मनरेगा से गांधी का नाम हटाने का प्रयास भारत की आत्मा और श्रम की गरिमा पर आघात है: हृदयानंद मिश्रा

#राजनीतिक_विमर्श : मनरेगा से गांधी का नाम हटाना लोकतांत्रिक मूल्यों पर सीधा हमला। मनरेगा से महात्मा गांधी का नाम हटाने का प्रयास कोई साधारण प्रशासनिक निर्णय नहीं है। यह उस नैतिक, ऐतिहासिक और मानवीय विरासत पर सीधा हमला है, जिस पर आधुनिक भारत खड़ा है। यह कदम महात्मा गांधी की शारीरिक हत्या से भी अधिक […]

नारी शिक्षा सामाजिक क्रांति की पहली शर्त — सावित्रीबाई फुले का वैचारिक योगदान

#नारी_शिक्षा : सावित्रीबाई फुले की जयंती पर उनके विचारों और सामाजिक संघर्षों का वैचारिक विश्लेषण भारतीय समाज में सामाजिक क्रांति का इतिहास जब भी लिखा जाएगा, उसमें नारी शिक्षा को केंद्र में रखने वाली पहली सशक्त आवाज़ के रूप में सावित्रीबाई फुले का नाम अनिवार्य रूप से दर्ज होगा। उन्होंने यह सिद्ध किया कि शिक्षा […]

नोबेल पुरस्कार विजेता जेम्स वॉटसन फादर ऑफ डी एन ए हैं: हृदयानंद मिश्रा

#विज्ञान #वैचारिक_विश्लेषण : डीएनए की ऐतिहासिक खोज से लेकर अवैज्ञानिक सामाजिक विचारों तक जेम्स वॉटसन का विरोधाभासी जीवन आजकल प्रधानमंत्री से लेकर देश के अधिकांश नेतागण अपने भाषण में धड़ल्ले से डी एन ए की बातें करते हैं लेकिन मैं दावे के साथ कह सकता हूं कि उनमें से पच्चास प्रतिशत को डी न ए […]

आचार्य रघुवीर 1902–1963 : भाषा, संस्कृति और भारतीय बौद्धिक परंपरा के अप्रतिम आचार्य

#जयंती_विशेषांक : भारतीय भाषाविज्ञान, संस्कृति और स्वदेशी ज्ञान-परंपरा के महान आचार्य रघुवीर का स्मरण भारतीय भाषाविज्ञान के इतिहास में आचार्य रघुवीर का नाम उस विद्वान परंपरा का प्रतिनिधि है, जिसने भाषा को केवल व्याकरण या शब्द-संरचना तक सीमित नहीं माना, बल्कि उसे सभ्यता, संस्कृति और राष्ट्रीय चेतना का जीवंत आधार समझा। उनकी जयंती पर उन्हें […]

सुमित्रानंदन पंत की काव्य-विशेषताएँ : सौंदर्य से मानवता तक की यात्रा

#हिंदीसाहित्य #काव्यविशेषांक : छायावाद के उज्ज्वल प्रतिनिधि कवि सुमित्रानंदन पंत की काव्य-यात्रा का विशद विश्लेषण हिंदी काव्य-जगत में छायावाद को यदि आत्मा और संवेदना का युग कहा जाए, तो सुमित्रानंदन पंत उसके सबसे उज्ज्वल प्रतिनिधि कवि हैं। वे केवल प्रकृति के गायक नहीं, बल्कि सौंदर्य, चेतना और मानव-मूल्यों के साधक कवि हैं। उनकी कविता में […]

परमवीर अल्बर्ट एक्का : आदिवासी अंचल से उठी वीरता की अमर गाथा

#झारखंड #जयंती_विशेषांक : 1971 के युद्ध में अदम्य साहस दिखाने वाले परमवीर चक्र विजेता अल्बर्ट एक्का की स्मृति को नमन भारत की सैन्य परंपरा शौर्य, त्याग और राष्ट्रभक्ति की अनगिनत अमर गाथाओं से सजी हुई है। इस परंपरा में कुछ नाम ऐसे हैं, जो केवल इतिहास के पन्नों तक सीमित नहीं रहते, बल्कि पीढ़ियों की […]

कांग्रेस स्थापना दिवस 28 दिसंबर पर विशेष: राहुल गांधी के नेतृत्व में नवचेतना की ओर पार्टी

#भारत #कांग्रेसस्थापनादिवस : राहुल गांधी के नेतृत्व में कांग्रेस के पुनर्जागरण और ऐतिहासिक यात्रा पर विचार 2014 में नरेन्द्र मोदी प्रधानमंत्री बनने के बाद अपनी सत्ता को स्थायी बनाने की जुगत में लग गए थे। उनका सही आकलन था कि क्षेत्रीय क्षत्रप और पार्टियां उनको चुनौती पेश नहीं कर पाएंगी, क्योंकि क्षेत्रीय पार्टियां व्यक्ति विशेष […]

अमर शहीद ऊधम सिंह जलियाँवाला बाग़ का प्रतिशोध नहीं बल्कि न्याय की अमर गाथा: वरुण कुमार

#भारत #स्वतंत्रता_संग्राम : औपनिवेशिक अत्याचार के विरुद्ध अकेले क्रांतिकारी का निर्णायक प्रहार भारतीय स्वतंत्रता संग्राम केवल आंदोलनों और नारों की कहानी नहीं है, बल्कि उन असाधारण बलिदानों की भी गाथा है, जिन्होंने इतिहास की धारा को मोड़ दिया। अमर शहीद ऊधम सिंह ऐसे ही क्रांतिकारी थे, जिनका जीवन जलियाँवाला बाग़ की स्मृति, पीड़ा और न्याय […]

रांची विश्वविद्यालय के पूर्व प्रतिकुलपति प्रो. डॉ. वी. पी. शरण का निधन, शिक्षा और पत्रकारिता जगत में शोक की लहर

#रांची #श्रद्धांजलि : वरिष्ठ पत्रकार और शिक्षाविद प्रो. डॉ. वी. पी. शरण के निधन से झारखंड के बौद्धिक जगत को अपूरणीय क्षति रांची विश्वविद्यालय के पूर्व प्रतिकुलपति, वरिष्ठ पत्रकार एवं बहुआयामी व्यक्तित्व प्रो. डॉ. वी. पी. शरण के निधन से झारखंड सहित पूरे बौद्धिक समाज में शोक की लहर है। शिक्षा, पत्रकारिता, साहित्य और सामाजिक […]

अटल बिहारी वाजपेयी: जब राजनीति कविता बन जाती है और लोकतंत्र संस्कार बनता है – वरुण कुमार

#अटल_बिहारी_वाजपेई #लोकतांत्रिक_स्मृति : विचार व मर्यादा से राजनीति को दिशा देने वाले युगपुरुष। कुछ व्यक्तित्व ऐसे होते हैं, जिनका जीवन किसी पद या कार्यकाल तक सीमित नहीं रहता। वे अपने समय से आगे जाकर समाज और राष्ट्र की चेतना में स्थायी स्थान बना लेते हैं। अटल बिहारी वाजपेयी ऐसे ही व्यक्तित्व थे। उनका जाना केवल […]

झारखंड कैबिनेट से पेसा नियमावली को मिली मंजूरी: आदिवासी स्वशासन के हित में महागठबंधन सरकार का ऐतिहासिक फैसला-हृदयानंद मिश्रा

#मेदिनीनगर #पेसा_नियमावली : ग्राम सभा को मिले वास्तविक अधिकार, आदिवासी स्वशासन की दिशा में बड़ा कदम महागठबंधन सरकार ने झारखंड के आदिवासी समाज और अनुसूचित क्षेत्रों के लिए एक ऐतिहासिक निर्णय लेते हुए पेसा (PESA) नियमावली को झारखंड कैबिनेट से मंजूरी दे दी है। यह फैसला ग्राम सभा को वास्तविक अधिकार प्रदान करने, स्थानीय स्वशासन […]

मनरेगा को कमजोर करने की साजिश बर्दाश्त नहीं — हृदयानंद मिश्रा का केंद्र सरकार पर तीखा प्रहार

#झारखंड #मनरेगा_अधिकार : बजट कटौती और भुगतान संकट पर कांग्रेस नेता ने उठाए गंभीर सवाल। ग्रामीण भारत में रोजगार की गारंटी देने वाली महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम योजना एक बार फिर राजनीतिक बहस के केंद्र में आ गई है। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता एवं झारखंड सरकार के हिन्दू धार्मिक न्यास बोर्ड के […]

वंदे मातरम् और कांग्रेस: राष्ट्रीय चेतना से राष्ट्रगीत तक की ऐतिहासिक यात्रा

#भारत #स्वतंत्रता_संग्राम : भारतीय स्वतंत्रता संग्राम में वंदे मातरम् गीत और कांग्रेस की ऐतिहासिक भूमिका भारतीय स्वतंत्रता संग्राम की कहानी केवल घटनाओं का क्रम नहीं, बल्कि उन भावनाओं की महागाथा है जिन्होंने पराधीन देश को स्वतंत्रता का सपना दिखाया। इन भावनाओं के केंद्र में वंदे मातरम् गीत रहा, जिसने जनमानस की चेतना को जागृत किया […]

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