
#बानो #प्रखंड_प्रशासन : बीडीओ की अध्यक्षता में योजनाओं की समीक्षा कर दिए गए सख्त निर्देश।
बानो प्रखंड कार्यालय के सभागार में साप्ताहिक समीक्षा बैठक का आयोजन किया गया, जिसकी अध्यक्षता प्रखंड विकास पदाधिकारी नईमुद्दीन अंसारी ने की। बैठक में मनरेगा, प्रधानमंत्री आवास योजना, अबुआ आवास योजना और ई-केवाईसी सहित विभिन्न सरकारी योजनाओं की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की गई। अधिकारियों और कर्मियों को लंबित कार्यों में तेजी लाने और समयबद्ध क्रियान्वयन के निर्देश दिए गए। बैठक का उद्देश्य योजनाओं का लाभ समय पर लाभुकों तक पहुंचाना और प्रशासनिक कार्यप्रणाली को प्रभावी बनाना रहा।
- बानो प्रखंड कार्यालय सभागार में आयोजित हुई साप्ताहिक समीक्षा बैठक।
- बैठक की अध्यक्षता प्रखंड विकास पदाधिकारी नईमुद्दीन अंसारी ने की।
- मनरेगा, प्रधानमंत्री आवास योजना, अबुआ आवास योजना और ई-केवाईसी की समीक्षा।
- बीपीओ, एई, जेई, रोजगार सेवक, पंचायत सचिव सहित सभी कर्मी रहे उपस्थित।
- लंबित योजनाओं को समय पर पूरा करने और निगरानी मजबूत करने के निर्देश।
बानो प्रखंड कार्यालय के सभागार में आयोजित साप्ताहिक समीक्षा बैठक प्रशासनिक दृष्टि से महत्वपूर्ण रही। बैठक का उद्देश्य केंद्र और राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं की अद्यतन स्थिति की समीक्षा करना और क्रियान्वयन में आ रही बाधाओं को दूर करना था। बैठक में विभिन्न विभागों के पदाधिकारी और कर्मचारी उपस्थित रहे, जिससे योजनाओं की जमीनी प्रगति पर समग्र चर्चा संभव हो सकी। प्रखंड विकास पदाधिकारी ने स्पष्ट किया कि योजनाओं के क्रियान्वयन में किसी भी स्तर पर लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।
बैठक की अध्यक्षता और प्रशासनिक उपस्थिति
साप्ताहिक समीक्षा बैठक की अध्यक्षता प्रखंड विकास पदाधिकारी नईमुद्दीन अंसारी ने की। बैठक में प्रखंड कार्यक्रम पदाधिकारी (बीपीओ), सहायक अभियंता (एई), कनीय अभियंता (जेई), प्रखंड के सभी रोजगार सेवक, पंचायत सचिव, जन सेवक एवं प्रखंड कार्यालय के सभी कर्मी उपस्थित रहे। इसके अलावा अजय सिंह, नितेश कुमार, त्रिवेणी प्रसाद, मनोज कुमार, क्लीवर भोक्ता, बासुदेव साहू, सनोज कुमार, रंजीत महतो सहित अन्य कर्मियों की उपस्थिति दर्ज की गई।
बैठक में सभी संबंधित अधिकारियों से उनके-अपने विभागों की प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत करने को कहा गया, जिससे योजनाओं की वास्तविक स्थिति सामने आ सके।
प्रमुख योजनाओं की विस्तृत समीक्षा
बैठक के दौरान ई-केवाईसी की प्रगति की विशेष समीक्षा की गई। अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि शेष लाभुकों का ई-केवाईसी कार्य शीघ्र पूर्ण कराया जाए, ताकि योजनाओं के लाभ वितरण में कोई बाधा न आए।
इसके साथ ही मनरेगा से संचालित योजनाओं की समीक्षा करते हुए रोजगार सृजन, कार्यस्थलों की स्थिति, मजदूरी भुगतान और लंबित कार्यों पर विस्तार से चर्चा की गई। अधिकारियों को यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया कि मजदूरों को समय पर रोजगार और पारिश्रमिक मिले।
प्रधानमंत्री आवास योजना और अबुआ आवास योजना के अंतर्गत स्वीकृत आवासों की प्रगति, निर्माण की स्थिति और लाभुकों को मिलने वाली सहायता पर भी बिंदुवार समीक्षा की गई। जिन मामलों में कार्य अधूरा पाया गया, वहां संबंधित कर्मियों से स्पष्टीकरण लिया गया।
बीडीओ के सख्त निर्देश
बैठक में प्रखंड विकास पदाधिकारी नईमुद्दीन अंसारी ने सभी अधिकारियों और कर्मियों को योजनाओं के क्रियान्वयन में तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा:
नईमुद्दीन अंसारी ने कहा: “सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ समय पर लाभुकों तक पहुँचना चाहिए, इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।”
उन्होंने यह भी निर्देश दिया कि सभी योजनाओं की नियमित मॉनिटरिंग की जाए और प्रगति रिपोर्ट समय पर प्रस्तुत की जाए, ताकि उच्च स्तर पर सही जानकारी उपलब्ध कराई जा सके।
मॉनिटरिंग और जवाबदेही पर जोर
बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि प्रखंड स्तर पर योजनाओं की निगरानी प्रणाली को और मजबूत किया जाएगा। बीडीओ ने कहा कि प्रत्येक अधिकारी और कर्मी की जिम्मेदारी तय की जाएगी और कार्य में लापरवाही पाए जाने पर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने यह भी कहा कि योजनाओं का उद्देश्य तभी पूरा होगा जब लाभुकों को समय पर और पारदर्शी तरीके से लाभ मिले। इसके लिए टीमवर्क और समन्वय आवश्यक है।
प्रशासनिक कार्यप्रणाली में सुधार की पहल
साप्ताहिक समीक्षा बैठक के माध्यम से प्रशासनिक कार्यप्रणाली को सुदृढ़ करने का प्रयास किया गया। अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि वे क्षेत्र भ्रमण बढ़ाएं और योजनाओं की स्थिति का स्वयं निरीक्षण करें। इससे न केवल योजनाओं की गति बढ़ेगी बल्कि जमीनी स्तर पर समस्याओं का त्वरित समाधान भी संभव होगा।
न्यूज़ देखो: जवाबदेही से ही मजबूत होगा विकास तंत्र
बानो प्रखंड में आयोजित यह समीक्षा बैठक प्रशासन की सक्रियता को दर्शाती है। योजनाओं की नियमित समीक्षा और सख्त निर्देश यह संकेत देते हैं कि लाभुकों तक सरकारी सहायता पहुंचाने को प्राथमिकता दी जा रही है। हालांकि, निर्देशों का वास्तविक असर तभी दिखेगा जब जमीनी स्तर पर इनका ईमानदारी से पालन हो। आने वाले समय में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि लंबित योजनाएं कितनी तेजी से पूरी होती हैं। हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।
सजग प्रशासन, सशक्त समाज की ओर
सरकारी योजनाएं तभी सार्थक होती हैं जब उनका लाभ समय पर आम जनता तक पहुंचे। प्रशासन और कर्मियों की जिम्मेदारी के साथ-साथ नागरिकों की जागरूकता भी उतनी ही आवश्यक है। यदि आप अपने क्षेत्र में किसी योजना में देरी या समस्या देख रहे हैं, तो उसे सामने लाना भी सामाजिक जिम्मेदारी है।







