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सिमडेगा में विकास योजनाओं की कड़ी समीक्षा, उपायुक्त ने गुणवत्ता और समयबद्धता पर दिए सख्त निर्देश

#सिमडेगा #विकास_योजनाएं : जिला योजना की समीक्षा बैठक में गुणवत्ता, निरीक्षण और जनहित को सर्वोच्च प्राथमिकता।

सिमडेगा जिले में संचालित विकास योजनाओं की प्रगति और गुणवत्ता को लेकर उपायुक्त कंचन सिंह की अध्यक्षता में जिला योजना कार्यकारिणी समिति की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में वित्तीय वर्ष 2023-24, 2024-25 और 2025-26 के तहत स्वीकृत योजनाओं की भौतिक व वित्तीय स्थिति की गहन समीक्षा की गई। उपायुक्त ने सभी विभागों को अद्यतन प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत करने और कार्यों में गुणवत्ता सुनिश्चित करने के सख्त निर्देश दिए। जनहित से जुड़ी योजनाओं को प्राथमिकता देने पर विशेष जोर दिया गया।

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  • उपायुक्त कंचन सिंह की अध्यक्षता में समीक्षा बैठक आयोजित।
  • 2023-24 से 2025-26 तक की योजनाओं की भौतिक व वित्तीय समीक्षा।
  • गुणवत्ता में लापरवाही पर सख्त रुख, नियमित निरीक्षण के निर्देश।
  • पूर्ण योजनाओं की भौतिक सत्यापन कराने के आदेश।
  • सड़क और पेयजल विहीन गांवों को प्राथमिकता देने का निर्देश।

सिमडेगा जिले में विकास कार्यों की गति और गुणवत्ता को लेकर प्रशासन अब और सख्त नजर आ रहा है। इसी क्रम में उपायुक्त कंचन सिंह की अध्यक्षता में जिला योजना कार्यकारिणी समिति एवं जिला योजना अनाबद्ध निधि अंतर्गत संचालित योजनाओं की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिले के विभिन्न विभागों द्वारा क्रियान्वित योजनाओं की विस्तार से समीक्षा की गई और भविष्य की दिशा तय की गई।

उपायुक्त ने स्पष्ट किया कि विकास योजनाओं का उद्देश्य केवल राशि खर्च करना नहीं, बल्कि धरातल पर टिकाऊ और उपयोगी कार्य सुनिश्चित करना है। इसके लिए सभी विभागों को जिम्मेदारी के साथ कार्य करने की आवश्यकता है।

वित्तीय वर्षों की विस्तृत समीक्षा

बैठक में वित्तीय वर्ष 2023-24, 2024-25 एवं 2025-26 के अंतर्गत स्वीकृत एवं संचालित योजनाओं की स्थिति पर विस्तार से चर्चा की गई। उपायुक्त ने सभी संबंधित विभागों और कार्यकारिणी एजेंसियों को निर्देश दिया कि योजनाओं की अद्यतन भौतिक प्रगति रिपोर्ट अनिवार्य रूप से प्रस्तुत की जाए।

उन्होंने कहा कि प्रगति रिपोर्ट केवल कागजों तक सीमित नहीं होनी चाहिए, बल्कि जमीनी हकीकत को दर्शाने वाली होनी चाहिए, ताकि योजनाओं का सही आकलन किया जा सके।

गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं

नियमित निरीक्षण के निर्देश

उपायुक्त कंचन सिंह ने स्पष्ट शब्दों में कहा:

उपायुक्त कंचन सिंह ने कहा: “किसी भी कार्य को केवल संवेदक के भरोसे नहीं छोड़ा जाएगा। सभी विभाग नियमित रूप से स्थलीय निरीक्षण करें और गुणवत्ता की जांच सुनिश्चित करें।”

उन्होंने चेतावनी दी कि यदि किसी भी योजना में गुणवत्ता से समझौता पाया गया तो संबंधित एजेंसी और अधिकारियों पर जिम्मेदारी तय की जाएगी।

पूर्ण और अपूर्ण योजनाओं पर फोकस

उपायुक्त ने निर्देश दिया कि जो योजनाएं पूर्ण हो चुकी हैं, उनके लिए शीघ्र अधीक्षण (अधीयचना) की मांग की जाए। वहीं जो योजनाएं अभी अधूरी हैं, उन्हें निर्धारित समय-सीमा के भीतर पूरा करना अनिवार्य होगा।

इसके साथ ही सभी पूर्ण योजनाओं का भौतिक सत्यापन संबंधित प्रखंड विकास पदाधिकारियों के माध्यम से कराने का निर्देश दिया गया, ताकि वास्तविक स्थिति की पुष्टि हो सके।

विभिन्न विभागों की योजनाओं की समीक्षा

बैठक में एनआरईपी, स्पेशल डिवीजन, भवन प्रमंडल, पेयजल एवं स्वच्छता प्रमंडल सहित अन्य कार्यकारिणी एजेंसियों द्वारा संचालित योजनाओं की समीक्षा की गई।

प्रत्येक विभाग से योजनाओं की प्रगति, खर्च की स्थिति और जमीनी समस्याओं पर जानकारी ली गई। उपायुक्त ने स्पष्ट किया कि विभागीय समन्वय के बिना विकास की गति तेज नहीं हो सकती।

जनहित को सर्वोच्च प्राथमिकता

सड़क और पेयजल विहीन गांवों पर विशेष ध्यान

जिला योजना कार्यकारिणी समिति की बैठक में अनुमोदन की प्रत्याशा में प्राप्त आवेदनों और विभिन्न एजेंसियों द्वारा प्रस्तुत प्राक्कलनों की सूची की भी समीक्षा की गई।

उपायुक्त ने निर्देश दिया कि जनहित से जुड़ी सर्वाधिक उपयोगी योजनाओं को प्राथमिकता दी जाए। उन्होंने विशेष रूप से उन गांवों को चिन्हित करने का आदेश दिया, जहां अब तक सड़क संपर्क या पेयजल जैसी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध नहीं हैं।

उन्होंने कहा कि ऐसे क्षेत्रों में आधारभूत संरचना विकसित करना प्रशासन की सर्वोच्च जिम्मेदारी है।

बैठक में अधिकारी रहे मौजूद

इस महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक में जिला योजना पदाधिकारी, कार्यपालक अभियंता एनआरईपी, जेईई सहित अन्य संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित थे। सभी को अपने-अपने विभागों की जिम्मेदारियों के प्रति सजग रहने का निर्देश दिया गया।

न्यूज़ देखो: विकास में गुणवत्ता ही असली पैमाना

सिमडेगा में आयोजित यह समीक्षा बैठक स्पष्ट संदेश देती है कि अब विकास कार्यों में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। गुणवत्ता, समयबद्धता और जनहित को केंद्र में रखकर योजनाओं का चयन और क्रियान्वयन ही सुशासन की पहचान है। प्रशासन का यह रुख ग्रामीण विकास को नई दिशा दे सकता है। हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।

मजबूत योजनाएं, मजबूत सिमडेगा

विकास तभी सार्थक है जब उसका लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे।
सड़क, पानी और बुनियादी सुविधाएं हर नागरिक का अधिकार हैं।
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Satyam Kumar Keshri

सिमडेगा नगर क्षेत्र

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