
#सिमडेगा #विश्वमहिलादिवस : राजनीति विज्ञान विभाग ने रैली और संगोष्ठी के माध्यम से महिला अधिकारों पर दिया जोर।
सिमडेगा के सेंट जेवियर्स कॉलेज में राजनीति विज्ञान विभाग द्वारा IQAC के तत्वावधान में विश्व महिला दिवस मनाया गया। इस अवसर पर महिला जागरूकता रैली, संगोष्ठी और चर्चा-परिचर्चा का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में वक्ताओं ने महिला अधिकार, सम्मान और समाज में लैंगिक समानता के महत्व पर अपने विचार रखे।
- सेंट जेवियर्स कॉलेज, सिमडेगा के सेमिनार हॉल में आयोजित हुआ कार्यक्रम।
- कार्यक्रम की मुख्य अतिथि प्रो. डॉ. निशा रानी धनवार रहीं।
- कॉलेज परिसर से सुंदरपुर तक निकाली गई महिला जागरूकता रैली।
- वक्ताओं ने महिला अधिकार, सम्मान और लैंगिक समानता पर दिया जोर।
- कार्यक्रम के अंत में महिलाओं के अधिकार और न्याय के प्रति सामूहिक प्रतिज्ञा ली गई।
सिमडेगा स्थित सेंट जेवियर्स कॉलेज के सेमिनार हॉल में राजनीति विज्ञान विभाग द्वारा IQAC के तत्वावधान में 14 मार्च को विश्व महिला दिवस के अवसर पर एक विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में कॉलेज के शिक्षकों और विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
महिला जागरूकता रैली से हुई कार्यक्रम की शुरुआत
कार्यक्रम की शुरुआत महिला जागरूकता रैली के साथ हुई। यह रैली कॉलेज परिसर से शुरू होकर सुंदरपुर तक निकाली गई। रैली के माध्यम से छात्र-छात्राओं ने समाज में महिलाओं के अधिकार, सम्मान और समानता के प्रति जागरूकता फैलाने का संदेश दिया।
रैली के बाद सेमिनार हॉल में मुख्य कार्यक्रम आयोजित किया गया।
मुख्य अतिथि ने महिला सशक्तिकरण पर रखे विचार
कार्यक्रम की मुख्य अतिथि राजनीति विज्ञान विभाग की प्रोफेसर डॉ. निशा रानी धनवार ने विश्व महिला दिवस के महत्व पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि महिलाओं को समाज में समान अवसर और सम्मान मिलना बेहद आवश्यक है।
उन्होंने यह भी कहा कि शिक्षा और जागरूकता के माध्यम से महिलाएं अपने अधिकारों को बेहतर तरीके से समझ सकती हैं और समाज में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती हैं।
विद्यार्थियों ने भी साझा किए विचार
कार्यक्रम में छात्राओं तानिया डुंगडुंग, नेहा कुमारी और सोनी ने भी मंच साझा किया और महिला दिवस के महत्व पर अपने विचार व्यक्त किए। छात्राओं ने कहा कि महिलाओं की शिक्षा और आत्मनिर्भरता समाज के विकास के लिए बेहद जरूरी है।
प्रोफेसरों ने विभिन्न दृष्टिकोणों से रखा पक्ष
कार्यक्रम में विभागाध्यक्ष प्रो. ईशान तिर्की ने महिलाओं के अधिकार, सम्मान और समाज में लैंगिक समानता की आवश्यकता पर जोर दिया।
वहीं प्रो. रोशन किशोर गिद्ध ने “पुरुष दृष्टिकोण” विषय पर अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि समाज में सकारात्मक बदलाव के लिए पुरुषों की सोच में भी बदलाव जरूरी है।
इसके अलावा प्रो. अजय कुमार ने महिला समानता और न्याय के विषय पर अपने विचार रखते हुए कहा कि एक समतामूलक समाज के निर्माण के लिए महिलाओं को बराबरी का अधिकार मिलना चाहिए।
महिलाओं के अधिकारों के लिए ली गई प्रतिज्ञा
कार्यक्रम के अंत में उपस्थित सभी लोगों ने महिलाओं के अधिकार, सम्मान और न्याय के प्रति सामूहिक रूप से प्रतिज्ञा ली।
इसके बाद विद्यार्थियों के बीच महिलाओं की सामाजिक स्थिति और चुनौतियों को लेकर चर्चा-परिचर्चा भी आयोजित की गई, जिसमें कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर विचार-विमर्श किया गया।
न्यूज़ देखो: जागरूकता से ही संभव है सशक्त समाज
महिलाओं के अधिकार और सम्मान को लेकर जागरूकता फैलाना आज के समय की बड़ी आवश्यकता है। शिक्षा संस्थानों में इस तरह के कार्यक्रम न केवल छात्रों को जागरूक बनाते हैं, बल्कि समाज में सकारात्मक बदलाव की दिशा भी दिखाते हैं। हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।
समानता से ही मजबूत होगा समाज
जब महिलाओं को शिक्षा, सम्मान और अवसर मिलते हैं, तब समाज और देश दोनों मजबूत बनते हैं। ऐसे आयोजनों से युवाओं में जागरूकता और जिम्मेदारी की भावना भी विकसित होती है।
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