
#छिपादोहर #रोजगार_योजना : महिलाओं को मिला प्रशिक्षण का अवसर।
बरवाडीह प्रखंड के छिपादोहर पूर्वी वन क्षेत्र में पलामू टाइगर रिजर्व की हुनर से रोजगार योजना के तहत 30 महिलाओं को सिलाई और हस्तकला का विशेष प्रशिक्षण दिया जा रहा है। इस पहल का उद्देश्य ग्रामीण महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाना है। मंगलवार को डीएफओ प्रजेशकांत जेना और रेंजर अजय टोप्पो ने प्रशिक्षण केंद्र का निरीक्षण कर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। यह कार्यक्रम महिलाओं के लिए सम्मानजनक स्वरोजगार की नई राह खोल रहा है।
- हुनर से रोजगार योजना के तहत प्रशिक्षण।
- कुल 30 महिलाएं ले रही हैं सिलाई प्रशिक्षण।
- संचालन पलामू व्याघ्र परियोजना झारखंड द्वारा।
- अधिकारियों ने किया केंद्र का निरीक्षण।
- प्रशिक्षण को स्वरोजगार से जोड़ने पर जोर।
बरवाडीह प्रखंड अंतर्गत छिपादोहर पूर्वी वन क्षेत्र में महिलाओं के सशक्तिकरण की दिशा में वन विभाग द्वारा एक महत्वपूर्ण और सराहनीय कदम उठाया गया है। पलामू टाइगर रिजर्व के अंतर्गत चलाई जा रही हुनर से रोजगार योजना ग्रामीण महिलाओं के लिए वरदान साबित हो रही है। इस योजना के तहत महिलाओं को सिलाई, कढ़ाई और हस्तकला का व्यवस्थित प्रशिक्षण प्रदान किया जा रहा है, ताकि वे अपने कौशल के माध्यम से आर्थिक रूप से मजबूत बन सकें।
मंगलवार को इस प्रशिक्षण कार्यक्रम की जमीनी हकीकत जानने के लिए जिला स्तरीय अधिकारियों ने केंद्र का दौरा किया और महिलाओं से सीधा संवाद स्थापित किया। यह पहल पलामू टाइगर रिजर्व प्रशासन के सामाजिक दायित्वों के निर्वहन का सकारात्मक उदाहरण मानी जा रही है।
हुनर से आत्मनिर्भरता की ओर कदम
पलामू टाइगर रिजर्व के अंतर्गत संचालित इस विशेष कार्यक्रम में छिपादोहर पूर्वी प्रक्षेत्र की कुल 30 महिलाएं नियमित रूप से सिलाई प्रशिक्षण प्राप्त कर रही हैं। यह प्रशिक्षण सिलाई प्रशिक्षण एवं हस्तकला कार्यक्रम के तहत दिया जा रहा है, जिसका संचालन पलामू व्याघ्र परियोजना (झारखंड) द्वारा किया जा रहा है।
गरीब और ग्रामीण पृष्ठभूमि से आने वाली इन महिलाओं के लिए यह प्रशिक्षण उनके जीवन में बड़े बदलाव की संभावना लेकर आया है। पहले जहां रोजगार के अवसर सीमित थे, वहीं अब महिलाएं सिलाई कौशल सीखकर अपने परिवार की आजीविका में योगदान देने के लिए तैयार हो रही हैं।
महिलाओं का कहना है कि इस योजना के माध्यम से उन्हें घर के नजदीक ही काम सीखने का अवसर मिला है। इससे न केवल उनका आत्मविश्वास बढ़ा है, बल्कि भविष्य को लेकर एक नई उम्मीद भी जगी है।
अधिकारियों ने किया प्रशिक्षण केंद्र का निरीक्षण
मंगलवार को प्रशिक्षण कार्यक्रम का जायजा लेने के लिए डीएफओ प्रजेशकांत जेना तथा छिपादोहर पूर्वी प्रक्षेत्र के रेंजर अजय टोप्पो ने प्रशिक्षण केंद्र का विधिवत निरीक्षण किया। इस दौरान अधिकारियों ने केंद्र में मौजूद महिलाओं से बातचीत की और प्रशिक्षण से जुड़ी समस्याओं को गंभीरता से सुना।
निरीक्षण के दौरान प्रभारी वनपाल नवीन प्रसाद, राम कश्यप, शशांक पांडे, राहुल कुमार, सत्यनारायण उरांव, दिलीप कुमार सहित कई वनकर्मी भी उपस्थित रहे। अधिकारियों ने प्रशिक्षण की गुणवत्ता, संसाधनों की उपलब्धता और महिलाओं की प्रगति की समीक्षा की।
डीएफओ प्रजेशकांत जेना ने कहा:
प्रजेशकांत जेना ने कहा: “पलामू टाइगर रिजर्व के माध्यम से चलाया जा रहा यह प्रशिक्षण कार्यक्रम महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने का सशक्त माध्यम है। हमारा प्रयास है कि महिलाएं इस कौशल को सीखकर स्वरोजगार से जुड़ें और बेहतर आय अर्जित करें।”
उन्होंने यह भी कहा कि प्रशिक्षण प्राप्त करने वाली महिलाएं यदि समूह बनाकर कार्य करेंगी, तो बाजार में उन्हें अधिक अवसर प्राप्त होंगे।
प्रशिक्षण को रोजगार से जोड़ने पर विशेष जोर
निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने महिलाओं को कई महत्वपूर्ण सुझाव दिए। उन्होंने नियमित अभ्यास करने, आधुनिक डिज़ाइन सीखने और बाजार की मांग के अनुरूप कपड़े तैयार करने की सलाह दी।
रेंजर अजय टोप्पो ने कहा:
अजय टोप्पो ने कहा: “हुनर से रोजगार योजना का असली लक्ष्य तभी पूरा होगा जब प्रशिक्षण ले रही महिलाएं इसे अपनी आय का जरिया बनाएं। वन विभाग हर स्तर पर उनका मार्गदर्शन और सहयोग करता रहेगा।”
अधिकारियों ने महिलाओं को समूह बनाकर काम करने और स्थानीय बाजार से जुड़ने के लिए प्रेरित किया। उनका मानना है कि इस तरह के कार्यक्रम महिलाओं के साथ-साथ उनके परिवारों की आर्थिक स्थिति को भी मजबूती प्रदान करेंगे।
अग्रणी संस्था कर रही है संचालन
उल्लेखनीय है कि इस प्रशिक्षण कार्यक्रम का संचालन क्षेत्र की अग्रणी संस्था अग्रणी स्किल डेवलपमेंट सोसायटी द्वारा किया जा रहा है। संस्था की ओर से महिलाओं को अनुभवी प्रशिक्षकों के माध्यम से व्यवस्थित प्रशिक्षण दिया जा रहा है।
केंद्र में सिलाई मशीन, कच्चा माल और अन्य जरूरी संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित की गई है। संस्था के प्रतिनिधियों ने बताया कि प्रशिक्षण पूरा होने के बाद महिलाओं को स्वरोजगार शुरू करने में भी मार्गदर्शन दिया जाएगा।
महिलाओं ने व्यक्त किया आभार
इस पहल से लाभान्वित हो रही स्थानीय महिलाओं ने वन विभाग एवं पलामू टाइगर रिजर्व प्रशासन के प्रति आभार व्यक्त किया है। महिलाओं के अनुसार यह प्रशिक्षण उनके लिए आत्मनिर्भरता और सम्मानजनक रोजगार का मजबूत आधार बन रहा है।
ग्रामीणों ने भी इस कार्यक्रम की सराहना करते हुए कहा कि इससे क्षेत्र की महिलाएं सशक्त बनेंगी और पलायन की समस्या में कमी आएगी। ऐसे प्रशिक्षण कार्यक्रम समाज में सकारात्मक बदलाव का माध्यम बनते हैं।
योजना से घटेगा पलायन, बढ़ेगा महिला सशक्तिकरण
लातेहार जैसे पिछड़े और वनांचल क्षेत्र में रोजगार की कमी के कारण अक्सर लोग दूसरे राज्यों की ओर पलायन करते हैं। ऐसे में महिलाओं को स्थानीय स्तर पर प्रशिक्षण देकर रोजगार से जोड़ना एक दूरगामी सोच वाला कदम है।
इस कार्यक्रम से यह उम्मीद मजबूत हुई है कि भविष्य में छिपादोहर पूर्वी वन क्षेत्र की महिलाएं छोटे-छोटे उद्योग शुरू कर अपनी आर्थिक स्थिति को बेहतर बना सकेंगी। यह योजना झारखंड सरकार की महिला सशक्तिकरण नीति को जमीनी स्तर पर प्रभावी बनाने का भी प्रयास है।
न्यूज़ देखो: महिलाओं के भविष्य की उम्मीद
यह खबर दिखाती है कि पलामू टाइगर रिजर्व प्रशासन केवल वन संरक्षण तक सीमित नहीं, बल्कि सामाजिक विकास में भी सक्रिय भूमिका निभा रहा है। हुनर से रोजगार योजना के तहत महिलाओं को प्रशिक्षण देकर उन्हें आत्मनिर्भर बनाना बेहद महत्वपूर्ण पहल है। आगे यह देखना अहम होगा कि प्रशिक्षण प्राप्त महिलाएं किस तरह बाजार से जुड़कर स्वरोजगार शुरू करती हैं। क्या इस योजना का विस्तार अन्य गांवों तक भी होगा, यह बड़ा सवाल है। हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।
प्रेरणा, सम्मान और रोजगार की नई राह
ग्रामीण महिलाओं की सच्ची ताकत उनका हुनर है।
वन विभाग की यह पहल समाजहित में बड़ा बदलाव लाएगी।
आप भी अपने क्षेत्र की महिलाओं को ऐसे कार्यक्रमों से जोड़ें।
समूह बनाकर काम करें और आत्मनिर्भरता का संकल्प लें।
यह कार्यक्रम केवल प्रशिक्षण नहीं, बल्कि नई शुरुआत है।
खबर को अधिक से अधिक साझा करें।
अपनी राय कमेंट करें और महिलाओं का उत्साह बढ़ाएं।
सामाजिक सरोकार के ऐसे प्रयासों को समर्थन दें।





