सच बोलने की कीमत, पत्रकारिता का जोखिम: कैसे ठहरे लोकतंत्र का चौथा स्तंभ?
#देश #पत्रकारसुरक्षा : सच उजागर करने वाले पत्रकारों को धमकियों, ट्रोलिंग और दबाव का सामना—सुरक्षा कानून की मांग तेज देशभर में पत्रकारों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ती जा रही है। सच, निष्पक्षता और जनहित पर आधारित पत्रकारिता को लोकतंत्र का चौथा स्तंभ माना जाता है, लेकिन आज यही स्तंभ लगातार हमलों, दबावों और धमकियों […]
