
#रांची #अतिक्रमण_कार्रवाई : पहाड़ी मंदिर क्षेत्र की पवित्रता और सुरक्षा के लिए निगम ने अभियान तेज किया।
रांची के प्रसिद्ध धार्मिक स्थल पहाड़ी मंदिर परिसर में बढ़ते अतिक्रमण के खिलाफ नगर निगम ने सख्त कार्रवाई शुरू कर दी है। मंदिर क्षेत्र और आसपास अवैध रूप से बने ढांचों को चिन्हित कर हटाया जा रहा है। निगम का कहना है कि धार्मिक, पर्यावरणीय और सुरक्षा कारणों से यह अभियान जरूरी है। आने वाले दिनों में कार्रवाई और तेज की जाएगी।
- रांची नगर निगम की टीम द्वारा पहाड़ी मंदिर परिसर में अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई जारी।
- अस्थायी दुकानें, टीन शेड और अवैध निर्माण हटाए गए।
- निगम ने बताया कि पूर्व में नोटिस जारी कर दी गई थी।
- कुछ स्थानीय दुकानदारों ने जताई आपत्ति, निगम ने नियमों का हवाला दिया।
- प्रशासन ने आम नागरिकों से सहयोग की अपील की।
रांची शहर की पहचान और आस्था का प्रमुख केंद्र पहाड़ी मंदिर इन दिनों अतिक्रमण हटाओ अभियान को लेकर चर्चा में है। नगर निगम द्वारा मंदिर परिसर और उसके आसपास के क्षेत्रों में अवैध रूप से बने ढांचों को हटाने की प्रक्रिया लगातार जारी है। इस अभियान का उद्देश्य न केवल धार्मिक स्थल की पवित्रता बनाए रखना है, बल्कि पर्यावरण संरक्षण और आम श्रद्धालुओं की सुरक्षा सुनिश्चित करना भी है।
नगर निगम अधिकारियों के अनुसार, पहाड़ी मंदिर परिसर में बीते कुछ वर्षों में अतिक्रमण लगातार बढ़ता जा रहा था। इससे मंदिर आने वाले श्रद्धालुओं को असुविधा के साथ-साथ सुरक्षा संबंधी खतरे भी उत्पन्न हो रहे थे। इसी को देखते हुए निगम ने अतिक्रमण के खिलाफ सख्त रुख अपनाया है।
धार्मिक और पर्यावरणीय दृष्टि से महत्वपूर्ण है पहाड़ी मंदिर
पहाड़ी मंदिर रांची का एक प्रमुख धार्मिक स्थल है, जहां प्रतिदिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचते हैं। सावन और महाशिवरात्रि जैसे पर्वों पर यहां श्रद्धालुओं की संख्या कई गुना बढ़ जाती है। नगर निगम का मानना है कि मंदिर परिसर में अवैध निर्माण और अतिक्रमण से न केवल श्रद्धालुओं की आवाजाही प्रभावित होती है, बल्कि पहाड़ी क्षेत्र के पर्यावरण पर भी नकारात्मक असर पड़ता है।
अधिकारियों ने बताया कि पहाड़ी मंदिर क्षेत्र में बिना अनुमति अस्थायी दुकानों, टीन शेड और अन्य निर्माण कर लिए गए थे, जो नियमों के खिलाफ हैं। इसी कारण चरणबद्ध तरीके से इन्हें हटाया जा रहा है।
निगम की कार्रवाई, कई अवैध ढांचे हटाए गए
कार्रवाई के दौरान नगर निगम की टीम ने मंदिर क्षेत्र और आसपास के इलाकों में चिन्हित किए गए अतिक्रमण को हटाया। इस दौरान कई अस्थायी दुकानें, टीन शेड और अनधिकृत निर्माण को तोड़ा गया। निगम की टीम के साथ पुलिस बल भी मौजूद रहा, ताकि किसी प्रकार की अप्रिय स्थिति उत्पन्न न हो।
नगर निगम अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि यह कार्रवाई किसी के खिलाफ व्यक्तिगत रूप से नहीं है, बल्कि नियमों के तहत और जनहित में की जा रही है। उन्होंने यह भी कहा कि पहाड़ी मंदिर जैसे संवेदनशील क्षेत्र में किसी भी प्रकार का अवैध कब्जा बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
दुकानदारों की आपत्ति, निगम का जवाब
अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई को लेकर कुछ स्थानीय दुकानदारों और लोगों ने आपत्ति जताई। उनका कहना है कि वे लंबे समय से यहां दुकान लगाकर अपना रोज़गार चला रहे थे और अचानक कार्रवाई से उन्हें आर्थिक नुकसान हुआ है।
इस पर नगर निगम अधिकारियों ने साफ किया कि सभी संबंधित लोगों को पहले ही नोटिस जारी किया गया था। नोटिस में स्पष्ट रूप से कहा गया था कि बिना अनुमति किए गए निर्माण और कब्जे हटाए जाएं। बावजूद इसके जब अतिक्रमण नहीं हटाया गया, तब नियमों के तहत कार्रवाई की गई।
अधिकारियों का कहना है कि नगर निगम रोज़गार के महत्व को समझता है, लेकिन धार्मिक और सार्वजनिक स्थलों पर अवैध कब्जा किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं है।
आगे और तेज होगा अभियान
प्रशासन ने संकेत दिए हैं कि आने वाले दिनों में पहाड़ी मंदिर क्षेत्र में अतिक्रमण विरोधी अभियान और तेज किया जाएगा। जिन स्थानों पर अभी भी अवैध निर्माण या कब्जे पाए जाएंगे, वहां सख्त कार्रवाई की जाएगी।
नगर निगम ने आम नागरिकों और दुकानदारों से अपील की है कि वे नियमों का पालन करें और पहाड़ी मंदिर की पवित्रता, सुरक्षा और स्वच्छता बनाए रखने में प्रशासन का सहयोग करें।
आम लोगों से सहयोग की अपील
नगर निगम ने यह भी कहा कि पहाड़ी मंदिर केवल एक धार्मिक स्थल ही नहीं, बल्कि रांची शहर की पहचान और सांस्कृतिक धरोहर है। इसकी सुरक्षा और सौंदर्य बनाए रखना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है।
प्रशासन ने श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों से अपील की है कि वे अतिक्रमण से बचें, नियमों का सम्मान करें और किसी भी अवैध गतिविधि की जानकारी निगम को दें।
न्यूज़ देखो: आस्था और व्यवस्था के बीच संतुलन
पहाड़ी मंदिर में अतिक्रमण के खिलाफ नगर निगम की कार्रवाई यह संदेश देती है कि धार्मिक आस्था के साथ-साथ नियम और व्यवस्था भी उतनी ही जरूरी है। सार्वजनिक और धार्मिक स्थलों की रक्षा प्रशासन और नागरिकों की साझा जिम्मेदारी है। हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।
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आपकी छोटी सी जागरूकता बड़े बदलाव ला सकती है। पहाड़ी मंदिर जैसे स्थलों की पवित्रता और सुरक्षा के लिए नियमों का पालन करें। अपनी राय कमेंट में साझा करें, खबर को आगे बढ़ाएं और दूसरों को भी जागरूक करें।





