
#बानो #गिरदा #पांगुर_पिकेट : जरिया गढ़ में सड़क दुर्घटना के दौरान ड्यूटी पर तैनात जवान का असमय निधन।
सिमडेगा जिले के बानो सर्किल अंतर्गत गिरदा ओपी थाना क्षेत्र के पांगुर पिकेट में पदस्थ जवान भरत उरांव की जरिया गढ़ में सड़क दुर्घटना में मौत हो गई। वह छुट्टी मिलने के बाद अपने घर जा रहे थे, तभी यह दर्दनाक हादसा हुआ। जवान के असमय निधन से बानो, गिरदा और पांगुर पिकेट के पुलिस कर्मियों में गहरा शोक व्याप्त है।
- पांगुर पिकेट में पदस्थ जवान भरत उरांव की सड़क दुर्घटना में मौत।
- छुट्टी पर घर लौटने के दौरान जरिया गढ़ में हुआ हादसा।
- बानो, गिरदा और पांगुर पिकेट के पुलिस कर्मियों में शोक।
- विभागीय स्तर पर शोक संवेदना ब्यक्त किया गया।
सिमडेगा जिले के बानो सर्किल से एक दुखद खबर सामने आई है, जिसने पूरे पुलिस महकमे को शोक में डुबो दिया है। गिरदा ओपी थाना क्षेत्र के अंतर्गत पांगुर पिकेट में पदस्थ जवान भरत उरांव की सड़क दुर्घटना में मौत हो गई। यह हादसा उस समय हुआ, जब जवान छुट्टी मिलने के बाद अपने घर जा रहे थे।
छुट्टी पर घर जाते समय हुआ हादसा
मिली जानकारी के अनुसार जवान भरत उरांव को अवकाश स्वीकृत हुआ था और वे अपने घर जाने के लिए निकले थे। इसी दौरान जरिया गढ़ क्षेत्र में उनकी सड़क दुर्घटना हो गई। हादसा इतना गंभीर था कि मौके पर ही उनकी मौत हो गई। घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस और विभागीय अधिकारी सक्रिय हुए।
पुलिस महकमे में शोक की लहर
जवान के निधन की खबर मिलते ही बानो थाना, गिरदा ओपी और पांगुर पिकेट में शोक की लहर दौड़ गई। सहकर्मी जवानों और अधिकारियों ने भरत उरांव को एक कर्तव्यनिष्ठ और अनुशासित पुलिसकर्मी के रूप में याद किया। पांगुर पिकेट में कुछ समय के लिए माहौल गमगीन हो गया
कर्तव्यनिष्ठ जवान के रूप में थी पहचान
पुलिस सूत्रों के अनुसार भरत उरांव अपने कर्तव्यों के प्रति हमेशा सजग और जिम्मेदार रहते थे। वे पांगुर पिकेट में तैनाती के दौरान क्षेत्र की सुरक्षा व्यवस्था में सक्रिय भूमिका निभा रहे थे। उनके सहकर्मियों का कहना है कि वे हर ड्यूटी को पूरी निष्ठा और ईमानदारी से निभाते थे।
परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़
जवान की असमय मौत से उनके परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। छुट्टी पर घर लौटने की सूचना से जहां परिवार में खुशी का माहौल था, वहीं अचानक मिली इस खबर ने सभी को गहरे सदमे में डाल दिया। स्थानीय लोगों और परिचितों ने भी शोक व्यक्त करते हुए परिवार के प्रति संवेदना प्रकट की है।
विभागीय प्रक्रिया और आगे की कार्रवाई
घटना के संबंध में आवश्यक कानूनी और विभागीय प्रक्रिया पूरी की जा रही है। पोस्टमार्टम एवं अन्य औपचारिकताओं के बाद जवान के पार्थिव शरीर को उनके परिजनों को सौंपे जाने की प्रक्रिया की जायेगी। पुलिस विभाग द्वारा नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जा रही है।
पुलिसकर्मियों ने दी श्रद्धांजलि
बानो सर्किल के विभिन्न थाना और पिकेट में कार्यरत पुलिसकर्मियों ने दिवंगत जवान की आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की। कई कर्मियों ने कहा कि भरत उरांव का जाना केवल उनके परिवार के लिए ही नहीं, बल्कि पूरे पुलिस परिवार के लिए अपूरणीय क्षति है।
न्यूज़ देखो: कर्तव्य के साथ जुड़ी संवेदना
जवान भरत उरांव की मौत यह याद दिलाती है कि सुरक्षा में लगे कर्मी हर परिस्थिति में जोखिम उठाते हैं, चाहे वह ड्यूटी हो या व्यक्तिगत जीवन की यात्रा। पुलिस विभाग के लिए यह एक बड़ी क्षति है, वहीं प्रशासन और समाज की जिम्मेदारी है कि शोक संतप्त परिवार को हर संभव सहयोग मिले। ऐसे मामलों में सुरक्षा कर्मियों के कल्याण और सड़क सुरक्षा पर भी गंभीरता से विचार जरूरी है।
हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।
शहीन नहीं, शहीद जैसे कर्तव्यनिष्ठ जीवन का सम्मान
कर्तव्य निभाते हुए हर जवान समाज की ढाल बनता है।
उनका जीवन अनुशासन, सेवा और साहस का प्रतीक होता है।
ऐसे में हर नागरिक का दायित्व है कि वे उनके बलिदान को सम्मान दें।
सड़क सुरक्षा को लेकर सजग रहना भी हमारी सामूहिक जिम्मेदारी है।
इस दुखद घटना पर अपनी संवेदना व्यक्त करें, खबर को साझा कर जवान के प्रति सम्मान प्रकट करें और सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूकता फैलाने में अपनी भूमिका निभाएं।




