
#सिमडेगामहाविद्यालय #डिजिटलभुगतान : वाणिज्य विभाग के विद्यार्थियों ने गतिविधि आधारित शिक्षण के तहत जागरूकता सर्वे किया।
सिमडेगा स्थित संत जेवियर महाविद्यालय के वाणिज्य विभाग के विद्यार्थियों ने डिजिटल भुगतान जागरूकता विषय पर एक लघु सर्वेक्षण आयोजित किया। यह गतिविधि विभागाध्यक्ष डॉ. अमित कुमार गुप्ता के मार्गदर्शन में गतिविधि-आधारित शिक्षण के अंतर्गत संपन्न हुई। सर्वे के माध्यम से छात्रों ने डिजिटल भुगतान के उपयोग, सुरक्षा और चुनौतियों से जुड़े पहलुओं का अध्ययन किया। निष्कर्षों से यह स्पष्ट हुआ कि जागरूकता के बावजूद नियमित उपयोग को बढ़ाने की आवश्यकता है।
- संत जेवियर महाविद्यालय, सिमडेगा के वाणिज्य विभाग द्वारा सर्वे।
- डॉ. अमित कुमार गुप्ता के मार्गदर्शन में गतिविधि आधारित शिक्षण।
- संरचित प्रश्नावली के माध्यम से 11 प्रश्नों पर डेटा संग्रह।
- डिजिटल भुगतान की जागरूकता मौजूद, पर नियमित उपयोग कम।
- छात्रों को डेटा संग्रह और विश्लेषण का व्यावहारिक अनुभव।
- डिजिटल वित्तीय समावेशन की जरूरत पर जोर।
सिमडेगा के संत जेवियर महाविद्यालय में वाणिज्य विभाग द्वारा विद्यार्थियों के लिए एक उपयोगी और व्यावहारिक शैक्षणिक गतिविधि का आयोजन किया गया। गतिविधि-आधारित शिक्षण की अवधारणा को साकार करते हुए विद्यार्थियों ने महाविद्यालय परिसर में डिजिटल भुगतान जागरूकता पर एक लघु सर्वेक्षण किया। इस पहल का उद्देश्य विद्यार्थियों को वास्तविक जीवन से जुड़े आर्थिक विषयों की समझ देना और डिजिटल अर्थव्यवस्था के प्रति संवेदनशील बनाना रहा।
सर्वेक्षण की प्रक्रिया और उद्देश्य
यह सर्वेक्षण वाणिज्य विभागाध्यक्ष डॉ. अमित कुमार गुप्ता के मार्गदर्शन में संपन्न हुआ। विद्यार्थियों ने एक संरचित प्रश्नावली तैयार की, जिसमें कुल ग्यारह प्रश्न शामिल थे। इन प्रश्नों के माध्यम से डिजिटल भुगतान विधियों के उपयोग, उनकी आवृत्ति, सुरक्षा को लेकर धारणा और इससे जुड़ी चुनौतियों के बारे में जानकारी एकत्र की गई।
सर्वे का मुख्य उद्देश्य यह जानना था कि महाविद्यालय परिसर में छात्र-छात्राएं डिजिटल भुगतान को किस हद तक अपनाते हैं और किन कारणों से इसका नियमित उपयोग नहीं हो पा रहा है।
सर्वेक्षण के प्रमुख निष्कर्ष
सर्वेक्षण से यह तथ्य सामने आया कि डिजिटल भुगतान के प्रति छात्रों में सामान्य जागरूकता तो है, लेकिन नियमित उपयोग करने वालों की संख्या अपेक्षाकृत कम है। विशेष रूप से छात्राओं के बीच डिजिटल भुगतान के इस्तेमाल में झिझक और सुरक्षा को लेकर संकोच देखा गया।
निष्कर्षों ने यह संकेत दिया कि डिजिटल भुगतान को लेकर विश्वास और व्यवहारिक प्रशिक्षण को और मजबूत करने की आवश्यकता है, ताकि डिजिटल वित्तीय समावेशन को बढ़ावा मिल सके।
विभागाध्यक्ष के समक्ष प्रस्तुति
सर्वेक्षण पूरा होने के बाद विद्यार्थियों ने अपने निष्कर्ष विभागाध्यक्ष डॉ. अमित कुमार गुप्ता के समक्ष प्रस्तुत किए।
डॉ. अमित कुमार गुप्ता ने कहा: “डिजिटल अर्थव्यवस्था के वर्तमान दौर में ऐसे सर्वे छात्रों को केवल अकादमिक ज्ञान ही नहीं, बल्कि व्यवहारिक समझ भी प्रदान करते हैं। आंकड़ों की सही व्याख्या और उनका सामाजिक संदर्भ में उपयोग अत्यंत महत्वपूर्ण है।”
उन्होंने विद्यार्थियों के प्रयासों की सराहना करते हुए डेटा विश्लेषण, निष्कर्ष निकालने और प्रस्तुतीकरण से जुड़े महत्वपूर्ण बिंदुओं पर मार्गदर्शन भी दिया।
विद्यार्थियों के कौशल विकास में सहायक पहल
इस गतिविधि के माध्यम से विद्यार्थियों को डेटा संग्रह, विश्लेषण, और प्रस्तुतीकरण का प्रत्यक्ष अनुभव प्राप्त हुआ। साथ ही, उनके संचार कौशल और विश्लेषणात्मक क्षमता में भी उल्लेखनीय वृद्धि हुई। यह सर्वे केवल एक शैक्षणिक अभ्यास नहीं, बल्कि छात्रों को भविष्य की पेशेवर चुनौतियों के लिए तैयार करने की दिशा में एक सार्थक कदम साबित हुआ।
अनुभवात्मक शिक्षण की मिसाल
इस प्रकार की पहल संत जेवियर महाविद्यालय की उस शैक्षणिक दृष्टि को दर्शाती है, जिसमें अनुभवात्मक शिक्षण और वास्तविक जीवन से जुड़े अध्ययन को प्राथमिकता दी जाती है। इससे विद्यार्थियों को पुस्तकीय ज्ञान के साथ-साथ व्यावहारिक समझ भी विकसित करने का अवसर मिलता है।
न्यूज़ देखो: डिजिटल अर्थव्यवस्था की समझ की ओर कदम
डिजिटल भुगतान पर किया गया यह सर्वे बताता है कि जागरूकता के साथ व्यवहार में बदलाव लाना अभी भी एक चुनौती है। महाविद्यालय द्वारा इस तरह की गतिविधियां छात्रों को समाधान का हिस्सा बनाती हैं, न कि केवल दर्शक। शिक्षा और डिजिटल साक्षरता के इस मेल से भविष्य में सकारात्मक परिवर्तन की उम्मीद की जा सकती है। हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।
सीख जो कक्षा से बाहर जाती है
जब शिक्षा समाज और तकनीक से जुड़ती है, तब उसका प्रभाव दूरगामी होता है। डिजिटल भुगतान जैसे विषयों पर छात्रों की सक्रिय भागीदारी उन्हें जिम्मेदार नागरिक बनाती है। इस तरह की पहलें न केवल ज्ञान बढ़ाती हैं, बल्कि आत्मविश्वास भी विकसित करती हैं।
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