरह के राष्ट्रीय सम्मान से जिले में शिक्षा के प्रति सकारात्मक माहौल बनेगा और अन्य संस्थान भी गुणवत्ता सुधार की दिशा में प्रेरित होंगे।
न्यूज़ देखो: गुणवत्ता ही पहचान की सबसे बड़ी ताकत
सहभागी कंप्यूटर एजुकेशन, सिमडेगा को मिला यह सम्मान साबित करता है कि शिक्षा में गुणवत्ता और समर्पण का कोई विकल्प नहीं है। यह उपलब्धि स्थानीय संस्थानों के लिए प्रेरणा है कि वे सीमित संसाधनों के बावजूद राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बना सकते हैं। साथ ही, यह जिम्मेदारी भी बढ़ाती है कि इस मानक को भविष्य में बनाए रखा जाए। अब देखना यह होगा कि क्या इस सफलता के बाद जिले में कंप्यूटर और तकनीकी शिक्षा का दायरा और व्यापक हो पाएगा। हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।
छोटे शहरों से बड़ी उड़ान, शिक्षा के भरोसे भविष्य निर्माण
यह सम्मान केवल एक मोमेंटो या प्रमाण पत्र नहीं, बल्कि उन हजारों छात्रों की उम्मीदों का प्रतीक है जो बेहतर भविष्य की तलाश में शिक्षा का सहारा लेते हैं। जब किसी जिले का संस्थान राष्ट्रीय मंच पर सम्मान पाता है, तो पूरे क्षेत्र में आत्मविश्वास का संचार होता है।





