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सुर संगम कला केंद्र में अघोरेश्वर परम पूज्य गुरुदेव संभव बाबा का भव्य स्वागत

  • मेदिनीनगर के सुर संगम कला केंद्र में गुरुदेव संभव बाबा का आगमन
  • अवधूत भगवान राम के चित्र के समक्ष विधिवत पूजा-अर्चना की गई
  • गुरुदेव ने आध्यात्मिक संगीत के महत्व पर प्रकाश डाला
  • केंद्र में सितार क्लास शुरू करने का दिया सुझाव

गुरुदेव संभव बाबा का भव्य स्वागत

शुक्रवार को मेदिनीनगर स्थित सुर संगम कला केंद्र में अघोरेश्वर परम पूज्य गुरुदेव संभव बाबा का भव्य स्वागत किया गया। इस दौरान केंद्र के निदेशक आशुतोष पांडे एवं भजन गायक राम-श्याम बंधु ने बाबा जी को सम्मानपूर्वक केंद्र में आमंत्रित किया। तत्पश्चात, बाबा जी ने अवधूत भगवान राम के चित्र के समक्ष विधिवत अघोरेश्वर महामंत्र द्वारा पूजा-अर्चना की।

इसके बाद राम-श्याम बंधु ने भजन प्रस्तुति कर बाबा जी का आशीर्वाद प्राप्त किया। इस दौरान केंद्र में भक्तिमय माहौल बना रहा और सभी श्रद्धालु भक्ति भाव से सराबोर हो गए।

आध्यात्मिक संगीत का महत्व

गुरुपद संभव बाबा जी ने आध्यात्मिक संगीत की महत्ता पर प्रकाश डालते हुए बताया –

“संगीत की शुरुआत सा रे ग म प ध नि से होती है। ‘सा’ का अर्थ साकार और ‘नि’ का अर्थ निराकार है। जीवन की शुरुआत साकार ब्रह्म की उपासना से होती है और अंत में यह निराकार ब्रह्म में विलीन हो जाती है।”

उन्होंने बताया कि रे ग म प ध स्वर पांच तत्वों का प्रतिनिधित्व करते हैं, जिससे भौतिक शरीर का निर्माण होता है। इसलिए संगीत केवल मनोरंजन नहीं, बल्कि आध्यात्मिक उन्नति का साधन भी है

केंद्र के कक्षाओं का अवलोकन, सितार क्लास की शुरुआत का सुझाव

गुरुदेव संभव बाबा जी ने कला केंद्र में संचालित संगीत और चित्रकला कक्षाओं का अवलोकन किया और भविष्य में सितार क्लास शुरू करने का सुझाव दिया। उन्होंने कहा कि आध्यात्मिक संगीत से बच्चों को जोड़ना आवश्यक है, क्योंकि इससे भक्ति मार्ग में चलना सरल होता है

इसके पश्चात बाबा जी ने उपस्थित सभी लोगों को आशीर्वाद प्रदान किया और कला केंद्र के उज्ज्वल भविष्य की कामना की

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गणमान्य लोगों की उपस्थिति

इस पावन अवसर पर शशि जी, शास्त्रीय गायक रमेश पाठक, गजल गायक सुमन मिश्रा, बांसुरी वादक पवन कुमार शर्मा, ब्राइटलैंड स्कूल के प्राचार्य राहुल सिंह, समाजसेवी विश्वजीत पाठक, गायिका श्वेता पांडे और शालिनी वैद्य सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे।

‘न्यूज़ देखो’ की नज़र

संगीत और अध्यात्म का संगम जीवन को शुद्ध और ऊर्जावान बनाता है। सुर संगम कला केंद्र में गुरुदेव संभव बाबा का यह आयोजन कला और भक्ति के संगम का अद्भुत उदाहरण है। ‘न्यूज़ देखो’ ऐसे प्रेरणादायी आयोजनों की हर महत्वपूर्ण खबर आप तक पहुंचाता रहेगा, क्योंकि “हर खबर पर रहेगी हमारी नज़र”!

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