
#चन्द्रपुरा #डिजिटल_शिक्षा : डीवीसी सीएसआर सहयोग से स्कूल में आधुनिक शिक्षण सुविधा शुरू।
चन्द्रपुरा प्रखंड के राजकीय उच्च विद्यालय तारानारी में स्मार्ट बोर्ड की सुविधा का शुभारंभ किया गया। यह पहल डुमरी विधायक जयराम कुमार महतो के प्रयास से डीवीसी के सीएसआर फंड के माध्यम से संभव हुई। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों को तकनीक आधारित गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराना है। इस सुविधा से विद्यालय में पठन-पाठन की प्रक्रिया को अधिक प्रभावी और आधुनिक बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है।
- राजकीय उच्च विद्यालय, तारानारी में स्मार्ट बोर्ड सुविधा की शुरुआत।
- पहल डुमरी विधायक जयराम कुमार महतो के प्रयास से हुई।
- डीवीसी सीएसआर फंड से उपलब्ध कराई गई आधुनिक शैक्षणिक व्यवस्था।
- डिजिटल माध्यम से छात्र-छात्राओं को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिलने की उम्मीद।
- विद्यालय प्रबंधन और शिक्षकों ने पहल का स्वागत किया।
चन्द्रपुरा प्रखंड के शैक्षणिक क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण कदम के रूप में राजकीय उच्च विद्यालय, तारानारी में स्मार्ट बोर्ड की सुविधा शुरू की गई है। इस पहल का उद्देश्य विद्यालय के विद्यार्थियों को पारंपरिक शिक्षा के साथ-साथ आधुनिक तकनीक से जोड़ना है, ताकि वे बदलते समय और शैक्षणिक आवश्यकताओं के अनुरूप खुद को तैयार कर सकें। डिजिटल शिक्षा की यह व्यवस्था विद्यालय के शैक्षणिक माहौल को नई दिशा देने वाली मानी जा रही है।
विधायक की पहल से संभव हुआ डिजिटल कदम
डुमरी के माननीय विधायक जयराम कुमार महतो की पहल पर इस परियोजना को धरातल पर उतारा गया। डीवीसी के सीएसआर फंड के सहयोग से विद्यालय में स्मार्ट बोर्ड की स्थापना की गई, जिससे यह स्पष्ट होता है कि जनप्रतिनिधि और सार्वजनिक संस्थान मिलकर शिक्षा के क्षेत्र में सकारात्मक बदलाव ला सकते हैं। विधायक की इस पहल को स्थानीय स्तर पर शिक्षा के प्रति प्रतिबद्धता के रूप में देखा जा रहा है।
छात्रों के लिए तकनीक आधारित सीखने का अवसर
स्मार्ट बोर्ड की सुविधा से अब छात्र-छात्राएं दृश्य और श्रव्य माध्यमों के जरिए विषयों को बेहतर ढंग से समझ सकेंगे। डिजिटल कंटेंट, प्रेजेंटेशन और शैक्षणिक वीडियो के माध्यम से कठिन विषयों को भी सरल बनाया जा सकेगा। इससे विद्यार्थियों की रुचि बढ़ेगी और सीखने की प्रक्रिया अधिक संवादात्मक और प्रभावी होगी।
विधायक जयराम कुमार महतो का संदेश
शुभारंभ के अवसर पर विधायक जयराम कुमार महतो ने कहा:
विधायक जयराम कुमार महतो ने कहा: “स्मार्ट बोर्ड के माध्यम से बच्चों की पढ़ाई अब अधिक आसान, रोचक और प्रभावी होगी। डिजिटल शिक्षा से विद्यार्थी समय के साथ कदम मिलाते हुए नई ऊंचाइयों को छू सकेंगे।”
उन्होंने आगे कहा:
विधायक जयराम कुमार महतो ने कहा: “मेरा संकल्प है कि संसाधनों की कमी किसी भी बच्चे की शिक्षा में बाधा न बने। बच्चों का उज्ज्वल भविष्य और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुनिश्चित करना मेरी पहली प्राथमिकता है।”
इन बयानों से यह स्पष्ट होता है कि शिक्षा को लेकर विधायक की सोच दीर्घकालिक और परिणामोन्मुखी है।
शिक्षकों और विद्यालय प्रबंधन की प्रतिक्रिया
विद्यालय प्रबंधन और शिक्षकों ने इस पहल के लिए विधायक का आभार व्यक्त किया। शिक्षकों का मानना है कि स्मार्ट बोर्ड के माध्यम से पठन-पाठन की गुणवत्ता में उल्लेखनीय सुधार होगा। कक्षा में विषयों को समझाने का तरीका अधिक प्रभावी बनेगा और विद्यार्थियों की भागीदारी भी बढ़ेगी। इससे परीक्षा परिणामों और समग्र शैक्षणिक प्रदर्शन में सकारात्मक बदलाव आने की उम्मीद है।
ग्रामीण और अर्ध-शहरी क्षेत्रों में डिजिटल शिक्षा का महत्व
राजकीय उच्च विद्यालय तारानारी जैसे विद्यालयों में डिजिटल सुविधाओं की उपलब्धता यह दर्शाती है कि अब ग्रामीण और अर्ध-शहरी क्षेत्रों में भी तकनीक आधारित शिक्षा को प्राथमिकता दी जा रही है। स्मार्ट बोर्ड जैसी सुविधाएं शिक्षा में समान अवसर सुनिश्चित करने की दिशा में अहम भूमिका निभाती हैं, जिससे संसाधनों की कमी के कारण पिछड़ने वाले विद्यार्थियों को भी आगे बढ़ने का अवसर मिलता है।
शिक्षा व्यवस्था में दीर्घकालिक प्रभाव
डिजिटल शिक्षा केवल एक सुविधा नहीं, बल्कि भविष्य की आवश्यकता बन चुकी है। स्मार्ट बोर्ड के माध्यम से शिक्षक नए-नए शिक्षण तरीकों को अपना सकते हैं और विद्यार्थियों को व्यावहारिक ज्ञान से जोड़ सकते हैं। यह व्यवस्था विद्यार्थियों में आत्मविश्वास बढ़ाने और उन्हें प्रतिस्पर्धी दुनिया के लिए तैयार करने में सहायक साबित हो सकती है।
न्यूज़ देखो: शिक्षा में निवेश, भविष्य की नींव
राजकीय उच्च विद्यालय तारानारी में स्मार्ट बोर्ड की सुविधा यह दर्शाती है कि शिक्षा में निवेश ही समाज के भविष्य को मजबूत करता है। विधायक जयराम कुमार महतो की पहल और डीवीसी के सीएसआर सहयोग से यह स्पष्ट संदेश जाता है कि संसाधनों की कमी को बहाना नहीं बनने दिया जाएगा। ऐसी योजनाएं न केवल स्कूलों की तस्वीर बदलती हैं, बल्कि विद्यार्थियों के सपनों को भी नई उड़ान देती हैं। अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि इस पहल का प्रभाव छात्रों की शैक्षणिक उपलब्धियों में किस रूप में सामने आता है।
हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।
डिजिटल शिक्षा से सशक्त होता भविष्य
तकनीक के इस दौर में शिक्षा का स्वरूप तेजी से बदल रहा है। स्मार्ट बोर्ड जैसी सुविधाएं बच्चों को किताबों से आगे बढ़कर दुनिया को समझने का मौका देती हैं। जब जनप्रतिनिधि, संस्थान और शिक्षक मिलकर शिक्षा को प्राथमिकता देते हैं, तो उसका सीधा लाभ समाज को मिलता है।
अब समय है कि हम ऐसी पहलों को समर्थन दें और शिक्षा के महत्व को और मजबूत करें। आपकी राय इस बदलाव को और दिशा दे सकती है। इस खबर पर अपनी सोच साझा करें, इसे दूसरों तक पहुंचाएं और शिक्षा के प्रति जागरूकता फैलाने में अपनी भूमिका निभाएं।



