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बानो में सोलर लाइट व्यवस्था बदहाल, अज्ञात वाहन की टक्कर से पोल क्षतिग्रस्त

#बानो #सिमडेगा #सार्वजनिक_सुविधा : सड़क किनारे लगी सोलर लाइट क्षतिग्रस्त और चोरी, व्यवस्था पर उठे सवाल।

सिमडेगा जिले के बानो प्रखंड मुख्यालय में सड़क किनारे लगी सोलर लाइट व्यवस्था पर सवाल खड़े हो गए हैं। ऊपर पेट्रोल पंप के पास अज्ञात वाहन की टक्कर से एक सोलर लाइट पोल क्षतिग्रस्त हो गया, जबकि पोल पर लगी लाइट, सोलर पैनल और बैटरी चोरी हो गई। एक वर्ष भी पूरे न होने के बावजूद लगातार खराब हो रही लाइटों से ग्रामीणों में नाराजगी बढ़ती जा रही है। जनप्रतिनिधियों और विभागीय अधिकारियों की चुप्पी से लोगों में असंतोष गहराता जा रहा है।

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  • बानो प्रखंड मुख्यालय में सोलर लाइट पोल को अज्ञात वाहन ने मारी टक्कर।
  • पोल पर लगी सोलर लाइट, पैनल और बैटरी चोरी
  • एक वर्ष भी पूरे नहीं हुए, फिर भी दो सोलर लाइट क्षतिग्रस्त
  • जनप्रतिनिधियों और विभागीय अधिकारियों की चुप्पी पर उठे सवाल।
  • संवेदक पर लापरवाही का आरोप, ग्रामीणों में नाराजगी।

सिमडेगा जिले के बानो प्रखंड मुख्यालय में सार्वजनिक सुविधाओं की स्थिति एक बार फिर सवालों के घेरे में आ गई है। प्रखंड मुख्यालय के ऊपर पेट्रोल पंप के पास सड़क किनारे लगी सोलर लाइट को अज्ञात वाहन ने टक्कर मार दी, जिससे पोल पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। घटना के बाद जब स्थानीय लोगों ने स्थिति देखी तो पता चला कि पोल पर लगी सोलर लाइट, सोलर पैनल और बैटरी भी गायब हैं।

स्थानीय लोगों का कहना है कि सोलर लाइट लगाए जाने के बाद क्षेत्र में रात के समय रोशनी की समस्या काफी हद तक दूर हुई थी, जिससे आम लोगों के साथ-साथ वाहन चालकों को भी सुविधा मिल रही थी। लेकिन कुछ ही महीनों में लाइटों के खराब होने और चोरी की घटनाओं ने पूरी व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं।

एक वर्ष भी नहीं हुए, फिर भी लाइटें हो रहीं खराब

जानकारी के अनुसार, बानो प्रखंड क्षेत्र में सोलर लाइट लगाए जाने को अभी एक वर्ष भी पूरा नहीं हुआ है। इसके बावजूद लगातार लाइटों के खराब होने और क्षतिग्रस्त होने की शिकायतें सामने आ रही हैं। वाहन चालकों की लापरवाही के कारण अब तक दो सोलर लाइट पोल क्षतिग्रस्त हो चुके हैं।

ऊपर पेट्रोल पंप के पास सड़क किनारे लगी पोल को अज्ञात वाहन ने जोरदार टक्कर मारते हुए पूरी तरह रौंद डाला। इसके बाद अज्ञात चोरों ने मौके का फायदा उठाते हुए पोल पर लगी सोलर लाइट, सोलर पैनल और बैटरी को भी ले उड़े।

सोलर लाइट से जगी थी उम्मीद

बानो प्रखंड मुख्यालय क्षेत्र में कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय से मदर टेरेसा नर्सिंग सेंटर तथा बानो बिरसा मुंडा चौक से रेलवे स्टेशन तक सड़क किनारे सोलर लाइट लगाए जाने से स्थानीय लोगों में खुशी का माहौल था। लोगों को उम्मीद थी कि इससे रात में सुरक्षा बढ़ेगी और दुर्घटनाओं में कमी आएगी।

लेकिन कुछ ही दिनों में कई सोलर लाइटों के खराब हो जाने से ग्रामीणों में नाराजगी देखी जा रही है। लोगों का कहना है कि इतनी जल्दी लाइटों का खराब होना और चोरी होना, पूरे प्रोजेक्ट की गुणवत्ता पर सवाल खड़े करता है।

जनप्रतिनिधियों की निष्क्रियता से बढ़ा आक्रोश

स्थानीय ग्रामीणों का आरोप है कि इस गंभीर समस्या को लेकर जनप्रतिनिधियों ने अब तक कोई ठोस पहल नहीं की है। लोग यह भी कहते हैं कि इस संबंध में कोई स्पष्ट जानकारी नहीं दी जाती कि अपनी शिकायत या दुखड़ा किसके सामने रखा जाए।

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राजनीतिक दल एक-दूसरे पर दोषारोपण कर मामले से पल्ला झाड़ लेते हैं, लेकिन समस्या का समाधान किसी के पास नहीं है। इससे आम जनता खुद को ठगा हुआ महसूस कर रही है।

संवेदक और विभागीय अधिकारियों पर सवाल

ग्रामीणों ने सोलर लाइट लगाने वाले संवेदक पर भी गंभीर आरोप लगाए हैं। लोगों का कहना है कि संवेदक ने किसी तरह काम पूरा कर उसे समाप्त मान लिया, लेकिन बाद में उसकी देखरेख या मरम्मत की कोई व्यवस्था नहीं की गई।

इतना ही नहीं, संबंधित विभागीय अधिकारी भी इस पूरे मामले में चुप्पी साधे हुए हैं। न तो क्षतिग्रस्त लाइटों की मरम्मत हो रही है और न ही चोरी की घटनाओं पर कोई ठोस कार्रवाई दिखाई दे रही है।

सुरक्षा और रखरखाव पर उठे बड़े सवाल

सोलर लाइट जैसी योजनाएं ग्रामीण और कस्बाई इलाकों में सुरक्षा और सुविधा के लिए लगाई जाती हैं। लेकिन बानो में जिस तरह से लाइटें क्षतिग्रस्त हो रही हैं और चोरी हो रही है, उससे यह सवाल उठता है कि क्या इन योजनाओं के लिए कोई निगरानी तंत्र मौजूद है या नहीं।

स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि समय रहते प्रशासन और जनप्रतिनिधि गंभीरता नहीं दिखाते, तो आने वाले दिनों में बाकी सोलर लाइटों का भी यही हाल हो सकता है।

न्यूज़ देखो: जवाबदेही तय करना अब जरूरी

न्यूज़ देखो: बानो में सोलर लाइट व्यवस्था पर सवाल
बानो में सोलर लाइटों का क्षतिग्रस्त होना और चोरी होना केवल लापरवाही नहीं, बल्कि जवाबदेही की कमी को दर्शाता है। संवेदक, जनप्रतिनिधि और विभागीय अधिकारियों—तीनों की भूमिका पर सवाल उठ रहे हैं। यदि समय रहते जांच और मरम्मत नहीं हुई, तो सरकारी संसाधनों की बर्बादी जारी रहेगी। अब जरूरत है कि प्रशासन स्पष्ट करे कि जिम्मेदार कौन है और समाधान कब होगा।
हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।

सार्वजनिक संपत्ति की सुरक्षा में सभी की भागीदारी जरूरी

सोलर लाइट जैसी योजनाएं जनता की सुविधा और सुरक्षा के लिए होती हैं। इनका संरक्षण केवल प्रशासन की नहीं, बल्कि समाज की भी जिम्मेदारी है। साथ ही, जिम्मेदार अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों को भी जवाबदेह बनाना उतना ही जरूरी है।
यदि आपके क्षेत्र में भी ऐसी समस्याएं हैं, तो अपनी आवाज उठाएं। अपनी राय कमेंट में साझा करें, खबर को आगे बढ़ाएं और जनहित से जुड़े मुद्दों को मजबूती से सामने लाएं।

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Shivnandan Baraik

बानो, सिमडेगा

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