
#छतरपुर #नगरनिकायचुनाव : अध्यक्ष पद के प्रत्याशी सुरेश कुमार इंजीनियर ने स्पष्ट विज़न और जनसमर्थन के साथ नामांकन दाखिल किया।
छतरपुर नगर पंचायत में नगर निकाय चुनाव 2026 को लेकर राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। अध्यक्ष पद के प्रत्याशी सुरेश कुमार इंजीनियर ने सोमवार को भारी जनसमर्थन के साथ अपना नामांकन पत्र दाखिल किया। नामांकन के दौरान उमड़ी भीड़ और समर्थकों की सक्रिय भागीदारी ने चुनावी माहौल को और गर्म कर दिया। उन्होंने पहले सुविधा फिर टैक्स की नीति के जरिए नगर के सुनियोजित विकास का दावा किया।
- छतरपुर नगर पंचायत अध्यक्ष पद के लिए सुरेश कुमार इंजीनियर ने दाखिल किया नामांकन।
- नामांकन के दौरान भारी संख्या में समर्थक रहे मौजूद।
- कॉर्पोरेट क्षेत्र छोड़कर समाज सेवा के उद्देश्य से चुनाव मैदान में उतरने का दावा।
- “पहले सुविधा, फिर टैक्स” की नीति को बनाया चुनावी आधार।
- बुनियादी सुविधाओं, पारदर्शिता और जनभागीदारी पर विशेष जोर।
नगर निकाय चुनाव 2026 को लेकर छतरपुर नगर पंचायत में चुनावी सरगर्मी अपने चरम पर पहुंच चुकी है। सोमवार को अध्यक्ष पद के प्रत्याशी सुरेश कुमार इंजीनियर ने जब नामांकन दाखिल किया, तो यह केवल एक औपचारिक प्रक्रिया नहीं रही, बल्कि जनसमर्थन और विचारधारा का सार्वजनिक प्रदर्शन बन गई। नामांकन स्थल पर समर्थकों की मौजूदगी और उत्साह ने यह स्पष्ट कर दिया कि यह चुनाव अब व्यक्तित्व और दृष्टिकोण के इर्द-गिर्द केंद्रित हो चुका है।
कॉर्पोरेट जीवन छोड़ समाज सेवा की राह
सुरेश कुमार इंजीनियर ने नामांकन के बाद मीडिया से बातचीत में कहा कि लोकतंत्र में जनता सर्वोच्च है और जनता का निर्णय उनके लिए अंतिम होगा। उन्होंने बताया कि उन्होंने वर्षों तक कॉर्पोरेट जगत में एक इंजीनियर के रूप में कार्य किया, जहां उन्हें सम्मानजनक पद और सुविधाजनक जीवन मिला। बावजूद इसके, समाज और अपने क्षेत्र के प्रति जिम्मेदारी की भावना उन्हें वापस छतरपुर ले आई।
उन्होंने कहा कि यदि उनका उद्देश्य केवल आर्थिक लाभ होता, तो वे आज भी उच्च पद पर कार्य करते हुए लाखों की आय अर्जित कर रहे होते। उनके बच्चे विदेशों में स्थापित हैं, इसलिए चुनाव लड़ना किसी आर्थिक या पारिवारिक दबाव का परिणाम नहीं, बल्कि समाज सेवा के प्रति उनकी प्रतिबद्धता का परिणाम है।
बीते वर्षों में समाज सेवा का अनुभव
सुरेश कुमार इंजीनियर ने बताया कि पिछले पांच वर्षों से वे व्यक्तिगत स्तर पर समाज सेवा में सक्रिय हैं। भीषण गर्मी के दौरान पानी वितरण, जरूरतमंद परिवारों को आर्थिक सहायता, और सामाजिक आयोजनों में सहयोग जैसे कई कार्यों में उनकी भागीदारी रही है। उनका मानना है कि जनप्रतिनिधि बनने से पहले समाज के बीच रहकर काम करना जरूरी है, ताकि समस्याओं की वास्तविक समझ विकसित हो सके।
स्पष्ट विज़न और विकास की प्राथमिकताएं
अपने चुनावी विज़न को साझा करते हुए सुरेश कुमार इंजीनियर ने कहा कि छतरपुर नगर पंचायत में “पहले सुविधा, फिर टैक्स” की नीति लागू की जाएगी। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि जब तक नागरिकों को मूलभूत सुविधाएं नहीं मिलतीं, तब तक किसी भी प्रकार का अतिरिक्त आर्थिक बोझ डालना अनुचित है।
उन्होंने अपनी प्राथमिकताओं में बताया कि—
नगर पंचायत में सुविधाओं के अनुरूप होल्डिंग टैक्स का निर्धारण किया जाएगा।
शिकायत निवारण के लिए कंप्लेंट मॉनिटरिंग सिस्टम विकसित किया जाएगा, ताकि नागरिकों की समस्याओं का समयबद्ध समाधान हो सके।
हर वार्ड में सड़क, स्ट्रीट लाइट, नाली, पेयजल और कचरा निपटान की प्रभावी व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी।
गृहणियों के लिए स्वरोजगार के अवसर सृजित किए जाएंगे, ताकि महिलाएं आत्मनिर्भर बन सकें।
सरकारी योजनाओं को बिना घूसखोरी आम जनता तक पहुंचाना उनकी प्रमुख प्रतिबद्धताओं में शामिल है।
आमसभा के माध्यम से योजनाओं का चयन और क्रियान्वयन कर पारदर्शिता बढ़ाई जाएगी।
बरसात के पानी के संचयन के लिए ठोस और दीर्घकालिक व्यवस्था की जाएगी, जिससे जल संकट से निपटा जा सके।
चुनाव परिणाम से परे समाज सेवा का संकल्प
सुरेश कुमार इंजीनियर ने यह भी कहा कि चुनाव परिणाम चाहे जो भी हों, वे समाज सेवा से पीछे नहीं हटेंगे। उनका मानना है कि चुनाव केवल एक माध्यम है, जबकि सेवा एक निरंतर प्रक्रिया है। नामांकन के दौरान मिला जनसमर्थन यह दर्शाता है कि उनके विचार, जनता से संवाद और विकास को लेकर स्पष्ट दृष्टिकोण ने लोगों को प्रभावित किया है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि छतरपुर नगर पंचायत को ऐसे नेतृत्व की आवश्यकता है, जो केवल वादों तक सीमित न रहे, बल्कि योजनाबद्ध तरीके से काम करने की क्षमता रखता हो। इस दृष्टि से सुरेश कुमार इंजीनियर की दावेदारी को गंभीरता से देखा जा रहा है।
न्यूज़ देखो: विचार और विज़न की लड़ाई बनता चुनाव
छतरपुर नगर पंचायत का अध्यक्ष चुनाव अब केवल राजनीतिक दलों की प्रतिस्पर्धा नहीं, बल्कि विकास के मॉडल और कार्यशैली की तुलना का मंच बनता जा रहा है। सुरेश कुमार इंजीनियर का “पहले सुविधा, फिर टैक्स” का दृष्टिकोण स्थानीय प्रशासन में जवाबदेही और पारदर्शिता की मांग को दर्शाता है। आने वाले दिनों में यह देखना अहम होगा कि अन्य प्रत्याशी इस विज़न का किस तरह जवाब देते हैं। हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।
सजग मतदाता ही मजबूत नगर का आधार
नगर पंचायत का नेतृत्व आपके रोजमर्रा के जीवन को सीधे प्रभावित करता है। विकास, पारदर्शिता और जवाबदेही को ध्यान में रखकर अपने मत का प्रयोग करें। अपनी राय साझा करें, इस खबर को आगे बढ़ाएं और लोकतांत्रिक प्रक्रिया में सक्रिय भागीदारी निभाएं।







