
#बानो #शैक्षणिक_उपलब्धि : झारखंड नर्सिंग काउंसिल परीक्षा में कॉलेज की तीन छात्राओं ने जिले में प्रथम और द्वितीय स्थान हासिल किया।
सिमडेगा जिले के बानो प्रखंड स्थित मदर टेरेसा कॉलेज ऑफ नर्सिंग की छात्राओं ने झारखंड नर्सिंग काउंसिल द्वारा आयोजित परीक्षाओं में शानदार प्रदर्शन किया है। जीएनएम और एएनएम परीक्षा परिणाम में कॉलेज की तीन छात्राओं ने जिले स्तर पर शीर्ष स्थान प्राप्त किए हैं। इस उपलब्धि से न केवल संस्थान बल्कि पूरे क्षेत्र में हर्ष और गर्व का माहौल है। बेहतर परिणाम ने कॉलेज की शैक्षणिक गुणवत्ता और अनुशासन को एक बार फिर प्रमाणित किया है।
- मदर टेरेसा कॉलेज ऑफ नर्सिंग, बानो की छात्राओं का उत्कृष्ट प्रदर्शन।
- जीएनएम परीक्षा में प्रभा कुमारी ने जिला प्रथम स्थान प्राप्त किया।
- प्रियंका रेजिना मिंज को जीएनएम परीक्षा में जिला द्वितीय स्थान।
- एएनएम परीक्षा में बबीता कुमारी ने जिला प्रथम स्थान हासिल किया।
- कॉलेज निदेशक डॉ. प्रह्लाद मिश्रा ने छात्राओं को दी शुभकामनाएं।
- उपलब्धि से कॉलेज परिसर में हर्ष और उत्साह का माहौल।
बानो प्रखंड के लिए यह क्षण गर्व और खुशी से भरा हुआ है, जब मदर टेरेसा कॉलेज ऑफ नर्सिंग की छात्राओं ने शैक्षणिक क्षेत्र में उल्लेखनीय उपलब्धि दर्ज की है। झारखंड नर्सिंग काउंसिल द्वारा आयोजित जीएनएम और एएनएम परीक्षाओं में कॉलेज की तीन छात्राओं ने जिले में शीर्ष स्थान प्राप्त कर न केवल अपने परिवार बल्कि संस्थान और पूरे क्षेत्र का नाम रोशन किया है। परीक्षा परिणाम आने के बाद कॉलेज परिसर में छात्र-छात्राओं और शिक्षकों के बीच उत्साह का माहौल देखने को मिला।
जीएनएम परीक्षा में शानदार प्रदर्शन
झारखंड नर्सिंग काउंसिल द्वारा आयोजित जनरल नर्सिंग एंड मिडवाइफरी (जीएनएम) परीक्षा में मदर टेरेसा कॉलेज ऑफ नर्सिंग की छात्रा प्रभा कुमारी ने जिले में प्रथम स्थान प्राप्त कर उत्कृष्ट प्रदर्शन किया। वहीं उसी परीक्षा में कॉलेज की ही छात्रा प्रियंका रेजिना मिंज ने द्वितीय स्थान हासिल किया। दोनों छात्राओं ने उच्च अंक प्राप्त कर यह साबित किया कि कड़ी मेहनत, अनुशासन और सही मार्गदर्शन से किसी भी लक्ष्य को हासिल किया जा सकता है।
एएनएम परीक्षा में भी जिले में प्रथम स्थान
केवल जीएनएम ही नहीं, बल्कि एएनएम (ऑक्सिलरी नर्स मिडवाइफरी) परीक्षा में भी कॉलेज की छात्रा बबीता कुमारी ने जिले में प्रथम स्थान प्राप्त किया है। एएनएम परीक्षा में बबीता कुमारी के उत्कृष्ट प्रदर्शन ने यह दर्शाया कि कॉलेज में पढ़ाई के साथ-साथ व्यावहारिक प्रशिक्षण पर भी विशेष ध्यान दिया जाता है। इस सफलता ने संस्थान की शैक्षणिक विश्वसनीयता को और मजबूत किया है।
कॉलेज की शैक्षणिक गुणवत्ता का प्रमाण
तीनों छात्राओं द्वारा सर्वश्रेष्ठ अंक प्राप्त करना इस बात का संकेत है कि मदर टेरेसा कॉलेज ऑफ नर्सिंग में पढ़ाई का वातावरण, शिक्षकों का मार्गदर्शन और अनुशासनात्मक व्यवस्था मजबूत है। नर्सिंग जैसे सेवा-आधारित क्षेत्र में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा का महत्व अत्यधिक होता है, क्योंकि यही छात्राएं भविष्य में स्वास्थ्य सेवाओं की रीढ़ बनती हैं। इन परिणामों ने कॉलेज की वर्षों की मेहनत और प्रतिबद्धता को सार्थक किया है।
निदेशक ने दी शुभकामनाएं और प्रेरणा
कॉलेज के निदेशक डॉ. प्रह्लाद मिश्रा ने सभी सफल छात्राओं को बधाई और शुभकामनाएं दीं।
डॉ. प्रह्लाद मिश्रा ने कहा: “यह हमारे कॉलेज के लिए गर्व का क्षण है। मेरी शुभकामनाएं हैं कि ये सभी छात्राएं अपने जीवन में निरंतर आगे बढ़ें और नर्सिंग सेवा के माध्यम से समाज और मानवता की सेवा करती रहें।”
उन्होंने कहा कि कॉलेज का उद्देश्य केवल परीक्षा में अच्छे अंक लाना नहीं, बल्कि समाज को समर्पित, संवेदनशील और कुशल नर्सिंग पेशेवर तैयार करना है।
छात्राओं की सफलता से बढ़ा आत्मविश्वास
इन सफलताओं का सकारात्मक प्रभाव कॉलेज के अन्य छात्र-छात्राओं पर भी पड़ा है। वरिष्ठ और कनिष्ठ छात्राओं में अब बेहतर प्रदर्शन करने की प्रेरणा और आत्मविश्वास देखने को मिल रहा है। शिक्षकों का मानना है कि इस तरह की उपलब्धियां पूरे संस्थान के शैक्षणिक माहौल को मजबूत करती हैं और भविष्य में और बेहतर परिणामों का मार्ग प्रशस्त करती हैं।
क्षेत्र के लिए प्रेरणास्रोत बनी उपलब्धि
बानो जैसे ग्रामीण प्रखंड में इस स्तर की शैक्षणिक सफलता अन्य युवाओं, विशेषकर छात्राओं के लिए प्रेरणास्रोत बन रही है। यह संदेश स्पष्ट है कि सीमित संसाधनों के बावजूद समर्पण और मेहनत से बड़े लक्ष्य हासिल किए जा सकते हैं। नर्सिंग क्षेत्र में यह सफलता स्थानीय स्वास्थ्य सेवाओं के लिए भी सकारात्मक संकेत मानी जा रही है।
न्यूज़ देखो: मेहनत और सही मार्गदर्शन की जीत
मदर टेरेसा कॉलेज ऑफ नर्सिंग की छात्राओं की यह उपलब्धि बताती है कि गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और अनुशासन का कोई विकल्प नहीं है। ग्रामीण क्षेत्रों में भी यदि सही अवसर और मार्गदर्शन मिले, तो प्रतिभाएं राष्ट्रीय और राज्य स्तर पर अपनी पहचान बना सकती हैं। अब यह जिम्मेदारी संस्थान और प्रशासन की है कि ऐसी प्रतिभाओं को आगे बढ़ने के लिए हर संभव सहयोग मिले। क्या भविष्य में ऐसे और परिणाम देखने को मिलेंगे, यह आने वाला समय बताएगा। हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।
सपनों को पंख देती शिक्षा, सेवा को दिशा देती सफलता
यह सफलता सिर्फ तीन छात्राओं की नहीं, बल्कि हर उस बेटी की उम्मीद है जो आगे बढ़ना चाहती है। शिक्षा और सेवा के क्षेत्र में ऐसे उदाहरण समाज को नई दिशा देते हैं। आइए, हम भी प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करें और सकारात्मक प्रयासों का समर्थन करें। इस खबर पर अपनी राय साझा करें, इसे दूसरों तक पहुंचाएं और शिक्षा के माध्यम से बदलाव की इस कहानी को आगे बढ़ाएं।





