खरसावां गोलीकांड भारत के लोकतांत्रिक इतिहास का वह दर्दनाक अध्याय जिसे भुलाया नहीं जा सकता
#खरसावां #आदिवासी_इतिहास : आज़ादी के बाद निहत्थे आदिवासियों पर चली गोलियों की त्रासदी। भारत को आज़ाद हुए कुछ ही महीने बीते थे। देश नई उम्मीदों, नए सपनों और लोकतांत्रिक मूल्यों की राह पर आगे बढ़ रहा था। लेकिन 1 जनवरी 1948 का दिन खरसावां के आदिवासी समाज के लिए आज़ादी के उत्सव का नहीं, बल्कि […]
