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संत जेवियर महाविद्यालय में आधुनिक अध्ययन तकनीकों पर विशेष वीडियो सत्र से विद्यार्थियों को मिली नई सीख

#सिमडेगा #शैक्षणिक_कार्यक्रम : बीकॉम और बीए विद्यार्थियों हेतु तीव्र अध्ययन तकनीकों पर वीडियो सत्र आयोजित।

संत जेवियर महाविद्यालय सिमडेगा के वाणिज्य विभाग द्वारा सेमेस्टर–I के विद्यार्थियों के लिए तीव्र अध्ययन तकनीकों पर विशेष वीडियो सत्र आयोजित किया गया। स्मार्टबोर्ड के माध्यम से आईसीटी आधारित शिक्षण को बढ़ावा देते हुए ‘How to Study Fast’ विषय पर मार्गदर्शन दिया गया। सत्र में न्यूरोसाइंस और मनोविज्ञान आधारित अध्ययन विधियों को समझाया गया, जो विद्यार्थियों की सीखने की गति और समझ बढ़ाने के लिए महत्वपूर्ण मानी जा रही हैं।

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  • संत जेवियर महाविद्यालय, सिमडेगा में वाणिज्य विभाग द्वारा आयोजित विशेष वीडियो सत्र।
  • बी.कॉम एवं बी.ए. सेमेस्टर–I (सत्र 2025–29) के विद्यार्थियों की सक्रिय सहभागिता।
  • सत्र का संचालन डॉ. अमित कुमार गुप्ता, सहायक प्राध्यापक एवं विभागाध्यक्ष द्वारा।
  • स्मार्टबोर्ड के जरिए आईसीटी आधारित संवादात्मक शिक्षण पद्धति का उपयोग।
  • “How to Study Fast” विषय पर न्यूरोसाइंस व मनोविज्ञान आधारित अध्ययन तकनीकों की प्रस्तुति।

सिमडेगा स्थित संत जेवियर महाविद्यालय में विद्यार्थियों की शैक्षणिक दक्षता और अध्ययन कौशल को मजबूत बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण शैक्षणिक पहल की गई। महाविद्यालय के वाणिज्य विभाग द्वारा बी.कॉम एवं बी.ए. सेमेस्टर–I (सत्र 2025–29) के विद्यार्थियों के लिए “How to Study Fast” विषय पर एक विशेष वीडियो सत्र का आयोजन किया गया। यह सत्र आधुनिक शिक्षण पद्धतियों और तकनीकी साधनों के उपयोग के माध्यम से विद्यार्थियों को प्रभावी अध्ययन की दिशा में प्रेरित करने के उद्देश्य से आयोजित किया गया था।

आईसीटी आधारित शिक्षण से संवादात्मक माहौल

कार्यक्रम का संचालन वाणिज्य विभाग के सहायक प्राध्यापक एवं विभागाध्यक्ष डॉ. अमित कुमार गुप्ता द्वारा किया गया। उन्होंने स्मार्टबोर्ड के माध्यम से सत्र का संचालन करते हुए तकनीक आधारित शिक्षण प्रणाली को बढ़ावा दिया। इस प्रक्रिया ने न केवल विद्यार्थियों की रुचि बढ़ाई, बल्कि उन्हें संवादात्मक और दृश्य माध्यम से सीखने का अवसर भी प्रदान किया।

स्मार्टबोर्ड के उपयोग से प्रस्तुत सामग्री को विद्यार्थियों ने अधिक स्पष्टता के साथ समझा। इससे कक्षा का वातावरण पारंपरिक व्याख्यान की तुलना में अधिक सक्रिय और सहभागितापूर्ण बना, जिससे विद्यार्थियों का ध्यान पूरे सत्र के दौरान केंद्रित रहा।

‘How to Study Fast’ विषय पर शैक्षणिक वीडियो का प्रदर्शन

सत्र के दौरान विद्यार्थियों को YouTube चैनल Hum Jeetenge से एक शैक्षणिक वीडियो प्रदर्शित किया गया, जिसमें वैज्ञानिक और मनोवैज्ञानिक दृष्टिकोण से अध्ययन करने की उन्नत तकनीकों को समझाया गया। वीडियो में यह बताया गया कि सही रणनीति अपनाकर कम समय में अधिक प्रभावी ढंग से अध्ययन कैसे किया जा सकता है।

वीडियो सामग्री में न्यूरोसाइंस, मनोविज्ञान तथा अनुशासित अध्ययन पद्धतियों पर आधारित पाँच उच्च-प्रदर्शन अध्ययन विधियों को विस्तार से प्रस्तुत किया गया, जिससे विद्यार्थियों को अध्ययन की नई दिशा और व्यावहारिक दृष्टिकोण प्राप्त हुआ।

प्रमुख अध्ययन तकनीकों पर विशेष प्रकाश

सत्र में कई महत्वपूर्ण और व्यावहारिक अध्ययन रणनीतियों पर विस्तार से चर्चा की गई। इनमें विशेष रूप से Velocity Learning Effect, त्रुटियों से सीखने की पद्धति, Inversion Thinking तथा 20 प्रतिशत नियम जैसे प्रभावी तरीकों को समझाया गया।

विद्यार्थियों को बताया गया कि Velocity Learning Effect के माध्यम से अध्ययन की गति और दक्षता को बढ़ाया जा सकता है, जबकि त्रुटियों से सीखने की प्रक्रिया दीर्घकालिक समझ विकसित करने में सहायक होती है। इसी प्रकार Inversion Thinking विद्यार्थियों को समस्याओं को अलग दृष्टिकोण से समझने की क्षमता प्रदान करती है।

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मुख्य अवधारणाओं को समझने के लिए 20 प्रतिशत नियम पर भी जोर दिया गया, जिसके अनुसार महत्वपूर्ण विषयों पर केंद्रित अध्ययन से बेहतर परिणाम प्राप्त किए जा सकते हैं। साथ ही मस्तिष्क को सक्रिय और संतुलित बनाए रखने के लिए रणनीतिक विश्राम की आवश्यकता पर भी विस्तार से चर्चा की गई।

सक्रिय अध्ययन पद्धतियों की उपयोगिता पर जोर

सत्र में केवल सैद्धांतिक जानकारी ही नहीं दी गई, बल्कि सक्रिय अध्ययन विधियों के व्यावहारिक उपयोग पर भी विशेष ध्यान दिया गया। विद्यार्थियों को माइंड मैप बनाने, अवधारणाओं को जोर से समझाने तथा सक्रिय पुनरावृत्ति जैसी तकनीकों के महत्व से अवगत कराया गया।

इन पद्धतियों के माध्यम से विद्यार्थियों को यह समझाया गया कि रटने की बजाय समझ आधारित अध्ययन दीर्घकालिक सफलता के लिए अधिक प्रभावी होता है। सक्रिय अध्ययन तकनीकें न केवल स्मरण शक्ति को मजबूत करती हैं, बल्कि विश्लेषणात्मक सोच और आत्मविश्वास को भी बढ़ाती हैं।

अनुशासन और निरंतरता के महत्व पर प्रेरक मार्गदर्शन

सत्र के दौरान डॉ. अमित कुमार गुप्ता ने विद्यार्थियों को इन अध्ययन तकनीकों को अपनी दैनिक शैक्षणिक दिनचर्या में शामिल करने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा:

डॉ. अमित कुमार गुप्ता ने कहा: “स्मार्ट अध्ययन पद्धति, अनुशासन और निरंतरता के साथ अपनाई गई तकनीकें विद्यार्थियों को उच्च प्रदर्शन प्राप्त करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।”

उन्होंने यह भी बताया कि आज के प्रतिस्पर्धात्मक शैक्षणिक वातावरण में केवल अधिक समय तक पढ़ना पर्याप्त नहीं है, बल्कि सही रणनीति के साथ अध्ययन करना आवश्यक है। ध्यान, गति और समझ की क्षमता को संतुलित तरीके से विकसित करना ही सफलता की कुंजी है।

विद्यार्थियों की सकारात्मक प्रतिक्रिया

सत्र में उपस्थित विद्यार्थियों ने इस कार्यक्रम को अत्यंत प्रेरणादायक और व्यावहारिक बताया। उन्होंने कहा कि प्रस्तुत अध्ययन तकनीकें उन्हें कम समय में अधिक प्रभावी ढंग से पढ़ाई करने में सहायक होंगी। साथ ही समय प्रबंधन, ध्यान केंद्रित करने और अवधारणात्मक समझ विकसित करने में भी यह सत्र उपयोगी सिद्ध होगा।

विद्यार्थियों ने यह भी महसूस किया कि आधुनिक तकनीक आधारित शिक्षण और वैज्ञानिक अध्ययन पद्धतियों का समावेश उनके शैक्षणिक प्रदर्शन को बेहतर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।

न्यूज़ देखो: आधुनिक शिक्षा की दिशा में सराहनीय पहल

संत जेवियर महाविद्यालय द्वारा आयोजित यह वीडियो सत्र दर्शाता है कि उच्च शिक्षा संस्थान अब पारंपरिक शिक्षण से आगे बढ़कर तकनीक और वैज्ञानिक अध्ययन पद्धतियों को अपना रहे हैं। इस प्रकार के कार्यक्रम विद्यार्थियों को केवल परीक्षा उन्मुख नहीं बल्कि कौशल आधारित शिक्षा की ओर प्रेरित करते हैं। यह पहल शिक्षा की गुणवत्ता और विद्यार्थियों की प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता दोनों को मजबूत करने की दिशा में सकारात्मक संकेत देती है। हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।

स्मार्ट अध्ययन से ही बनेगा उज्ज्वल शैक्षणिक भविष्य

आज के प्रतिस्पर्धी दौर में सही अध्ययन तकनीक अपनाना बेहद जरूरी है।
सिर्फ मेहनत नहीं, बल्कि स्मार्ट मेहनत ही सफलता की असली कुंजी है।
यदि विद्यार्थी अनुशासन, निरंतरता और वैज्ञानिक अध्ययन पद्धति को अपनाएं तो वे अपनी क्षमता को कई गुना बढ़ा सकते हैं।
शिक्षा केवल अंक प्राप्त करने का माध्यम नहीं, बल्कि व्यक्तित्व निर्माण का आधार है।

आइए, हम सभी प्रभावी अध्ययन की आदत विकसित करें और शिक्षा को नई दिशा दें। अपनी राय कमेंट में साझा करें, इस खबर को विद्यार्थियों तक जरूर पहुँचाएं और बेहतर शिक्षण के प्रति जागरूकता फैलाने में सहयोग करें।

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Satyam Kumar Keshri

सिमडेगा नगर क्षेत्र

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