
#पलामू #शोक_समाचार : समाजसेवा और सरल व्यक्तित्व की पहचान रहीं बच्चन देवी का निधन।
पलामू में समाजसेवी बच्चन देवी के निधन से पूरे क्षेत्र में शोक की लहर फैल गई है। वे वरिष्ठ पत्रकार संजय सिंह उमेश की सासू मां और रोटरी स्कूल की वरिष्ठ शिक्षिका अनिता वर्मा की माता थीं। लंबे समय से अस्वस्थ रहने के बाद रांची के निजी अस्पताल में उन्होंने अंतिम सांस ली। उनके निधन को सामाजिक क्षेत्र के लिए अपूरणीय क्षति माना जा रहा है।
- समाजसेवी बच्चन देवी का सोमवार सुबह निधन।
- रांची स्थित रामप्यारी सुपरस्पेशलिटी अस्पताल में चल रहा था इलाज।
- वरिष्ठ पत्रकार संजय सिंह उमेश की सासू मां थीं बच्चन देवी।
- झारखंड जर्नलिस्ट एसोसिएशन सहित कई संगठनों ने जताया शोक।
- हरमू मुक्तिधाम, रांची में हुआ अंतिम संस्कार।
पलामू जिले में सोमवार की सुबह उस समय शोक की खबर फैल गई, जब समाजसेवी बच्चन देवी के निधन की सूचना सामने आई। उनका निधन सोमवार, 2 जनवरी की सुबह करीब 5 बजे हुआ। वे पिछले कुछ दिनों से अस्वस्थ चल रही थीं और रांची स्थित रामप्यारी सुपरस्पेशलिटी अस्पताल में उनका इलाज चल रहा था, जहां उन्होंने अंतिम सांस ली। उनके निधन से न केवल उनका परिवार, बल्कि पूरा सामाजिक और पत्रकारिता जगत शोकाकुल है।
समाजसेवा और सरलता की मिसाल थीं बच्चन देवी
बच्चन देवी अपने सरल स्वभाव, सामाजिक सरोकारों और परोपकारी कार्यों के लिए जानी जाती थीं। जीवनभर उन्होंने समाज के कमजोर वर्गों के लिए कार्य किया और जरूरतमंदों की मदद को अपना धर्म माना। स्थानीय लोग बताते हैं कि वे बिना किसी भेदभाव के हर व्यक्ति के सुख-दुख में सहभागी बनती थीं। यही कारण है कि उनके निधन की खबर मिलते ही बड़ी संख्या में लोग उनके आवास पर श्रद्धांजलि अर्पित करने पहुंचे।
परिवार और समाज पर गहरा प्रभाव
दिवंगत बच्चन देवी झारखंड के वरिष्ठ पत्रकार संजय सिंह उमेश की सासू मां एवं रोटरी स्कूल की सीनियर शिक्षिका अनिता वर्मा की माता थीं। परिवार के सदस्यों के अनुसार, वे न केवल एक स्नेहमयी मां थीं, बल्कि पूरे परिवार के लिए मार्गदर्शक और प्रेरणा का स्रोत भी थीं। उनके जाने से परिवार को गहरा आघात पहुंचा है।
श्रद्धांजलि देने उमड़े लोग
उनके निधन की सूचना मिलते ही समाज के विभिन्न वर्गों के लोग श्रद्धांजलि देने पहुंचे। इस अवसर पर झारखंड जर्नलिस्ट एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष अमरकांत जी, महासचिव सियाशरण वर्मा, पलामू जिला अध्यक्ष नीतीश तिवारी, जिला महासचिव अमित तिवारी सहित संगठन के कई पदाधिकारी एवं सदस्य उपस्थित रहे। इसके अलावा दर्जनों पत्रकारों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और प्रबुद्ध नागरिकों ने भी गहरी शोक संवेदना व्यक्त की।
शैक्षणिक जगत और सामाजिक संगठनों की सहभागिता
श्रद्धांजलि सभा में रोटरी स्कूल के निदेशक अनुग्रह नारायण शर्मा, स्कूल के शिक्षक एवं शिक्षिकाएं भी शामिल रहीं। साथ ही कई राजनीतिक दलों, सामाजिक संगठनों और स्थानीय संस्थाओं के प्रतिनिधियों ने दिवंगत आत्मा को नमन किया। सभी ने एक स्वर में कहा कि बच्चन देवी का जीवन समाजसेवा के लिए प्रेरणास्रोत रहा है।
झारखंड जर्नलिस्ट एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने कहा: “बच्चन देवी का निधन समाज और पत्रकारिता जगत के लिए गहरी क्षति है।”
हरमू मुक्तिधाम में हुआ अंतिम संस्कार
दिवंगत बच्चन देवी का अंतिम संस्कार रांची के हरमू मुक्तिधाम में किया गया। इस दौरान सैकड़ों की संख्या में लोग मौजूद रहे। नम आंखों से लोगों ने उन्हें अंतिम विदाई दी। पूरे वातावरण में शोक और संवेदना का भाव स्पष्ट नजर आ रहा था। उपस्थित लोगों ने दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की और शोकसंतप्त परिवार को ढांढस बंधाया।
अपूरणीय क्षति के रूप में याद की जाएंगी
स्थानीय लोगों और समाजसेवियों का मानना है कि बच्चन देवी का जाना समाज के लिए एक अपूरणीय क्षति है। उनके द्वारा किए गए कार्यों और समाज के प्रति उनके योगदान की भरपाई निकट भविष्य में संभव नहीं है। वे हमेशा अपने सादगीपूर्ण व्यवहार और निस्वार्थ सेवा के लिए याद की जाएंगी।
न्यूज़ देखो: समाजसेवियों का योगदान कभी नहीं भुलाया जा सकता
बच्चन देवी का जीवन यह दर्शाता है कि समाजसेवा किसी पद या पहचान की मोहताज नहीं होती। उनके जैसे लोग समाज की असली ताकत होते हैं। उनके निधन से उत्पन्न शून्यता लंबे समय तक महसूस की जाएगी। हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।
स्मृतियों में जीवित रहेगा सेवा का संदेश
समाज तभी आगे बढ़ता है, जब उसमें निस्वार्थ सेवा करने वाले लोग होते हैं। बच्चन देवी का जीवन इसी भावना का उदाहरण रहा।
आप भी ऐसे समाजसेवियों के कार्यों को याद रखें और उनके आदर्शों को आगे बढ़ाएं। अपनी संवेदना साझा करें, खबर को आगे पहुंचाएं और मानवीय मूल्यों को मजबूत करने में भागीदार बनें।







