Garhwa

गढ़वा में कोयल नदी में अचानक आई बाढ़, तीन चरवाहों को 9 घंटे की मशक्कत के बाद बचाया गया, दो की तलाश जारी

#गढ़वा #कोयलनदीबाढ़ — मूसलधार बारिश के कारण नदी में जलस्तर तेजी से बढ़ा, एसडीएम के नेतृत्व में चला साहसी रेस्क्यू ऑपरेशन
  • कोयल नदी की बाढ़ में खरौंधा और खरसोता के तीन चरवाहे फंसे
  • गढ़वा एसडीएम संजय पांडेय के नेतृत्व में चला 9 घंटे लंबा रेस्क्यू
  • रेस्क्यू टीम को करैत सांप और बिच्छू जैसे खतरों से भी जूझना पड़ा
  • एक दिव्यांग समेत तीन लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला गया
  • कांडी प्रखंड के जयनगरा में दो किशोरों के लिए अलग से चल रहा रेस्क्यू

अचानक बढ़े जलस्तर ने ली जान पर बन आई, नदी में उगे कासी घास से थामा सहारा

गढ़वा जिले में पिछले 48 घंटों से हो रही मूसलाधार बारिश के कारण कोयल नदी में अचानक बाढ़ आ गई। इस दौरान तीन चरवाहे अपने पशुओं के साथ नदी के टापू पर फंस गए। इनमें से दो लोग खरौंधा और एक खरसोता गांव का निवासी था। यह घटना तब हुई जब ये लोग सुबह नदी किनारे पशुओं को चराने गए थे, लेकिन जलस्तर इतना तेजी से बढ़ा कि वापस लौटना संभव नहीं रहा।

फंसे लोगों में एक दिव्यांग युवक भी, परिजन तट पर रोते रहे

फंसे लोगों में राकेश कुमार (दिव्यांग), राजेश कुमार और कुश कुमार शामिल हैं। राकेश के माता-पिता नदी किनारे रोते-बिलखते अपने बेटे का इंतजार करते रहे। राकेश की मां कुंती कुंवर और कुश के पिता श्रवण मेहता लगातार घाट पर बैठे रहे। तीनों युवक नदी में उगी हुई कासी घास को पकड़कर घंटों तक खड़े रहे।

खतरों से भरा रहा रेस्क्यू, करैत सांप और बिच्छू का डंक भी नहीं रोक सका जज़्बा

रेस्क्यू ऑपरेशन में कई बाधाएं आईं। रेस्क्यू टीम की बोट कचरे में फंस गई, एक सदस्य को बिच्छू ने डंक मार दिया, और एसडीएम के पास करैत सांप भी निकल आया। बावजूद इसके, टीम ने साहस नहीं छोड़ा और घंटों तक बाढ़ में फंसे लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने में जुटी रही।

एसडीएम संजय कुमार पांडेय ने कहा: “ऐसी स्थिति में नदी के किनारे नहीं जाना चाहिए। बारिश के मौसम में नदी में पानी कब बढ़ जाए, कोई गारंटी नहीं है। सभी लोग सतर्क रहें।”

प्रशासन की मुस्तैदी और गोताखोरों की बहादुरी से बची जानें

रेस्क्यू ऑपरेशन में गढ़वा, मोहम्मदगंज (पलामू) और नावाडीह डैम से आए मछुआरों और गोताखोरों की टीमों ने हिस्सा लिया। राकेश को गोताखोर रामचंद्र चौधरी और टाइगर चौधरी, जबकि कुश कुमार को अनराज नावाडीह की बोट टीम ने सुरक्षित निकाला। साथ ही राजेश कुमार को गढ़वा प्रशासन की टीम ने सफलतापूर्वक बाहर लाया।

घटनास्थल पर भारी भीड़, अफसर मौके पर डटे रहे

घटना की सूचना मिलते ही सदर एसडीएम संजय पांडेय, अंचलाधिकारी राकेश सहाय, थाना प्रभारी अविनाश राज, मुखिया परिखा राम, और उप मुखिया रवि कुमार मेहता मौके पर पहुंचे और लगातार कैम्प कर रेस्क्यू का नेतृत्व किया। सैकड़ों लोग नदी किनारे मौजूद थे, सभी फंसे युवकों की सलामती की दुआ कर रहे थे।

जयनगरा में भी दो किशोर फंसे, वहां भी चल रहा है रेस्क्यू

एसडीएम संजय पांडेय ने जानकारी दी कि कांडी प्रखंड के जयनगरा में कोयल नदी के टापू पर दो किशोरों के फंसे होने की सूचना भी मिली है। वहां रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू कर दिया गया है और आशा है कि उन्हें भी जल्द बाहर निकाल लिया जाएगा।

Meet the Survivor: “ये है रमेश यादव। कोयल नदी के टापू में भैंस चराने गए थे, पानी बढ़ता गया, लेकिन 5 घंटे की मेहनत के बाद उन्हें सकुशल किनारे लाया गया।”

न्यूज़ देखो: प्रशासनिक बहादुरी से बची कई जिंदगियां

गढ़वा में कोयल नदी की बाढ़ से उपजी चुनौती में प्रशासन ने जिस तत्परता, साहस और इंसानियत का परिचय दिया, वह काबिल-ए-तारीफ है। एसडीएम संजय पांडेय की अगुवाई में जो रेस्क्यू ऑपरेशन चला, उसने कई जिंदगियों को मौत के मुंह से निकाल लाया। बारिश के इस मौसम में प्रशासन की सक्रियता ही जनजीवन की सबसे बड़ी ढाल है।
हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।

इस घटना से हमें यह सीख मिलती है कि प्राकृतिक आपदाओं को हल्के में नहीं लेना चाहिए। नदियों, डैम या किसी भी जल स्रोत के पास सतर्कता बरतनी चाहिए। प्रशासन मुस्तैद है, लेकिन नागरिकों की भी जिम्मेदारी बनती है कि वे खुद भी जागरूक रहें।
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