#सिमडेगा #शैक्षणिक_भ्रमण : नर्सिंग छात्राओं का दल उड़ीसा में शिक्षा, संस्कृति और स्वास्थ्य व्यवस्था का कर रहा अध्ययन।
सिमडेगा जिले के बानो प्रखंड स्थित मदर टेरेसा कॉलेज ऑफ नर्सिंग की 50 नर्सिंग छात्राएं तीन दिवसीय शैक्षणिक भ्रमण पर उड़ीसा राज्य पहुंची हैं। छात्राओं का दल पुरी, कोणार्क और भुवनेश्वर जैसे ऐतिहासिक व सांस्कृतिक स्थलों का दौरा कर रहा है। इस भ्रमण का उद्देश्य छात्राओं को प्राचीन विरासत, सामाजिक संरचना और स्थानीय स्वास्थ्य व्यवस्था की जानकारी देना है। संस्थान प्रबंधन के अनुसार यह भ्रमण छात्राओं के शैक्षणिक और व्यावहारिक विकास के लिए महत्वपूर्ण है।
- 50 नर्सिंग छात्राएं 10 सदस्यीय टीम के साथ शैक्षणिक भ्रमण पर।
- पुरी, कोणार्क और भुवनेश्वर के ऐतिहासिक स्थलों का भ्रमण।
- उड़ीसा की संस्कृति, जीवनशैली और स्वास्थ्य व्यवस्था का अध्ययन।
- भ्रमण का उद्देश्य व्यावहारिक ज्ञान और सर्वांगीण विकास।
- संस्थान के निदेशक, सचिव, कोऑर्डिनेटर व शिक्षकों की सहभागिता।
- प्राचार्याओं द्वारा सफल व सुरक्षित यात्रा की शुभकामनाएं।
सिमडेगा जिले के बानो प्रखंड स्थित मदर टेरेसा कॉलेज ऑफ नर्सिंग की छात्राओं के लिए यह शैक्षणिक भ्रमण एक महत्वपूर्ण अनुभव बन रहा है। कॉलेज की 50 नर्सिंग छात्राएं 10 सदस्यीय टीम के साथ उड़ीसा राज्य के प्रमुख ऐतिहासिक और सांस्कृतिक केंद्रों का दौरा कर रही हैं। भ्रमण के दौरान छात्राएं न केवल पर्यटन स्थलों का अवलोकन कर रही हैं, बल्कि वहां की सामाजिक संरचना और स्वास्थ्य सेवाओं की कार्यप्रणाली को भी समझ रही हैं।
उड़ीसा के प्रमुख स्थलों का अध्ययन
शैक्षणिक भ्रमण के तहत छात्राओं का दल पुरी, कोणार्क और भुवनेश्वर पहुंच चुका है। इन स्थलों पर छात्राएं प्राचीन मंदिरों, ऐतिहासिक धरोहरों और सांस्कृतिक विरासत का अवलोकन कर रही हैं।
कोणार्क के सूर्य मंदिर जैसी ऐतिहासिक संरचनाएं छात्राओं को प्राचीन वास्तुकला और कला की समृद्ध परंपरा से परिचित करा रही हैं, वहीं पुरी और भुवनेश्वर में धार्मिक, सांस्कृतिक और सामाजिक जीवन को करीब से समझने का अवसर मिल रहा है।
स्वास्थ्य व्यवस्था और सामाजिक संरचना का अवलोकन
भ्रमण का एक प्रमुख उद्देश्य उड़ीसा की स्थानीय स्वास्थ्य व्यवस्था को समझना भी है। छात्राएं वहां की स्वास्थ्य सेवाओं की कार्यप्रणाली, जनस्वास्थ्य के प्रति जागरूकता और सामाजिक संरचना का अध्ययन कर रही हैं। इससे उन्हें यह समझने में मदद मिल रही है कि विभिन्न राज्यों में स्वास्थ्य सेवाएं किस प्रकार संचालित की जाती हैं और नर्सिंग सेवाओं की भूमिका किस तरह अहम होती है।
छात्राओं का कहना है कि कक्षा में पढ़े गए विषयों को वास्तविक परिस्थितियों में समझने का यह एक अनूठा अवसर है, जिससे उनका आत्मविश्वास बढ़ रहा है।
संस्थान प्रबंधन का उद्देश्य और संदेश
संस्थान के निदेशक डॉ. प्रह्लाद मिश्रा ने बताया:
डॉ. प्रह्लाद मिश्रा ने कहा: “प्रत्येक वर्ष की तरह इस वर्ष भी छात्राओं के सर्वांगीण विकास को ध्यान में रखते हुए शैक्षणिक भ्रमण का आयोजन किया गया है। ऐसे भ्रमण से छात्राओं को पुस्तकीय ज्ञान के साथ-साथ व्यावहारिक अनुभव भी मिलता है।”
उन्होंने कहा कि नर्सिंग जैसे सेवा-आधारित क्षेत्र में कार्य करने के लिए केवल अकादमिक ज्ञान ही नहीं, बल्कि सामाजिक और सांस्कृतिक समझ भी जरूरी है।
भ्रमण दल में शामिल शिक्षक और कर्मचारी
इस शैक्षणिक भ्रमण दल में संस्थान की सचिव निभा मिश्रा, कोऑर्डिनेटर रविकांत मिश्रा, लेक्चरर कविता कुमारी, ट्यूटर वंदना धनवार, वार्डन मटिल्डा तिर्की सहित अन्य कर्मचारी शामिल हैं। सभी सदस्य छात्राओं के मार्गदर्शन और सुरक्षा की जिम्मेदारी निभा रहे हैं।
वहीं कॉलेज की प्राचार्या एरेन बेक, एएनएम प्राचार्या निशि डुंगडुंग और लीलावती साहू ने छात्राओं को शुभकामनाएं देते हुए उनके सफल, सुरक्षित और ज्ञानवर्धक भ्रमण की कामना की है।
न्यूज़ देखो: शिक्षा के साथ अनुभव का संगम
यह शैक्षणिक भ्रमण दर्शाता है कि आधुनिक शिक्षा केवल कक्षा तक सीमित नहीं है। ऐसे आयोजन छात्राओं को व्यापक दृष्टिकोण, सामाजिक समझ और व्यावहारिक अनुभव प्रदान करते हैं। नर्सिंग जैसे संवेदनशील क्षेत्र में यह अनुभव भविष्य में बेहतर सेवा देने की नींव बनता है। संस्थान द्वारा इस तरह के प्रयास सराहनीय हैं—हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।
अनुभव से निखरता भविष्य
किताबी ज्ञान के साथ जब अनुभव जुड़ता है, तभी शिक्षा पूर्ण होती है। शैक्षणिक भ्रमण छात्राओं को नई सोच, नई संस्कृति और नई जिम्मेदारियों से परिचित कराते हैं। यह यात्रा उनके व्यक्तित्व और पेशेवर क्षमता दोनों को मजबूत बना रही है।
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