
#उंटारीरोड #गणतंत्र_दिवस : राजकीय मध्य विद्यालय बिंदुआ परिसर में ध्वजारोहण के साथ बच्चों और ग्रामीणों में दिखा देशभक्ति का उत्साह।
पलामू जिले के उंटारी रोड प्रखंड अंतर्गत करकट्टा पंचायत के ग्राम बिंदुआ में 77वां गणतंत्र दिवस पूरे उत्साह और गरिमा के साथ मनाया गया। राजकीय मध्य विद्यालय बिंदुआ के प्रांगण में तिरंगा फहराकर संविधान और लोकतांत्रिक मूल्यों के प्रति सम्मान व्यक्त किया गया। विद्यालय प्रशासन, जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों की सामूहिक भागीदारी ने कार्यक्रम को खास बना दिया। यह आयोजन ग्रामीण स्तर पर राष्ट्रीय पर्वों के प्रति जागरूकता और एकता का प्रतीक बना।
- राजकीय मध्य विद्यालय बिंदुआ परिसर में हुआ भव्य ध्वजारोहण।
- प्रधानाध्यापक देवनारायण पासवान ने बच्चों को गणतंत्र दिवस का महत्व समझाया।
- प्रखंड कांग्रेस 20 सूत्री अध्यक्ष अशोक कुमार सिंह ने किया तिरंगा फहराने में सहभाग।
- ग्रामीण, अभिभावक, समाजसेवी और छात्र-छात्राओं की रही व्यापक मौजूदगी।
- कार्यक्रम के बाद मिठाई वितरण कर साझा की गई खुशियां।
पलामू जिले के उंटारी रोड प्रखंड क्षेत्र अंतर्गत पंचायत करकट्टा के ग्राम बिंदुआ में 77वें गणतंत्र दिवस का आयोजन पूरे जोश, उत्साह और देशभक्ति के वातावरण में संपन्न हुआ। राजकीय मध्य विद्यालय बिंदुआ का परिसर तिरंगे की शान, राष्ट्रगान की गूंज और बच्चों की मुस्कान से भर उठा। ग्रामीण परिवेश में आयोजित यह कार्यक्रम इस बात का उदाहरण बना कि गणतंत्र दिवस केवल औपचारिक आयोजन नहीं, बल्कि जन-जन से जुड़ा राष्ट्रीय पर्व है।
विद्यालय परिसर में सम्मान के साथ फहराया गया तिरंगा
कार्यक्रम के दौरान विद्यालय के प्रधानाध्यापक देवनारायण पासवान एवं प्रखंड कांग्रेस 20 सूत्री अध्यक्ष अशोक कुमार सिंह ने संयुक्त रूप से राष्ट्रीय ध्वज फहराया। तिरंगा फहराते ही उपस्थित सभी लोगों ने राष्ट्रगान गाया और भारत माता के जयकारों से वातावरण गूंज उठा। ध्वजारोहण के समय बच्चों की आंखों में गर्व और चेहरे पर उत्साह साफ झलक रहा था।
बच्चों को बताया गया गणतंत्र दिवस का महत्व
ध्वजारोहण के पश्चात प्रधानाध्यापक देवनारायण पासवान ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए गणतंत्र दिवस के ऐतिहासिक महत्व और संविधान की भूमिका पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा:
प्रधानाध्यापक देवनारायण पासवान ने कहा: “गणतंत्र दिवस हमें यह याद दिलाता है कि हमारा देश संविधान से चलता है और हर नागरिक का कर्तव्य है कि वह इसके मूल्यों का सम्मान करे।”
उन्होंने बच्चों को ईमानदारी, अनुशासन और राष्ट्रसेवा के मार्ग पर चलने के लिए प्रेरित किया तथा कहा कि आज के बच्चे ही कल के जिम्मेदार नागरिक बनेंगे।
ग्रामीणों और समाजसेवियों की सक्रिय भागीदारी
इस आयोजन में विद्यालय के छात्र-छात्राओं के साथ-साथ बड़ी संख्या में ग्रामीण भी शामिल हुए। समाजसेवी उमा तिवारी, सीताराम रजवार, टेनी रजवार, सोमरू सिंह, एस. कुमार यादव सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे। बच्चों के साथ उनके माता-पिता और अभिभावकों की उपस्थिति ने कार्यक्रम को सामुदायिक स्वरूप प्रदान किया।
मिठाई वितरण के साथ साझा की गई खुशियां
कार्यक्रम के अंत में बच्चों, ग्रामीण महिलाओं, पुरुषों और बुजुर्गों के बीच मिठाई का वितरण किया गया। मिठाई वितरण के दौरान आपसी सौहार्द और खुशी का माहौल देखने को मिला। ग्रामीणों ने कहा कि इस तरह के आयोजन बच्चों में देशभक्ति की भावना को मजबूत करते हैं और समाज को एक सूत्र में बांधते हैं।
ग्रामीण स्तर पर राष्ट्रीय पर्वों की अहमियत
ग्राम बिंदुआ में आयोजित यह गणतंत्र दिवस समारोह इस बात का प्रमाण है कि राष्ट्रीय पर्वों की भावना शहरों तक सीमित नहीं है। विद्यालय जैसे संस्थान ग्रामीण समाज में लोकतांत्रिक चेतना के केंद्र बनते जा रहे हैं। बच्चों को प्रारंभिक स्तर से ही संविधान, अधिकारों और कर्तव्यों की जानकारी देना देश के भविष्य के लिए बेहद जरूरी है।
शिक्षा और संस्कार का संगम
विद्यालय प्रशासन द्वारा किए गए इस आयोजन ने यह संदेश दिया कि शिक्षा केवल पुस्तकों तक सीमित नहीं, बल्कि संस्कार, नागरिक जिम्मेदारी और राष्ट्रप्रेम का माध्यम भी है। बच्चों ने पूरे अनुशासन के साथ कार्यक्रम में भाग लेकर यह साबित किया कि सही मार्गदर्शन से ग्रामीण क्षेत्रों के छात्र भी राष्ट्रीय मूल्यों को गहराई से समझ सकते हैं।
न्यूज़ देखो: गांव से मजबूत होता गणतंत्र
बिंदुआ जैसे गांवों में गणतंत्र दिवस का उत्साह यह दर्शाता है कि लोकतंत्र की जड़ें गांवों में कितनी गहरी हैं। विद्यालय, शिक्षक और समाजसेवी मिलकर बच्चों में देशभक्ति और जिम्मेदारी की भावना जगा रहे हैं। ऐसे आयोजन प्रशासन और समाज दोनों के लिए प्रेरणा हैं। हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।
जब बच्चों के दिल में बसे संविधान, तभी सुरक्षित होगा भविष्य
गणतंत्र दिवस हमें अपने अधिकारों के साथ कर्तव्यों की भी याद दिलाता है। आइए, बच्चों को राष्ट्रप्रेम, अनुशासन और सामाजिक जिम्मेदारी का पाठ पढ़ाएं। इस खबर को साझा करें, अपनी राय रखें और गांव-गांव तक देशभक्ति की यह भावना पहुंचाने में सहभागी बनें।







