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विवेकानन्द शिशु विद्या मंदिर लचरागढ़ में 44वां स्थापना दिवस सह विवेकानन्द जयंती उत्साह और गरिमा के साथ संपन्न

#बानो #स्थापनादिवससमारोह : लचरागढ़ स्थित विद्यालय में विवेकानन्द जयंती के साथ 44वां स्थापना दिवस प्रेरणादायी वातावरण में मनाया गया।

बानो प्रखंड के लचरागढ़ स्थित विवेकानन्द शिशु विद्या मंदिर उच्च विद्यालय में 44वां स्थापना दिवस सह स्वामी विवेकानन्द जयंती का आयोजन हर्षोल्लास और गरिमामय वातावरण में किया गया। कार्यक्रम में विद्यालय के आचार्यगण, विद्यार्थी, अभिभावक एवं गणमान्य नागरिक बड़ी संख्या में शामिल हुए। इस अवसर पर विद्यालय की शैक्षिक उपलब्धियों और स्वामी विवेकानन्द के विचारों पर विस्तार से चर्चा की गई। आयोजन का उद्देश्य विद्यार्थियों में संस्कार, आत्मविश्वास और राष्ट्रसेवा की भावना को सुदृढ़ करना रहा।

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  • विवेकानन्द शिशु विद्या मंदिर उच्च विद्यालय, लचरागढ़ में आयोजन।
  • 44वां स्थापना दिवस सह स्वामी विवेकानन्द जयंती एक साथ मनाई गई।
  • प्रधानाचार्य राजेन्द्र साहू सहित अतिथियों ने किया दीप प्रज्वलन।
  • विद्यालय की शैक्षिक एवं सांस्कृतिक उपलब्धियों पर प्रकाश डाला गया।
  • विद्यार्थियों को आत्मविश्वास, अनुशासन और राष्ट्रसेवा का संदेश।

बानो प्रखंड अंतर्गत लचरागढ़ स्थित विवेकानन्द शिशु विद्या मंदिर उच्च विद्यालय में सोमवार को 44वां स्थापना दिवस सह स्वामी विवेकानन्द जयंती समारोह का आयोजन अत्यंत उल्लासपूर्ण वातावरण में किया गया। विद्यालय परिसर को आकर्षक रूप से सजाया गया था और कार्यक्रम में अनुशासन एवं गरिमा स्पष्ट रूप से झलक रही थी। भैया-बहनों के साथ-साथ अभिभावक एवं स्थानीय गणमान्य नागरिकों की सक्रिय भागीदारी ने आयोजन को विशेष बना दिया।

दीप प्रज्वलन के साथ हुआ समारोह का शुभारंभ

कार्यक्रम का शुभारंभ प्रधानाचार्य श्री राजेन्द्र साहू, खेदुआ समद, साहिल नायक, सोरीता कुमारी तथा सुनिया कुमारी द्वारा संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलन कर किया गया। इस अवसर पर स्वामी विवेकानन्द के चित्र के समक्ष श्रद्धा अर्पित की गई। दीप प्रज्वलन के साथ ही पूरा वातावरण आध्यात्मिक और प्रेरणास्पद बन गया।

विद्यालय की उपलब्धियों पर आचार्य सुदर्शन कुमार का वक्तव्य

इस अवसर पर विद्यालय की उपलब्धियों पर प्रकाश डालते हुए आचार्य श्री सुदर्शन कुमार ने कहा कि स्थापना काल से लेकर आज तक विवेकानन्द शिशु विद्या मंदिर ने शिक्षा के साथ संस्कारों को प्राथमिकता दी है। उन्होंने कहा कि विद्यालय ने शैक्षिक, सांस्कृतिक एवं नैतिक मूल्यों के क्षेत्र में अनेक उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल की हैं।

उन्होंने बताया कि इस विद्यालय से शिक्षा प्राप्त कर अनेक भैया-बहनें डॉक्टर, इंजीनियर, मास्टर, समाजसेवी, व्यापारी सहित विभिन्न क्षेत्रों में प्रतिष्ठित पदों पर कार्य कर रहे हैं और समाज व राष्ट्र की सेवा कर रहे हैं। यह विद्यालय की सुदृढ़ और मूल्य आधारित शैक्षिक परंपरा का प्रमाण है।

अतिथियों ने विद्यार्थियों को किया प्रेरित

कार्यक्रम में उपस्थित जगेश्वर सिंह, गणेश सिंह, लक्ष्मी देवी, बसंती बडाईक एवं विमला देवी ने विद्यालय की निरंतर प्रगति पर प्रसन्नता व्यक्त की। उन्होंने स्वामी विवेकानन्द की जीवनी से जुड़े प्रेरक प्रश्नों और प्रसंगों के माध्यम से विद्यार्थियों को आत्मविश्वास, अनुशासन और राष्ट्रसेवा के पथ पर अग्रसर होने के लिए प्रेरित किया।

अतिथियों ने कहा कि आज के समय में युवाओं को विवेकानन्द जैसे महापुरुषों के विचारों से जुड़ने की आवश्यकता है, ताकि वे जीवन में लक्ष्य के प्रति दृढ़ और समाज के प्रति जिम्मेदार बन सकें।

प्रधानाचार्य राजेन्द्र साहू का प्रेरणादायी संबोधन

प्रधानाचार्य श्री राजेन्द्र साहू ने स्वामी विवेकानन्द की जीवनी पर विस्तार से प्रकाश डालते हुए कहा कि उनका संपूर्ण जीवन युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत है।

राजेन्द्र साहू ने कहा: “स्वामी विवेकानन्द ने शिकागो धर्मसभा में अपने ऐतिहासिक भाषण के माध्यम से भारत की सांस्कृतिक और आध्यात्मिक शक्ति को विश्व मंच पर स्थापित किया। ‘उठो, जागो और लक्ष्य प्राप्ति तक रुको मत’ जैसे उनके अमर वचन आज भी युवाओं को दिशा देते हैं।”

उन्होंने बताया कि स्वामी विवेकानन्द ने आत्मबल, चरित्र निर्माण और राष्ट्र निर्माण को शिक्षा का मूल उद्देश्य माना। प्रधानाचार्य ने विद्यार्थियों से उनके आदर्शों को जीवन में आत्मसात कर श्रेष्ठ नागरिक बनने का आह्वान किया। साथ ही विद्यालय की उपलब्धियों, शैक्षिक वातावरण एवं संस्कार आधारित शिक्षा पद्धति पर भी विस्तार से चर्चा की।

प्रभावशाली मंच संचालन और धन्यवाद ज्ञापन

कार्यक्रम का सशक्त एवं प्रभावशाली मंच संचालन श्री प्रमोद पानिग्राही द्वारा किया गया, जिसकी उपस्थित जनों ने सराहना की। कार्यक्रम के अंत में प्रधानाचार्य श्री राजेन्द्र साहू द्वारा धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया गया, जिसमें उन्होंने सभी अतिथियों, आचार्य-आचार्याओं, विद्यार्थियों एवं सहयोगियों के प्रति आभार व्यक्त किया।

बड़ी संख्या में गणमान्य लोग रहे उपस्थित

इस अवसर पर विद्यालय के भैया-बहनों सहित यमुना कुमारी, दशरथी कुमारी, बिमला देवी, लक्ष्मी देवी, अर्जुन महतो, बसंती बड़ा, शकुंतला कुमारी, गणेश सिंह, जगेश्वर सिंह, सुदर्शन कुमार, प्रगतिशील दीक्षित, कुमारी सुनीति कुमारी, भागीरथी सिंह, शिविरचंद नायक सहित अनेक गणमान्य लोग उपस्थित थे। सभी ने विद्यालय के कार्यों की सराहना करते हुए इसके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।

न्यूज़ देखो: संस्कार, शिक्षा और राष्ट्र निर्माण की मजबूत नींव

लचरागढ़ के विवेकानन्द शिशु विद्या मंदिर में आयोजित यह समारोह स्पष्ट करता है कि शिक्षा जब संस्कारों से जुड़ती है, तो उसका प्रभाव समाज और राष्ट्र दोनों पर पड़ता है। 44 वर्षों की शैक्षिक यात्रा विद्यालय की प्रतिबद्धता और निरंतरता का प्रमाण है। स्वामी विवेकानन्द के विचारों को विद्यार्थियों तक पहुंचाने का यह प्रयास सराहनीय है। ऐसे आयोजन आने वाली पीढ़ी को जिम्मेदार और राष्ट्रनिष्ठ नागरिक बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।

विवेकानन्द के विचारों से ही गढ़ा जाएगा सशक्त भारत

आज का विद्यार्थी ही कल का राष्ट्र निर्माता है।
संस्कारयुक्त शिक्षा युवाओं को सही दिशा देती है।
स्वामी विवेकानन्द के आदर्श आत्मविश्वास और सेवा का मार्ग दिखाते हैं।
ऐसे आयोजनों से समाज में सकारात्मक चेतना का संचार होता है।

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Shivnandan Baraik

बानो, सिमडेगा

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