SKMU दुमका में गणतंत्र दिवस पर कुलपति ने किया तिरंगा फहराया और छात्रों को प्रेरित

SKMU दुमका में गणतंत्र दिवस पर कुलपति ने किया तिरंगा फहराया और छात्रों को प्रेरित

author Saroj Verma
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#दुमका #गणतंत्र_दिवस : प्रो. कुनुल कंदीर ने छात्रों को शिक्षा और कर्तव्य के महत्व का संदेश दिया।

सिदो कान्हु मुर्मू विश्वविद्यालय, दुमका में 77वें गणतंत्र दिवस के अवसर पर कुलपति प्रो. कुनुल कंदीर ने ध्वजारोहण किया। कार्यक्रम में वीर सिदो-कान्हु की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया गया और छात्रों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा तथा व्यक्तित्व विकास के लिए प्रेरित किया गया। कुलपति ने ‘गुरुजी क्रेडिट कार्ड योजना’ के लाभ और महिलाओं की शिक्षा में भागीदारी को भी महत्वपूर्ण बताया। इस अवसर पर छात्रों और विश्वविद्यालय कर्मचारियों ने सक्रिय सहभागिता दिखाई।

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  • 77वें गणतंत्र दिवस पर SKMU दुमका में ध्वजारोहण किया गया।
  • वीर सिदो-कान्हु की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया गया।
  • कुलपति प्रो. कुनुल कंदीर ने छात्रों को शिक्षा और व्यक्तित्व विकास के महत्व का संदेश दिया।
  • गुरुजी क्रेडिट कार्ड योजना का लाभ उठाने के लिए छात्रों को प्रेरित किया।
  • महिलाओं की शिक्षा और सहभागिता को सराहा गया।
  • छात्रों और कर्मचारियों ने उत्साहपूर्वक कार्यक्रम में भाग लिया।

दुमका में सिदो कान्हु मुर्मू विश्वविद्यालय ने 77वें गणतंत्र दिवस को भव्य रूप से मनाया। कार्यक्रम की शुरुआत कुलपति प्रो. कुनुल कंदीर द्वारा ध्वजारोहण से हुई। इसके बाद वीर सिदो-कान्हु की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उनका सम्मान किया गया। इस अवसर पर छात्रों को केवल शिक्षा ग्रहण करने ही नहीं, बल्कि अपने कर्तव्यों को समझने की भी प्रेरणा दी गई।

कुलपति का संदेश और छात्र प्रेरणा

कुलपति प्रो. कुनुल कंदीर ने छात्रों से कहा कि केवल अधिकारों की समझ ही पर्याप्त नहीं है, कर्तव्यों को समझकर ही देश महान बन सकता है। उन्होंने गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और व्यक्तित्व विकास के महत्व पर जोर दिया।

प्रो. कुनुल कंदीर ने कहा: “हमें अपने अधिकारों के साथ-साथ कर्तव्यों को भी समझना होगा तभी देश महान बनेगा।”

साथ ही कुलपति ने छात्रों को ‘गुरुजी क्रेडिट कार्ड योजना’ का लाभ उठाने के लिए प्रेरित किया, जिससे वे वित्तीय सशक्तिकरण और शिक्षा में समान अवसर प्राप्त कर सकें।

महिलाओं की शिक्षा और विश्वविद्यालय का दृष्टिकोण

कार्यक्रम में महिलाओं की शिक्षा में भागीदारी को भी सराहा गया। कुलपति ने कहा कि शिक्षा में समान अवसर और लैंगिक समावेशन से विश्वविद्यालय और समाज दोनों को लाभ होगा। छात्रों ने कुलपति के मार्गदर्शन में अपने कर्तव्यों और शिक्षा के महत्व को बेहतर तरीके से समझा।

छात्र और कर्मचारी सहभागिता

विश्वविद्यालय के छात्र और कर्मचारी कार्यक्रम में सक्रिय रूप से शामिल रहे। ध्वजारोहण और माल्यार्पण के बाद सांस्कृतिक और राष्ट्रभक्ति गीतों ने कार्यक्रम का माहौल और भी प्रेरणादायक बना दिया।

न्यूज़ देखो: शिक्षा और जिम्मेदारी का संगम

न्यूज़ देखो: SKMU में गणतंत्र दिवस पर शिक्षा और राष्ट्रभक्ति का संदेश

इस कार्यक्रम ने स्पष्ट किया कि शिक्षा केवल किताबों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह छात्रों में जिम्मेदारी, कर्तव्य और सामाजिक जागरूकता भी पैदा करती है। कुलपति के संदेश ने छात्रों को अपने अधिकारों और कर्तव्यों के प्रति सजग होने के लिए प्रेरित किया। विश्वविद्यालय में इस तरह की पहलों से शिक्षा और व्यक्तित्व विकास दोनों को मजबूती मिलती है। हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।

शिक्षा और कर्तव्य से बनाएं सशक्त समाज

गणतंत्र दिवस हमें यह याद दिलाता है कि राष्ट्र केवल अधिकारों के माध्यम से नहीं, बल्कि कर्तव्यों और जिम्मेदारियों के पालन से महान बनता है।
आप भी अपने कर्तव्यों और अधिकारों के प्रति सजग रहें, इस खबर को साझा करें और समाज में जागरूकता फैलाने में योगदान दें।

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Written by

दुमका/देवघर

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