
#गिरिडीह #प्रशासनिक_आदेश : सदर अनुमंडल में डीजे के उपयोग पर पूर्ण रोक, उल्लंघन पर जब्ती और एफआईआर की चेतावनी।
गिरिडीह सदर अनुमंडल में धार्मिक, सामाजिक और शादी-विवाह जैसे आयोजनों के दौरान डीजे बजाने पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया गया है। सदर एसडीएम द्वारा जारी आदेश में तेज ध्वनि को ध्वनि प्रदूषण नियमों का उल्लंघन बताया गया है। आदेश के तहत डीजे और संबंधित वाहन जब्त करने तथा आयोजकों पर प्राथमिकी दर्ज करने की चेतावनी दी गई है। यह फैसला आमजन की शांति, स्वास्थ्य और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के उद्देश्य से लिया गया है।
- गिरिडीह सदर अनुमंडल में सभी प्रकार के आयोजनों में डीजे पर पूर्ण प्रतिबंध।
- एसडीएम द्वारा आदेश जारी, नियम उल्लंघन पर सख्त कार्रवाई की चेतावनी।
- डीजे बजाने पर डीजे व वाहन जब्त और प्राथमिकी दर्ज होगी।
- रात 10 बजे के बाद किसी भी स्थिति में डीजे बजाना पूरी तरह प्रतिबंधित।
- धार्मिक, सामाजिक, शादी-विवाह और जुलूस सभी आयोजनों पर आदेश लागू।
गिरिडीह सदर अनुमंडल में बढ़ते ध्वनि प्रदूषण और उससे होने वाली समस्याओं को देखते हुए प्रशासन ने सख्त कदम उठाया है। धार्मिक पर्व, शादी-विवाह, जुलूस और अन्य सार्वजनिक आयोजनों में तेज आवाज वाले डीजे पर पूरी तरह रोक लगा दी गई है। इस आदेश का उद्देश्य आम नागरिकों, बुजुर्गों, बच्चों और मरीजों को अनावश्यक शोर से राहत दिलाना है।
तेज ध्वनि वाले डीजे पर पूर्ण रोक
एसडीएम द्वारा जारी आदेश में स्पष्ट कहा गया है कि वाहनों पर लगाए जाने वाले डीजे और अत्यधिक तेज ध्वनि में बजाया जाने वाला संगीत ध्वनि प्रदूषण नियमों के अंतर्गत प्रतिबंधित है। इस तरह की गतिविधियों से न केवल शांति भंग होती है, बल्कि स्वास्थ्य पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है। प्रशासन ने स्पष्ट कर दिया है कि किसी भी परिस्थिति में ऐसे डीजे की अनुमति नहीं दी जाएगी।
उल्लंघन पर सख्त कानूनी कार्रवाई
आदेश के अनुसार यदि कोई व्यक्ति या आयोजक डीजे बजाते हुए पाया गया तो—
- संबंधित डीजे उपकरण जब्त किए जाएंगे
- डीजे से जुड़े वाहन को भी जब्त किया जाएगा
- डीजे संचालक और आयोजक के विरुद्ध सुसंगत धाराओं में प्राथमिकी दर्ज की जाएगी
प्रशासन ने साफ कहा है कि इस मामले में किसी प्रकार की ढील नहीं दी जाएगी और सभी थाना प्रभारियों तथा संबंधित विभागों को आदेश के कड़ाई से अनुपालन का निर्देश दिया गया है।
रात 10 बजे के बाद पूरी तरह मनाही
एसडीएम के आदेश में विशेष रूप से उल्लेख किया गया है कि रात्रि 10 बजे के बाद किसी भी स्थिति में डीजे बजाना पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा। यह नियम धार्मिक पर्व, बारात, सांस्कृतिक कार्यक्रम, जुलूस सहित सभी प्रकार के आयोजनों पर समान रूप से लागू होगा। समय सीमा का उल्लंघन भी कानूनी कार्रवाई को आमंत्रित करेगा।
शांति और सौहार्द बनाए रखने पर जोर
प्रशासन का मानना है कि तेज ध्वनि से न केवल आमजन परेशान होते हैं, बल्कि कई बार कानून-व्यवस्था की स्थिति भी प्रभावित होती है। इसी को ध्यान में रखते हुए यह निर्णय लिया गया है, ताकि शहर और ग्रामीण क्षेत्रों में शांति और सौहार्दपूर्ण वातावरण बना रहे।
आमजन से सहयोग की अपील
प्रशासन ने आम नागरिकों, आयोजकों और डीजे संचालकों से अपील की है कि वे कानून का पालन करें और प्रशासन को सहयोग दें। नियमों का पालन कर ही सामाजिक और धार्मिक आयोजनों को गरिमामय तरीके से संपन्न किया जा सकता है।
न्यूज़ देखो: शोर नहीं, शांति से बनेगा सामाजिक सौहार्द
डीजे पर लगाया गया प्रतिबंध केवल आदेश नहीं, बल्कि आमजन के स्वास्थ्य और शांति की रक्षा का प्रयास है। प्रशासन का यह कदम दर्शाता है कि कानून-व्यवस्था और जनहित से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। अब जरूरत है सख्त निगरानी और लगातार कार्रवाई की, ताकि आदेश केवल कागजों तक सीमित न रहे। हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।
शांति का सम्मान करें, नियमों का पालन करें
त्योहार, शादी और सामाजिक आयोजन खुशियों के लिए होते हैं, शोर और परेशानी के लिए नहीं।
यदि हम सभी नियमों का पालन करें तो समाज में सौहार्द और आपसी सम्मान बना रहेगा।
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