
#पलामू #अंधविश्वास_हिंसा : पांकी थाना क्षेत्र के कुसड़ी गांव में नृशंस वारदात से दहशत।
पलामू जिले के पांकी थाना क्षेत्र में डायन-बिसाही के अंधविश्वास ने एक बार फिर मानवता को शर्मसार कर दिया है। आसेहार पंचायत के कुसड़ी गांव में अंधविश्वास के चलते तीन लोगों की निर्मम हत्या कर दी गई, जबकि दो अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए। मृतक और आरोपी एक ही गांव के बताए जा रहे हैं, जहां बीमारी और मौत के बाद आरोप-प्रत्यारोप ने हिंसक रूप ले लिया। यह घटना न सिर्फ कानून-व्यवस्था बल्कि समाज में अब भी गहराई से फैले अंधविश्वास पर गंभीर सवाल खड़े करती है।
- पांकी थाना क्षेत्र के कुसड़ी गांव में दिल दहला देने वाली घटना।
- डायन-बिसाही के आरोप के बाद हिंसक झड़प।
- विजय भुईया, कलिया देवी और छोटू भुईया की मौके पर हत्या।
- ममता कुमारी और नीतू देवी गंभीर रूप से घायल।
- घायलों का पांकी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में इलाज जारी।
- पुलिस की चार घंटे की देरी पर ग्रामीणों में आक्रोश।
पलामू जिले में एक बार फिर अंधविश्वास ने निर्दोष लोगों की जान ले ली है। पांकी थाना क्षेत्र अंतर्गत आसेहार पंचायत के कुसड़ी गांव स्थित पुरानी बथान में हुई यह घटना न सिर्फ नृशंस है, बल्कि समाज की उस कड़वी सच्चाई को भी उजागर करती है, जहां आज भी ओझा-गुणी और डायन-बिसाही जैसे कुप्रथाएं लोगों की सोच पर हावी हैं। इस हिंसा ने पूरे इलाके को दहशत में डाल दिया है।
कैसे शुरू हुआ विवाद
प्राप्त जानकारी के अनुसार, गांव के महेशी भुईया की हाल ही में मृत्यु हो गई थी। उनके निधन के बाद उनके पुत्र प्रमोद भुईया और रविन्द्र भुईया ने गांव के ही कुछ लोगों पर डायन-बिसाही कराने का आरोप लगाया। बीमारी और मौत का कारण अंधविश्वास से जोड़ते हुए आरोप-प्रत्यारोप का सिलसिला शुरू हुआ, जो देखते ही देखते हिंसक झड़प में बदल गया।
तीन की मौके पर हत्या
हिंसक घटना के दौरान विजय भुईया (लगभग 45 वर्ष), उनकी पत्नी कलिया देवी (40 वर्ष) और 17 वर्षीय छोटू भुईया पर बेरहमी से हमला किया गया। बताया जा रहा है कि तीनों की मौके पर ही निर्मम हत्या कर दी गई। घटना की भयावहता ने पूरे गांव को स्तब्ध कर दिया है।
दो महिलाएं गंभीर रूप से घायल
इस हिंसा में ममता कुमारी (14 वर्ष) और नीतू देवी (25 वर्ष) गंभीर रूप से घायल हो गईं। दोनों को तत्काल पांकी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया गया, जहां चिकित्सकों की निगरानी में उनका इलाज चल रहा है। डॉक्टरों के अनुसार दोनों की स्थिति फिलहाल चिंताजनक बनी हुई है।
गांव में फैला डर और सन्नाटा
घटना के बाद कुसड़ी गांव में भय और तनाव का माहौल है। कई परिवार अपने घरों में दुबकने को मजबूर हैं। स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि इस क्षेत्र में अब भी ओझा-गुणी और डायन-बिसाही जैसे अंधविश्वास गहराई से जड़ें जमाए हुए हैं, जिसके कारण ऐसी घटनाएं समय-समय पर सामने आती रहती हैं।
पुलिस की देरी पर उठे सवाल
ग्रामीणों में सबसे ज्यादा आक्रोश इस बात को लेकर है कि घटना की सूचना मिलने के बावजूद चार घंटे तक पांकी थाना पुलिस मौके पर नहीं पहुंची। बताया गया कि घटनास्थल पर सिर्फ चौकीदार मौजूद था। पुलिस की इस देरी ने कानून-व्यवस्था और प्रशासनिक संवेदनशीलता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
अंधविश्वास के खिलाफ कार्रवाई की मांग
ग्रामीणों और सामाजिक लोगों ने प्रशासन से दोष







