रांकीकला में मकर संक्रांति पर समाजसेवी निर्दोष कुमार का सेवा संदेश, 2000 जरूरतमंदों के लिए वन भोज का आयोजन

रांकीकला में मकर संक्रांति पर समाजसेवी निर्दोष कुमार का सेवा संदेश, 2000 जरूरतमंदों के लिए वन भोज का आयोजन

author Sachin Kumar Singh
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#मनिका #लातेहार #सामाजिक_सेवा : औरंगा नदी तट पर मकर संक्रांति के अवसर पर विशाल वन भोज आयोजित।

लातेहार जिले के मनिका प्रखंड अंतर्गत रांकीकला पंचायत में मकर संक्रांति के अवसर पर समाजसेवी निर्दोष कुमार के नेतृत्व में विशाल वन भोज कार्यक्रम का आयोजन किया गया। औरंगा नदी के तट पर आयोजित इस सेवा कार्यक्रम में लगभग 2000 गरीब और जरूरतमंद लोगों के लिए भोजन की व्यवस्था की गई। यह आयोजन सामाजिक सौहार्द, सेवा भावना और पारंपरिक पर्व की सामूहिक खुशियां साझा करने का उदाहरण बना। स्थानीय लोगों और गणमान्य नागरिकों ने इस पहल की खुले दिल से सराहना की।

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  • मकर संक्रांति पर वन भोज का आयोजन।
  • करीब 2000 जरूरतमंदों के लिए भोजन।
  • पारंपरिक व्यंजनों की व्यवस्था।
  • सामाजिक सहयोग से सफल आयोजन।
  • बड़ी संख्या में लोग रहे उपस्थित।

मनिका प्रखंड की रांकीकला पंचायत स्थित पावन औरंगा नदी के तट पर मकर संक्रांति के शुभ अवसर पर सामाजिक समरसता और सेवा भावना से ओतप्रोत वन भोज कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का नेतृत्व समाजसेवी निर्दोष कुमार ने किया, जो बीते कई वर्षों से लगातार इस प्रकार के आयोजन कर समाज के कमजोर वर्गों के लिए सहारा बनते आ रहे हैं।

कार्यक्रम में लगभग 2000 गरीब, असहाय और जरूरतमंद लोगों के लिए भोजन की व्यवस्था की गई थी। दूर-दराज से आए ग्रामीणों ने इस आयोजन में भाग लेकर न केवल स्वादिष्ट भोजन का आनंद लिया, बल्कि सामूहिक रूप से पर्व की खुशियां भी साझा कीं।

पारंपरिक व्यंजनों से सजा वन भोज

वन भोज कार्यक्रम में मकर संक्रांति की परंपरा के अनुरूप खिचड़ी, लिट्टी-चोखा, चूड़ा-गुड़, तिलकुट और बुंदिया जैसे पारंपरिक व्यंजन परोसे गए। ठंड के मौसम में खुले वातावरण में नदी तट पर बैठकर भोजन करने का अनुभव लोगों के लिए खास रहा।

ग्रामीणों ने बताया कि इस तरह के आयोजन से न केवल भूख मिटती है, बल्कि आपसी भाईचारा और सामाजिक एकता भी मजबूत होती है। कई बुजुर्गों और जरूरतमंदों ने कहा कि मकर संक्रांति जैसे पर्व पर इस प्रकार का आयोजन उनके लिए किसी उत्सव से कम नहीं है।

वर्षों से जारी है सेवा की परंपरा

समाजसेवी निर्दोष कुमार ने बताया कि वे पिछले कई वर्षों से मकर संक्रांति के अवसर पर गरीबों और जरूरतमंदों के लिए भोजन की व्यवस्था करते आ रहे हैं। उन्होंने कहा कि यह कार्यक्रम किसी एक व्यक्ति का नहीं, बल्कि समाज के सामूहिक सहयोग का परिणाम है।

निर्दोष कुमार ने कहा:
“मकर संक्रांति सेवा और साझा खुशियों का पर्व है। जब तक समाज के अंतिम व्यक्ति के चेहरे पर मुस्कान नहीं आती, तब तक पर्व अधूरा है।”

उन्होंने यह भी बताया कि इस आयोजन में कई व्यवसायियों और गणमान्य नागरिकों द्वारा गुप्त दान के माध्यम से सहयोग किया जाता है, जिससे बिना किसी प्रचार के सेवा कार्य संभव हो पाता है।

सामाजिक सहभागिता से बना आयोजन सफल

कार्यक्रम की सफलता में स्थानीय युवाओं और समाजसेवियों की अहम भूमिका रही। आयोजन स्थल पर व्यवस्था बनाए रखने, भोजन वितरण और आगंतुकों की सहायता के लिए बड़ी संख्या में लोग सक्रिय रूप से जुटे रहे।

इस अवसर पर निर्दोष कुमार, चंदन कुमार, नीरज कुमार, संजय कुमार, आनंद कुमार, प्रभु कुमार, संदीप कुमार, सतरं कुमार, संतोष प्रसाद, मनोज कुमार, आशीष सिन्हा, गुड्डू सिंह, विकास तिवारी, सुनील विश्वकर्मा, सूरज कुमार, प्रदीप सिंह, बसंत तिवारी, सचिन तिवारी सहित कई सामाजिक कार्यकर्ता और स्थानीय लोग उपस्थित रहे।

सभी ने मिलकर यह सुनिश्चित किया कि कोई भी व्यक्ति भूखा न लौटे और सभी को सम्मानपूर्वक भोजन मिले।

ग्रामीणों ने की सराहना

वन भोज में शामिल लोगों ने समाजसेवी निर्दोष कुमार की इस पहल की जमकर प्रशंसा की। ग्रामीणों का कहना था कि ऐसे आयोजन समाज में सकारात्मक सोच और आपसी सहयोग को बढ़ावा देते हैं।

स्थानीय लोगों ने यह भी कहा कि जब पर्व सेवा से जुड़ता है, तब उसकी सार्थकता और बढ़ जाती है। मकर संक्रांति पर इस तरह का आयोजन आने वाली पीढ़ियों के लिए भी प्रेरणादायक है।

न्यूज़ देखो: सेवा से मजबूत होता समाज

रांकीकला में आयोजित यह वन भोज कार्यक्रम दिखाता है कि व्यक्तिगत पहल और सामूहिक सहयोग से समाज में बड़ा बदलाव लाया जा सकता है। जब पर्व गरीबों और जरूरतमंदों के साथ मनाया जाता है, तब सामाजिक समरसता सशक्त होती है। ऐसे प्रयास प्रशासन और समाज दोनों के लिए प्रेरणा हैं। हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।

सेवा में ही पर्व की सच्ची सार्थकता

त्योहार तभी पूर्ण होते हैं, जब उनकी खुशियां सब तक पहुंचें। समाज के कमजोर वर्गों के साथ खड़े होकर ही हम मानवीय मूल्यों को जीवित रख सकते हैं।
आप भी ऐसे सामाजिक प्रयासों से जुड़ें, अपनी राय साझा करें और इस खबर को आगे बढ़ाकर सेवा की भावना को और मजबूत करें।

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Written by

मनिका, लातेहार

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