
#पलामू #अपराध : प्रेम जाल के जरिए युवती को फंसाकर शोषण और धमकी देने वाला आरोपी पुलिस के शिकंजे में आया।
पलामू जिले के हुसैनाबाद क्षेत्र में एक गंभीर आपराधिक मामले का पुलिस ने खुलासा करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। पीड़िता की शिकायत पर प्रेम जाल, अपहरण, बलात्कार और ब्लैकमेलिंग का मामला दर्ज किया गया था। तकनीकी जांच और एसआईटी के प्रयास से आरोपी को उड़ीसा से पकड़ा गया। यह कार्रवाई महिलाओं की सुरक्षा और कानून के सख्त प्रवर्तन का अहम उदाहरण मानी जा रही है।
- हुसैनाबाद थाना में पीड़िता ने दर्ज कराई थी गंभीर प्राथमिकी।
- आरोपी विजय धरुआ, उड़ीसा का रहने वाला, लंबे समय से फरार था।
- एसआईटी और तकनीकी शाखा की मदद से लोकेशन ट्रेस की गई।
- आरोपी को उड़ीसा के करलापीटा गांव से गिरफ्तार किया गया।
- छापामारी दल में पुलिस अधिकारी और महिला थाना टीम शामिल रही।
हुसैनाबाद थाना क्षेत्र में सामने आए इस सनसनीखेज मामले ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया था। पीड़िता द्वारा दर्ज कराई गई प्राथमिकी में आरोप लगाया गया था कि एक युवक ने पहले प्रेम जाल में फंसाया, फिर अपहरण कर बलात्कार किया और बाद में फोटो व वीडियो वायरल करने की धमकी देकर ब्लैकमेल करता रहा। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने तत्काल जांच शुरू की और विशेष टीम का गठन किया।
कैसे दर्ज हुआ मामला
पीड़िता ने हुसैनाबाद थाना में दिए गए आवेदन में बताया कि आरोपी विजय धरुआ, जो उड़ीसा का निवासी है, ने उसे प्रेम संबंध में फंसाया। भरोसा जीतने के बाद आरोपी ने उसका अपहरण किया और शारीरिक शोषण किया। इसके बाद आरोपी ने आपत्तिजनक फोटो और वीडियो के माध्यम से उसे धमकाकर लंबे समय तक ब्लैकमेल किया। जान से मारने की धमकी दिए जाने के बाद पीड़िता ने साहस दिखाते हुए पुलिस की शरण ली।
एसआईटी का गठन और तकनीकी जांच
मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस अनुमंडल पदाधिकारी एस. मोहम्मद याकूब के निर्देश पर एसआईटी (विशेष अनुसंधान टीम) का गठन किया गया। टीम ने तकनीकी शाखा की सहायता से आरोपी की मोबाइल लोकेशन और गतिविधियों का विश्लेषण किया। शुरुआती जांच में आरोपी की मौजूदगी तेलंगाना के महबूबनगर में पाई गई, लेकिन वहां छापामारी के दौरान वह फरार हो गया।
उड़ीसा में छापामारी और गिरफ्तारी
तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर पुलिस को सूचना मिली कि आरोपी उड़ीसा राज्य के मोदीबहाल क्षेत्र में छिपा हुआ है। वहां भी पुलिस को सफलता नहीं मिली, लेकिन गुप्त सूचना के जरिए यह पता चला कि आरोपी अपनी बहन दुलना मांझी के घर छिपा है। इसके बाद उड़ीसा पुलिस के सहयोग से थाना मोरीबहाल अंतर्गत करलापीटा गांव में छापामारी की गई, जहां से आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया।
एसडीपीओ एस. मोहम्मद याकूब ने कहा:
“मामले की गंभीरता को देखते हुए एसआईटी गठित की गई थी। तकनीकी साक्ष्यों और निरंतर प्रयास से आरोपी को उड़ीसा से गिरफ्तार कर लिया गया है। पीड़िता को न्याय दिलाना हमारी प्राथमिकता है।”
न्यायिक प्रक्रिया और पुलिस टीम
गिरफ्तारी के बाद आरोपी को उड़ीसा की न्यायालय में प्रस्तुत किया गया, जहां से ट्रांजिट रिमांड पर उसे पलामू लाया गया। इस पूरी कार्रवाई में हुसैनाबाद थाना प्रभारी सोनू कुमार चौधरी, पुअनि रमन यादव, महिला एवं बाल संरक्षण थाना प्रभारी पार्वती कुमारी, तकनीकी शाखा के कर्मी और अन्य पुलिस बल शामिल रहे।
महिलाओं की सुरक्षा पर बड़ा संदेश
यह गिरफ्तारी न सिर्फ पीड़िता के लिए राहत है, बल्कि समाज के लिए भी एक सशक्त संदेश है कि इस तरह के अपराध करने वाले चाहे कहीं भी छिपे हों, कानून से नहीं बच सकते। पुलिस की तत्परता और अंतरराज्यीय समन्वय ने यह साबित किया है कि महिला सुरक्षा के मामलों में कोई ढिलाई नहीं बरती जाएगी।
न्यूज़ देखो: महिला सुरक्षा और कानून की सख्त कार्रवाई
यह मामला दर्शाता है कि तकनीकी जांच और समर्पित पुलिस टीम के माध्यम से जटिल अपराधों का भी पर्दाफाश संभव है। आरोपी की गिरफ्तारी यह संकेत देती है कि ब्लैकमेल और यौन अपराधों पर पुलिस की नजर कड़ी है। अब सवाल यह है कि न्यायिक प्रक्रिया कितनी तेजी से पूरी होती है और पीड़िता को कब तक पूर्ण न्याय मिलता है। ऐसे मामलों में त्वरित सजा अपराधियों के लिए कड़ा संदेश बन सकती है।
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डर के खिलाफ खड़े हों, न्याय का साथ दें
समाज तभी सुरक्षित बन सकता है जब पीड़ित बिना भय के सामने आएं। महिलाओं के खिलाफ अपराध पर चुप्पी तोड़ना और कानून का सहारा लेना बेहद जरूरी है।
अगर आपके आसपास भी किसी के साथ अन्याय हो रहा है, तो आवाज उठाइए और प्रशासन को सूचित कीजिए।
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