सृजन का बहुआयामी चेहरा — सैकत चट्टोपाध्याय: शब्द, मंच, कैमरा और समाज के बीच एक संवेदनशील यात्री
#शिमला #सैकत_चट्टोपाध्याय : रंगमंच और सिनेमा के जरिए समाज की संवेदनाओं को नई अभिव्यक्ति मिल रही। आज के दौर में जब कला का बड़ा हिस्सा बाजारवाद, प्रचार और तात्कालिक लोकप्रियता के दबाव में अपनी मूल संवेदनाओं से दूर होता जा रहा है, ऐसे समय में कुछ कलाकार ऐसे भी हैं जो कला को समाज की […]
