1971 के रण से राष्ट्र-चेतना तक कर्तव्य नेतृत्व और अनुशासन का प्रतीक ब्रिगेडियर राजेन्द्र सिंह

#भारतीय_सेना #सैन्य_स्मरण : भारतीय सेना के उस वीर अधिकारी की जयंती पर विशेष, जिनके निर्णयों ने इतिहास की दिशा बदली भारतीय सेना का इतिहास केवल युद्धों की गाथा नहीं है, वह उन व्यक्तित्वों का भी इतिहास है जिन्होंने कठिन परिस्थितियों में कर्तव्य, विवेक और साहस का संतुलन साधा। ब्रिगेडियर राजेन्द्र सिंह ऐसे ही सैन्य अधिकारी […]

14 या 15 जनवरी: कब है मकर संक्रांति? ज्योतिषाचार्य राम निवास तिवारी ने स्पष्ट किया पर्व की सही तिथि और पुण्यकाल

#विश्रामपुर #मकरसंक्रांति : सूर्य के मकर राशि प्रवेश और लग्न के आधार पर 15 जनवरी को पर्व मनाने की पुष्टि। देशभर में मकर संक्रांति का पर्व हर वर्ष श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया जाता है। यह पर्व सूर्य के उत्तरायण होने का प्रतीक माना जाता है और सनातन परंपरा में इसका विशेष धार्मिक और […]

राकेश शर्मा भारत का वह सितारा जिसने अंतरिक्ष से देश को देखा और भारत को वैश्विक पहचान दिलाई

#अंतरिक्ष_इतिहास : भारत के पहले अंतरिक्ष यात्री राकेश शर्मा की जयंती पर उनके जीवन, साहस और राष्ट्रगौरव की स्मरण यात्रा भारतीय विज्ञान, अंतरिक्ष अनुसंधान और राष्ट्रीय गौरव के इतिहास में राकेश शर्मा का नाम स्वर्णाक्षरों में दर्ज है। वे केवल भारत के पहले अंतरिक्ष यात्री नहीं हैं, बल्कि उस आत्मविश्वास के प्रतीक हैं जिसने एक […]

भारत के पहले अंतरिक्ष यात्री राकेश शर्मा जन्मदिन विशेष, अंतरिक्ष से भारत को निहारने वाले नायक की गौरवगाथा

#अंतरिक्ष_इतिहास : अशोक चक्र और हीरो ऑफ द सोवियत यूनियन से सम्मानित राकेश शर्मा ने अंतरिक्ष में भारत का नाम रोशन किया भारतवर्ष के प्रथम अंतरिक्ष यात्री, अशोक चक्र एवं हीरो ऑफ द सोवियत यूनियन पुरस्कार से सम्मानित राकेश शर्मा को उनके जन्मदिन पर हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं। राकेश शर्मा ने 3 अप्रैल 1984 को […]

मानव जीवन के 94 कर्म मनुष्य के अधीन, शेष 6 विधि के नियंत्रण में: पंडित राम निवास तिवारी का आध्यात्मिक विवेचन

#संपादकीय #धार्मिक_दर्शन : मणिकर्णिका घाट की परंपरा से जीवन कर्म और मृत्यु रहस्य की व्याख्या। पलामू जिले के विश्रामपुर क्षेत्र में प्रसिद्ध ज्योतिषाचार्य पंडित राम निवास तिवारी ने मानव जीवन के कर्म, मृत्यु और पुनर्जन्म से जुड़े एक महत्वपूर्ण आध्यात्मिक विषय पर विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि यह विषय आम जनमानस के लिए […]

युवाओं के नाम सूर्य सेन मास्टरदा की स्मृति से उठता राष्ट्र आह्वान जो आज भी दिशा देता है

#स्वतंत्रता_संग्राम : मास्टरदा सूर्य सेन की स्मृति में युवाओं के लिए राष्ट्र, नैतिकता और साहस का जीवंत संदेश आज जब हम स्वतंत्र भारत की सड़कों पर निर्भय चलते हैं, अपने सपनों के लिए अवसर तलाशते हैं और भविष्य की योजनाएँ बनाते हैं, तब यह याद रखना आवश्यक है कि यह स्वतंत्रता हमें सहज रूप में […]

अमर शहीद सरस्वती राजामणि की गाथा: आजाद हिंद फौज की वह वीरांगना जिसे इतिहास ने भुला दिया

#स्वतंत्रता_संग्राम : आजाद हिंद फौज की रानी झांसी रेजिमेंट की वह योद्धा जिसने जीवन भर देशसेवा को ही अपना धर्म माना भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के इतिहास में अनगिनत वीर-वीरांगनाओं ने अपना योगदान दिया, लेकिन कुछ नाम ऐसे हैं जो समय के साथ धुंधले पड़ते जा रहे हैं। सरस्वती राजामणि भी उन्हीं में से एक हैं—एक […]

दर्द, शायरी और तन्हाई की मिसाल बनी मीना कुमारी की ज़िंदगी, पाकीज़ा की कामयाबी भी न देख सकीं ट्रेजेडी क्वीन

#भारतीयसिनेमा #मीनाकुमारी : शोहरत की बुलंदियों से अकेलेपन और पीड़ा तक, एक महान अभिनेत्री की मार्मिक जीवनगाथा। पाकीजा को बनने में सोलह साल लगे पर उसकी सफलता देखने को मीना कुमारी जिंदा नहीं रहीं। अंत समय में उनकी आर्थिक हालत इतनी खराब थी कि मरने के बाद यह सवाल खड़ा हो गया कि हॉस्पिटल का […]

महान पार्श्वगायक यसुदास का जन्मदिन विशेष जब असंभव को संभव बनाने वाली आवाज ने इतिहास रचा

#जयंती_विशेषांक #संगीत_विरासत : एक ऐसा गीत जिसे रफ़ी और हेमंत दा ने छोड़ा और यसुदास ने अमर बना दिया। बहुत लोग शायद इस बात पर यकीन नहीं कर पाएंगे कि एक गाना ऐसा भी था जिसे गायकी के लैजेंड, मोहम्मद रफ़ी साहब ने भी गाने में असमर्था जता दी थी। और आखिरकार वो गाना यसुदास […]

ग्रेनाइट से जन्मा राष्ट्रनिर्माण का जीवंत तीर्थ बना विवेकानंद रॉक मेमोरियल

#विशेषांक #विवेकानंद_विचार : स्मारक से आगे बढ़कर राष्ट्रसेवा के सतत आंदोलन का सशक्त प्रतीक। कन्याकुमारी के सागर तट पर स्थित विवेकानंद रॉक मेमोरियल भारत के उन विरले स्थलों में से है, जहाँ इतिहास, अध्यात्म और राष्ट्रचेतना एक-दूसरे में घुल-मिल जाते हैं। यह स्मारक केवल स्वामी विवेकानंद की स्मृति को समर्पित नहीं है, बल्कि उनके विचारों […]

विश्व हिंदी दिवस 2026 पर हिंदी की वैश्विक यात्रा और सांस्कृतिक पहचान का उत्सव

#विश्वहिंदीदिवस : हिंदी भाषा के इतिहास, उद्देश्य और वैश्विक विस्तार पर केंद्रित विशेष आलेख। विश्व हिंदी दिवस हर साल 10 जनवरी को मनाया जाता है। यह दिन केवल एक तिथि नहीं, बल्कि हिंदी भाषा के सम्मान, उसके वैश्विक विस्तार और सांस्कृतिक चेतना का प्रतीक है। हिंदी, जो करोड़ों लोगों की मातृभाषा है, आज अंतरराष्ट्रीय मंचों […]

डोंबारीबुरु गोलीकांड के अमर शहीदों की शहादत झारखंड की आत्मा का प्रतीक

#झारखंड #आदिवासी_संघर्ष : जल जंगल जमीन और संवैधानिक अधिकारों के लिए दिया गया सर्वोच्च बलिदान। डोंबारीबुरु गोलीकांड के अमर शहीदों को शत्-शत् नमन। जल–जंगल–जमीन और अपने संवैधानिक अधिकारों की रक्षा के लिए संघर्षरत आदिवासी समाज के अमर वीर सपूतों ने डोंबारीबुरु में अन्याय, दमन और अत्याचार के विरुद्ध अपने प्राणों की आहुति दी। यह केवल […]

सांप्रदायिक ध्रुवीकरण से लोकतंत्र को खतरा, वोट बैंक की राजनीति पर गहराता संकट

#चिंतन #राजनीति : धार्मिक ध्रुवीकरण के जरिए सत्ता साधने की प्रवृत्ति देश की एकता को चुनौती दे रही है। देश की एकता पर भारी पड़ती धार्मिक राजनीति भारतीय लोकतंत्र के लिए एक गंभीर चुनौती बनती जा रही है। विभिन्न राजनीतिक दल धार्मिक भावनाओं को भड़काकर अपना राजनीतिक हित साधने में जुटे हैं, जिससे सामाजिक सद्भाव […]

बारीन्द्र कुमार घोष: क्रांति का वह अध्याय जिसे अंग्रेज मिटा नहीं सके

#स्वतंत्रता_संग्राम : युगान्तर से अंडमान की कालकोठरी तक एक अदम्य क्रांतिकारी की जयंती पर स्मृति लेख। भारतीय स्वतंत्रता संग्राम को यदि केवल कुछ प्रसिद्ध नामों तक सीमित कर दिया जाए, तो इतिहास के साथ अन्याय होगा। यह संघर्ष उन असंख्य क्रांतिकारियों के साहस, विचार और बलिदान का परिणाम था, जिन्होंने न तो सत्ता चाही और […]

मनरेगा से गांधी का नाम हटाने का प्रयास भारत की आत्मा और श्रम की गरिमा पर आघात है: हृदयानंद मिश्रा

#राजनीतिक_विमर्श : मनरेगा से गांधी का नाम हटाना लोकतांत्रिक मूल्यों पर सीधा हमला। मनरेगा से महात्मा गांधी का नाम हटाने का प्रयास कोई साधारण प्रशासनिक निर्णय नहीं है। यह उस नैतिक, ऐतिहासिक और मानवीय विरासत पर सीधा हमला है, जिस पर आधुनिक भारत खड़ा है। यह कदम महात्मा गांधी की शारीरिक हत्या से भी अधिक […]

नारी शिक्षा सामाजिक क्रांति की पहली शर्त — सावित्रीबाई फुले का वैचारिक योगदान

#नारी_शिक्षा : सावित्रीबाई फुले की जयंती पर उनके विचारों और सामाजिक संघर्षों का वैचारिक विश्लेषण भारतीय समाज में सामाजिक क्रांति का इतिहास जब भी लिखा जाएगा, उसमें नारी शिक्षा को केंद्र में रखने वाली पहली सशक्त आवाज़ के रूप में सावित्रीबाई फुले का नाम अनिवार्य रूप से दर्ज होगा। उन्होंने यह सिद्ध किया कि शिक्षा […]

माघ माह में गंगा स्नान का महत्व मोक्ष की राह दिखाता है, भक्ति और आत्मशुद्धि का पावन अवसर

#पलामू #धार्मिक_मान्यता : माघ मास में गंगा स्नान को मोक्षदायक बताते हुए ज्योतिषी ने श्रद्धालुओं से आस्था निभाने की अपील की। माघ मास को हिंदू धर्म में अत्यंत पवित्र और पुण्यदायक माना गया है। इस माह में विशेष रूप से गंगा स्नान, दान, जप और तप का महत्व बताया गया है। पलामू प्रमंडल के जाने-माने […]

नववर्ष 2026 हमारे लिए सिर्फ तारीख नहीं, एक भाव है: सभी पाठकों को नववर्ष की हार्दिक शुभकामनाएं

#नववर्ष2026 #न्यूज़_देखो : बीते अनुभवों, ईमानदार पत्रकारिता और आने वाले कल के संकल्पों के साथ पाठकों के नाम विशेष संदेश नववर्ष 2026 के आगमन पर न्यूज़ देखो की ओर से हम अपने सभी पाठकों, दर्शकों और क्षेत्रवासियों को दिल से शुभकामनाएं देते हैं। यह केवल एक नया साल नहीं है, बल्कि बीते पलों की याद, […]

आचार्य रघुवीर 1902–1963 : भाषा, संस्कृति और भारतीय बौद्धिक परंपरा के अप्रतिम आचार्य

#जयंती_विशेषांक : भारतीय भाषाविज्ञान, संस्कृति और स्वदेशी ज्ञान-परंपरा के महान आचार्य रघुवीर का स्मरण भारतीय भाषाविज्ञान के इतिहास में आचार्य रघुवीर का नाम उस विद्वान परंपरा का प्रतिनिधि है, जिसने भाषा को केवल व्याकरण या शब्द-संरचना तक सीमित नहीं माना, बल्कि उसे सभ्यता, संस्कृति और राष्ट्रीय चेतना का जीवंत आधार समझा। उनकी जयंती पर उन्हें […]

सुमित्रानंदन पंत की काव्य-विशेषताएँ : सौंदर्य से मानवता तक की यात्रा

#हिंदीसाहित्य #काव्यविशेषांक : छायावाद के उज्ज्वल प्रतिनिधि कवि सुमित्रानंदन पंत की काव्य-यात्रा का विशद विश्लेषण हिंदी काव्य-जगत में छायावाद को यदि आत्मा और संवेदना का युग कहा जाए, तो सुमित्रानंदन पंत उसके सबसे उज्ज्वल प्रतिनिधि कवि हैं। वे केवल प्रकृति के गायक नहीं, बल्कि सौंदर्य, चेतना और मानव-मूल्यों के साधक कवि हैं। उनकी कविता में […]

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