
#बरवाडीह #लातेहार #प्रशासनिक_जांच : चावल की गुणवत्ता सही, लेकिन रिकॉर्ड पारदर्शिता पर संदेह।
बरवाडीह में एफसीआई गोदाम की कार्यप्रणाली को लेकर प्रशासन ने सख्ती दिखाई है। उपायुक्त उत्कर्ष गुप्ता के निर्देश पर आईटीडीए निदेशक द्वारा गोदाम का औचक निरीक्षण किया गया, जिसमें चावल की गुणवत्ता तो सही पाई गई, लेकिन टैगिंग रसीद का अभाव सामने आया। यह मामला खाद्यान्न आपूर्ति और रिकॉर्ड प्रबंधन में लापरवाही की ओर इशारा करता है। जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।
- आईटीडीए निदेशक प्रवीण गगराई ने किया औचक निरीक्षण।
- एफसीआई गोदाम गुरुवार रात किया गया था सील।
- चावल की गुणवत्ता जांच में सही पाई गई।
- टैगिंग रसीद नहीं मिलने से रिकॉर्ड पर सवाल।
- जांच रिपोर्ट वरीय अधिकारियों को भेजी जाएगी।
बरवाडीह प्रखंड स्थित एफसीआई गोदाम की कार्यप्रणाली उस समय सवालों के घेरे में आ गई, जब उपायुक्त उत्कर्ष गुप्ता के निर्देश पर शुक्रवार को गोदाम का औचक निरीक्षण किया गया। यह निरीक्षण आईटीडीए निदेशक प्रवीण कुमार गगराई द्वारा किया गया। उल्लेखनीय है कि इससे एक दिन पूर्व गुरुवार की मध्यरात्रि में नियुक्त मजिस्ट्रेट द्वारा गोदाम को सील किया गया था, जिसके बाद प्रशासनिक हलकों में हलचल तेज हो गई थी।
गोदाम का ताला खुलवाकर की गई गहन जांच
शुक्रवार को आईटीडीए निदेशक प्रवीण गगराई ने बीडीओ रेश्मा रेखा मिंज और अंचलाधिकारी लवकेश सिंह की उपस्थिति में एफसीआई गोदाम का ताला खुलवाया। इसके बाद गोदाम में संग्रहित चावल के बोरों की गहनता से जांच की गई। जांच का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना था कि चावल की गुणवत्ता, भंडारण और रिकॉर्ड सभी निर्धारित मानकों के अनुरूप हैं या नहीं।
चावल की गुणवत्ता ठीक, लेकिन टैगिंग रसीद गायब
निरीक्षण के बाद आईटीडीए निदेशक प्रवीण गगराई ने बताया कि उपायुक्त के निर्देश के आलोक में की गई जांच में चावल की गुणवत्ता सही पाई गई। चावल में किसी प्रकार की खराबी या मिलावट के संकेत नहीं मिले। हालांकि, एक गंभीर अनियमितता यह सामने आई कि चावल के बोरों में टैगिंग रसीद उपलब्ध नहीं थी।
उन्होंने बताया कि टैगिंग रसीद के अभाव में यह स्पष्ट नहीं हो सका कि संबंधित चावल किस मिल से आया है, कब आपूर्ति हुई और किस योजना के अंतर्गत भंडारण किया गया। इसे खाद्यान्न प्रबंधन में गंभीर लापरवाही माना जा रहा है।
आईटीडीए निदेशक प्रवीण गगराई ने कहा: “चावल की गुणवत्ता सही है, लेकिन टैगिंग रसीद का न होना गंभीर विषय है। इससे आपूर्ति श्रृंखला की पारदर्शिता प्रभावित होती है।”
अधिकारियों की मौजूदगी में हुई जांच
निरीक्षण के दौरान प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारी और एफसीआई के एजीएम भी मौके पर मौजूद थे। सभी अधिकारियों ने गोदाम में उपलब्ध स्टॉक, बोरों की स्थिति और रिकॉर्ड से संबंधित जानकारी का अवलोकन किया। अधिकारियों द्वारा पूरे मामले की विस्तृत रिपोर्ट तैयार की जा रही है।
आगे की कार्रवाई की संभावना
प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार, तैयार की जा रही जांच रिपोर्ट को जल्द ही वरीय अधिकारियों को भेजा जाएगा। रिपोर्ट के आधार पर एफसीआई गोदाम प्रबंधन, संबंधित अधिकारियों या एजेंसियों के विरुद्ध प्रशासनिक कार्रवाई की जा सकती है। फिलहाल, टैगिंग रसीद के अभाव ने एफसीआई गोदाम में खाद्यान्न आपूर्ति और रिकॉर्ड प्रबंधन की पारदर्शिता पर गंभीर प्रश्न खड़े कर दिए हैं।
पारदर्शिता और जवाबदेही पर उठे सवाल
एफसीआई गोदाम से जुड़े इस मामले ने यह स्पष्ट कर दिया है कि गुणवत्ता के साथ-साथ रिकॉर्ड प्रबंधन भी उतना ही महत्वपूर्ण है। टैगिंग रसीद न होना न केवल प्रशासनिक नियमों का उल्लंघन है, बल्कि इससे भविष्य में खाद्यान्न वितरण से जुड़े विवाद भी खड़े हो सकते हैं।
न्यूज़ देखो: सिस्टम की कमजोरी या लापरवाही?
एफसीआई गोदाम में चावल की गुणवत्ता ठीक होना राहत की बात है, लेकिन टैगिंग रसीद का गायब होना सिस्टम में गंभीर खामी की ओर इशारा करता है। प्रशासन की त्वरित जांच सराहनीय है, पर अब सवाल यह है कि जिम्मेदार कौन है और क्या इस तरह की लापरवाही पर सख्त कार्रवाई होगी। रिपोर्ट के बाद ही तस्वीर साफ होगी। हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।
पारदर्शिता से ही बनेगा भरोसा
खाद्यान्न व्यवस्था सीधे आम लोगों से जुड़ी होती है। इसमें पारदर्शिता और जवाबदेही बेहद जरूरी है। आप भी अपनी राय साझा करें, खबर को आगे बढ़ाएं और यह चर्चा मजबूत करें कि सार्वजनिक संसाधनों की निगरानी कैसे बेहतर हो सकती है।





