
#गुमला #सड़क_सुरक्षा : मॉडिफाइड साइलेंसर और ओवरलोड वाहनों पर प्रशासन की सख्त कार्रवाई।
गुमला जिले में सड़क सुरक्षा नियमों के उल्लंघन पर जिला प्रशासन ने सख्त कदम उठाते हुए व्यापक वाहन जांच अभियान चलाया। उपायुक्त प्रेरणा दीक्षित के निर्देश पर जिला परिवहन पदाधिकारी ज्ञान शंकर जायसवाल के नेतृत्व में गुमला बायपास मार्ग और उर्मी बायपास चौक पर जांच की गई। इस कार्रवाई में 24 घंटे के भीतर लाखों रुपये का जुर्माना वसूला गया।
- 07 मार्च 2026 को गुमला बायपास मार्ग और उर्मी बायपास चौक पर चला विशेष जांच अभियान।
- डीटीओ ज्ञान शंकर जायसवाल के नेतृत्व में ₹3,22,000 का जुर्माना वसूला गया।
- मॉडिफाइड साइलेंसर और अवैध एलईडी लाइट वाले वाहनों पर ऑन-स्पॉट कार्रवाई।
- ओवरलोड ट्रक, बिना हेलमेट बाइकर्स और बिना सीट बेल्ट चालकों पर भी कड़ी कार्रवाई।
- सड़क सुरक्षा जागरूकता के लिए उर्मी बायपास चौक पर पब्लिक एड्रेस सिस्टम की शुरुआत।
गुमला जिले में सड़क सुरक्षा नियमों की अनदेखी करने वाले वाहन चालकों के खिलाफ जिला प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। शनिवार को उपायुक्त प्रेरणा दीक्षित के निर्देश पर जिला परिवहन विभाग ने गुमला बायपास मुख्य मार्ग और उर्मी बायपास चौक पर सघन वाहन जांच अभियान चलाया। इस दौरान नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहन चालकों पर मोटर वाहन अधिनियम के तहत कार्रवाई करते हुए लाखों रुपये का जुर्माना वसूला गया। प्रशासन की इस कार्रवाई से लापरवाह वाहन चालकों में हड़कंप की स्थिति देखी गई।
24 घंटे में लाखों की जुर्माना वसूली
शनिवार को चलाए गए इस सघन वाहन जांच अभियान में जिला परिवहन पदाधिकारी ज्ञान शंकर जायसवाल के नेतृत्व में टीम ने बड़ी कार्रवाई की। जांच के दौरान नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहनों से कुल ₹3,22,000 का जुर्माना वसूला गया।
परिवहन विभाग की टीम शुक्रवार देर रात भी सक्रिय रही थी। अधिकारियों के अनुसार, देर रात चलाए गए जांच अभियान में भी नियम तोड़ने वाले वाहन चालकों के खिलाफ कार्रवाई की गई और लगभग ₹51,000 का चालान काटा गया।
इस प्रकार पिछले 24 घंटों के भीतर परिवहन विभाग की लगातार कार्रवाई ने यह स्पष्ट संदेश दिया है कि सड़क सुरक्षा नियमों की अनदेखी अब बिल्कुल भी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। प्रशासन का उद्देश्य केवल जुर्माना वसूलना नहीं बल्कि लोगों को सुरक्षित यातायात के प्रति जागरूक करना भी है।
मॉडिफाइड साइलेंसर और तेज आवाज वाले बाइकर्स पर कार्रवाई
जांच अभियान के दौरान सबसे अधिक कार्रवाई उन दोपहिया वाहन चालकों के खिलाफ की गई, जिन्होंने अपनी मोटरसाइकिलों में कंपनी फिटेड साइलेंसर को हटाकर तेज आवाज वाले मॉडिफाइड साइलेंसर लगवा रखे थे।
परिवहन विभाग के अधिकारियों ने ऐसे वाहनों को रोककर न केवल जुर्माना लगाया बल्कि मौके पर ही मैकेनिक को बुलाकर अवैध साइलेंसर उतरवा दिए। अधिकारियों का कहना है कि इस तरह के साइलेंसर ध्वनि प्रदूषण को बढ़ाते हैं और आम लोगों के लिए परेशानी का कारण बनते हैं।
इसके अलावा कुछ वाहनों में अवैध रूप से अतिरिक्त एलईडी लाइट भी लगाई गई थी, जिन पर भी कार्रवाई की गई। प्रशासन ने स्पष्ट किया कि सड़क पर ऐसे संशोधित वाहनों को किसी भी कीमत पर नहीं चलने दिया जाएगा।
ओवरलोडिंग और दस्तावेजों की भी हुई जांच
वाहन जांच अभियान के दौरान भारी मालवाहक वाहनों की भी गहन जांच की गई। कई ट्रक और हाइवा ऐसे पाए गए जो अपनी निर्धारित क्षमता से अधिक माल लेकर चल रहे थे। ऐसे ओवरलोड वाहनों पर मोटर वाहन अधिनियम के तहत जुर्माना लगाया गया।
इसके साथ ही अधिकारियों ने दोपहिया वाहनों पर बिना हेलमेट चलने वाले चालकों के खिलाफ कार्रवाई की। चार पहिया वाहनों में बिना सीट बेल्ट के यात्रा करने वालों को भी नहीं छोड़ा गया।
जांच के दौरान वाहन चालकों से बीमा, फिटनेस प्रमाण पत्र, परमिट और ड्राइविंग लाइसेंस जैसे आवश्यक दस्तावेजों की भी जांच की गई। जिन वाहनों के दस्तावेज अधूरे पाए गए, उनके खिलाफ भी नियमों के तहत चालान किया गया।
उर्मी बायपास चौक पर पब्लिक एड्रेस सिस्टम की शुरुआत
सड़क सुरक्षा को लेकर आम लोगों को लगातार जागरूक करने के उद्देश्य से उर्मी बायपास चौक पर एक पब्लिक एड्रेस सिस्टम (PAS) की शुरुआत की गई। इस प्रणाली के माध्यम से चौक से गुजरने वाले वाहन चालकों और राहगीरों को यातायात नियमों के पालन के लिए ऑडियो संदेशों के जरिए जागरूक किया जाएगा।
इस व्यवस्था के माध्यम से हेलमेट पहनने, सीट बेल्ट लगाने और सुरक्षित गति से वाहन चलाने जैसे महत्वपूर्ण संदेश लगातार प्रसारित किए जाएंगे ताकि लोगों में सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ सके।
अधिकारियों की मौजूदगी में चला अभियान
इस सघन वाहन जांच अभियान के दौरान जिला परिवहन पदाधिकारी ज्ञान शंकर जायसवाल के साथ मोटर यान निरीक्षक रॉबिन अजय सिंह और परिवहन कार्यालय के अन्य कर्मी भी मौजूद थे। टीम ने विभिन्न स्थानों पर वाहनों को रोककर दस्तावेजों की जांच की और नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की।
प्रशासन का कहना है कि आगे भी इस तरह के जांच अभियान लगातार जारी रहेंगे ताकि सड़क दुर्घटनाओं को कम किया जा सके और लोगों में यातायात नियमों के प्रति जिम्मेदारी की भावना विकसित हो।

न्यूज़ देखो: प्रभाव और सवाल
गुमला में चलाया गया यह सघन वाहन जांच अभियान प्रशासन की सड़क सुरक्षा को लेकर गंभीरता को दर्शाता है। लगातार बढ़ती सड़क दुर्घटनाओं के बीच ऐसे अभियान लोगों को नियमों का पालन करने के लिए प्रेरित कर सकते हैं। हालांकि यह भी जरूरी है कि सड़क सुरक्षा जागरूकता केवल चालान तक सीमित न रहे बल्कि लोगों के व्यवहार में भी बदलाव आए। हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।
जागरूक समाज की दिशा में एक कदम
सड़क पर सुरक्षित यात्रा केवल प्रशासन की जिम्मेदारी नहीं बल्कि हर नागरिक की भी जिम्मेदारी है। हेलमेट पहनना, सीट बेल्ट लगाना और यातायात नियमों का पालन करना हमारी और दूसरों की जान बचा सकता है। छोटी सी लापरवाही कई बार बड़ी दुर्घटना का कारण बन जाती है।
यदि हम सभी जिम्मेदारी के साथ सड़क नियमों का पालन करें तो दुर्घटनाओं की संख्या को काफी हद तक कम किया जा सकता है। जागरूक नागरिक ही सुरक्षित समाज की नींव रखते हैं।
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