
#बरवाडीह #तरावीह_नमाज : रमजान में कुरआन की खूबसूरत तिलावत के साथ पूरी हुई तरावीह
पवित्र रमजान माह के दौरान बरवाडीह जामा मस्जिद में तरावीह की नमाज मुकम्मल हो गई। इस अवसर पर हाफिज जनाब रहमत साहब ने अपनी खूबसूरत और प्रभावशाली आवाज में कुरआन पाक की तिलावत करते हुए तरावीह की नमाज अदा कराई। नमाजियों की बड़ी तादाद में मौजूदगी से मस्जिद का माहौल पूरी तरह रूहानी हो उठा।
- बरवाडीह जामा मस्जिद में पवित्र रमजान माह के दौरान तरावीह की नमाज हुई मुकम्मल।
- हाफिज रहमत साहब की खूबसूरत आवाज में कुरआन पाक की तिलावत से गूंजा मस्जिद का माहौल।
- बड़ी संख्या में नमाजियों ने शामिल होकर की इबादत और दुआ।
- मस्जिद कमिटी के सदर नाशीर खान ने हाफिज रहमत साहब का जताया आभार।
- मुल्क में अमन, भाईचारे और तरक्की के लिए सामूहिक दुआ की गई।
बरवाडीह के जामा मस्जिद में पवित्र रमजान माह के अवसर पर तरावीह की नमाज विधिवत रूप से मुकम्मल हो गई। पूरे रमजान के दौरान नमाजियों की बड़ी संख्या में मौजूदगी रही और मस्जिद में हर रात इबादत का रूहानी माहौल बना रहा। इस बार तरावीह की नमाज हाफिज जनाब रहमत साहब ने अदा कराई, जिनकी खूबसूरत और दिल को छू लेने वाली तिलावत ने नमाजियों को खासा प्रभावित किया।
रूहानी माहौल में पूरी हुई तरावीह
रमजान के पवित्र महीने में मुसलमानों के लिए तरावीह की नमाज का विशेष महत्व होता है। यह नमाज इशा की नमाज के बाद अदा की जाती है और इसमें कुरआन पाक की तिलावत की जाती है। बरवाडीह जामा मस्जिद में भी पूरे रमजान के दौरान नियमित रूप से तरावीह की नमाज अदा की गई।
हाफिज रहमत साहब ने पूरे रमजान के दौरान बड़ी लगन और खूबसूरत अंदाज में कुरआन पाक की तिलावत की। उनकी मधुर आवाज और स्पष्ट तिलावत से मस्जिद का वातावरण पूरी तरह रूहानी बन गया। नमाजियों ने भी बड़ी श्रद्धा और एकाग्रता के साथ नमाज में हिस्सा लिया।
तरावीह मुकम्मल होने के मौके पर मस्जिद में विशेष रौनक देखने को मिली। नमाज अदा करने के बाद लोगों ने एक-दूसरे को मुबारकबाद दी और रमजान के इस पवित्र महीने की बरकतों की दुआ की।
मस्जिद कमिटी ने जताया आभार
इस अवसर पर मस्जिद कमिटी के सदर जनाब नाशीर खान ने हाफिज रहमत साहब का शुक्रिया अदा करते हुए कहा कि रमजान का महीना रहमत, बरकत और मगफिरत का महीना होता है। इस पवित्र महीने में कुरआन की तिलावत और इबादत का खास महत्व है।
उन्होंने कहा कि हाफिज रहमत साहब ने पूरे रमजान में बेहद खूबसूरती और समर्पण के साथ तरावीह की नमाज अदा कराई, जिससे नमाजियों को इबादत में विशेष सुकून मिला।
“रमजान का महीना इंसान को सब्र, नेकी और इबादत की राह पर चलने की प्रेरणा देता है। हाफिज रहमत साहब ने अपनी खूबसूरत तिलावत से पूरे महीने मस्जिद के माहौल को रूहानी बना दिया।”
बड़ी संख्या में मौजूद रहे शहरवासी
तरावीह मुकम्मल होने के इस अवसर पर मस्जिद कमिटी के कई पदाधिकारी और शहर के गणमान्य लोग भी मौजूद रहे। कार्यक्रम में मस्जिद कमिटी के सेक्रेटरी गुलाम सरवर, नायब सदर राजू रहमान, नायब सेक्रेटरी मोहसिन अली, खजांची सादिक अली, गुलाम असगर, फिरोज अहमद, मुन्ना, संजर अली, पपन खान, रिंकू खान, कलीम कुरैशी, अख्तर खान, मुर्तुजा अंसारी सहित बड़ी संख्या में बरवाडीह के लोग शामिल हुए।
सभी ने मिलकर रमजान के इस पवित्र मौके पर इबादत की और समाज में अमन-चैन, भाईचारे और खुशहाली के लिए दुआ मांगी।
मुल्क में अमन और भाईचारे की दुआ
कार्यक्रम के अंत में सामूहिक रूप से मुल्क की तरक्की, शांति और भाईचारे के लिए दुआ की गई। नमाजियों ने कहा कि रमजान का महीना इंसान को एक-दूसरे के करीब लाने और समाज में मोहब्बत का संदेश देने का अवसर देता है।
तरावीह मुकम्मल होने के बाद लोगों ने एक-दूसरे को मुबारकबाद दी और रमजान के बाकी दिनों में ज्यादा से ज्यादा इबादत करने की अपील की।

न्यूज़ देखो: इबादत और भाईचारे का संदेश
बरवाडीह जामा मस्जिद में तरावीह का मुकम्मल होना सिर्फ एक धार्मिक परंपरा नहीं बल्कि सामाजिक एकता और भाईचारे का भी प्रतीक है। ऐसे अवसर लोगों को एक मंच पर लाकर समाज में शांति, सद्भाव और आपसी सम्मान को मजबूत करते हैं। रमजान का पवित्र महीना इंसान को नेकी और इंसानियत की राह पर चलने की सीख देता है। हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।
इबादत के साथ समाज में फैलाएं मोहब्बत का पैगाम
रमजान सिर्फ रोजा रखने का महीना नहीं, बल्कि आत्मशुद्धि, धैर्य और इंसानियत को मजबूत करने का समय है।
आइए इस पवित्र अवसर पर हम सब मिलकर समाज में प्रेम, भाईचारे और शांति का संदेश फैलाएं।
जरूरतमंदों की मदद करें और आपसी मतभेदों को दूर कर इंसानियत को प्राथमिकता दें।
आप भी इस खबर को ज्यादा से ज्यादा लोगों तक शेयर करें और बताएं कि आपके इलाके में रमजान किस तरह मनाया जा रहा है।






