News dekho specials
DumkaJharkhand

दुमका के ओडमो गांव में अवैध कोयला खदानों पर प्रशासन की चौथी बड़ी कार्रवाई, डोजरिंग से दो खदानें बंद

#दुमका #अवैध_खनन : गोपीकांदर अंचल के ओडमो गांव में प्रशासन ने दो अवैध कोयला खदानों को डोजरिंग कर बंद किया।

दुमका जिले के गोपीकांदर अंचल अंतर्गत ओडमो गांव में अवैध कोयला खनन के खिलाफ प्रशासन ने एक बार फिर सख्त कार्रवाई की है। रविवार को गुप्त सूचना के आधार पर जांच के बाद दो अवैध कोयला खदानों को डोजरिंग कर पूरी तरह बंद कर दिया गया। तीन अलग-अलग डीएमओ के कार्यकाल में यह चौथी बार है जब ओडमो गांव में इस तरह की कार्रवाई की गई। प्रशासन का उद्देश्य अवैध खनन पर स्थायी रोक लगाना और क्षेत्र में कानून व्यवस्था बनाए रखना है।

Join News देखो WhatsApp Channel
  • गोपीकांदर अंचल के ओडमो गांव में अवैध कोयला खदानों पर कार्रवाई।
  • तीन जेसीबी मशीनों से दो खदानों को मिट्टी भरकर किया गया बंद।
  • खदानों तक जाने वाले रास्तों को भी अवरुद्ध किया गया।
  • कार्रवाई से पहले माइक से चेतावनी देकर लोगों को हटाया गया।
  • भारी पुलिस बल की तैनाती में पूरी कार्रवाई संपन्न।

दुमका जिले में अवैध कोयला खनन के खिलाफ प्रशासन का अभियान लगातार जारी है। इसी क्रम में रविवार को गोपीकांदर अंचल क्षेत्र के ओडमो गांव में एक बार फिर डोजरिंग की कार्रवाई की गई। गुप्त सूचना के आधार पर की गई जांच में अवैध खनन की पुष्टि होने के बाद प्रशासन ने मौके पर पहुंचकर दो अवैध कोयला खदानों को पूरी तरह बंद कर दिया। यह कार्रवाई तीन अलग-अलग जिला खनन पदाधिकारी (डीएमओ) के कार्यकाल में चौथी बार की गई है, जिससे यह स्पष्ट होता है कि यह क्षेत्र लंबे समय से अवैध खनन की समस्या से जूझ रहा है।

डोजरिंग से पहले दी गई चेतावनी

कार्रवाई शुरू करने से पहले प्रशासन की ओर से माइक के माध्यम से स्पष्ट चेतावनी दी गई। आसपास मौजूद लोगों को खदान क्षेत्र से दूर रहने और किसी भी प्रकार की अफरा-तफरी से बचने के निर्देश दिए गए। इसके बाद सुरक्षा मानकों का पालन करते हुए डोजरिंग की प्रक्रिया शुरू की गई, ताकि किसी भी तरह की दुर्घटना या अप्रिय स्थिति से बचा जा सके।

तीन जेसीबी मशीनों से दो खदानें बंद

प्रशासन ने कार्रवाई के लिए तीन जेसीबी मशीनों का इस्तेमाल किया। दोनों अवैध कोयला खदानों को मिट्टी भरकर पूरी तरह बंद कर दिया गया। इसके साथ ही, खदानों तक जाने वाले सभी कच्चे और अस्थायी रास्तों को भी अवरुद्ध कर दिया गया, ताकि भविष्य में दोबारा अवैध खनन शुरू न हो सके।

यह कदम इसलिए भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि कई बार खदान बंद होने के बाद दोबारा रास्ता बनाकर अवैध गतिविधियां शुरू कर दी जाती हैं। इस बार प्रशासन ने रास्तों को भी बंद कर एक मजबूत संदेश देने की कोशिश की है।

भारी पुलिस बल की रही तैनाती

कार्रवाई के दौरान किसी भी तरह के विरोध या अव्यवस्था से निपटने के लिए भारी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया था। पुलिस की मौजूदगी के कारण पूरी कार्रवाई शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हुई। प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार, अवैध खनन से जुड़े मामलों में अक्सर स्थानीय स्तर पर तनाव की स्थिति बन जाती है, इसलिए सुरक्षा व्यवस्था को लेकर विशेष सतर्कता बरती गई।

पहले भी हो चुकी है तीन बार कार्रवाई

ओडमो गांव अवैध कोयला खनन के मामलों में पहले भी चर्चा में रहा है। इससे पहले तीन बार डोजरिंग की कार्रवाई की जा चुकी है, लेकिन इसके बावजूद अवैध खनन की गतिविधियां पूरी तरह समाप्त नहीं हो पाई थीं। यही कारण है कि प्रशासन को चौथी बार फिर से सख्त कदम उठाना पड़ा।

प्रशासनिक स्तर पर यह भी माना जा रहा है कि अवैध खनन सिर्फ कानून व्यवस्था की समस्या नहीं, बल्कि पर्यावरण और स्थानीय लोगों की सुरक्षा से भी जुड़ा गंभीर मुद्दा है। अवैध खदानों के कारण भूमि धंसान, जल स्रोतों के प्रदूषण और जान-माल के नुकसान का खतरा लगातार बना रहता है।

News dekho specials

गुप्त सूचना के आधार पर हुई कार्रवाई

इस बार की कार्रवाई गुप्त सूचना के आधार पर की गई। सूचना मिलने के बाद संबंधित विभागों ने जांच की और अवैध खनन की पुष्टि होने पर तुरंत कार्रवाई का निर्णय लिया गया। इससे यह संकेत मिलता है कि प्रशासन अवैध गतिविधियों पर नजर बनाए हुए है और सूचना मिलते ही कार्रवाई करने के लिए तैयार है।

न्यूज़ देखो: अवैध खनन पर बार-बार कार्रवाई क्यों जरूरी

ओडमो गांव में चौथी बार हुई डोजरिंग यह सवाल खड़ा करती है कि अवैध खनन पर स्थायी रोक कैसे लगेगी। प्रशासन की कार्रवाई यह दिखाती है कि कानून का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्ती जारी है, लेकिन साथ ही यह भी स्पष्ट है कि केवल डोजरिंग से समस्या का स्थायी समाधान नहीं हो पा रहा। अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि आगे निगरानी व्यवस्था को कितना मजबूत किया जाता है और दोषियों पर क्या ठोस कानूनी कार्रवाई होती है। हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।

जागरूक समाज ही अवैध खनन पर लगा सकता है पूर्ण विराम

अवैध खनन सिर्फ प्रशासन की चुनौती नहीं, बल्कि समाज के लिए भी गंभीर खतरा है। पर्यावरण की सुरक्षा, स्थानीय लोगों की जान और आने वाली पीढ़ियों का भविष्य इससे जुड़ा हुआ है। अगर समय रहते आवाज नहीं उठाई गई, तो इसके दुष्परिणाम और भी भयावह हो सकते हैं।
अपने क्षेत्र में हो रही अवैध गतिविधियों पर नजर रखें और जिम्मेदार बनें। इस खबर पर अपनी राय कमेंट में साझा करें, इसे अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाएं और जागर

यह खबर आपके लिए कितनी महत्वपूर्ण थी?

रेटिंग देने के लिए किसी एक स्टार पर क्लिक करें!

इस खबर की औसत रेटिंग: 0 / 5. कुल वोट: 0

अभी तक कोई वोट नहीं! इस खबर को रेट करने वाले पहले व्यक्ति बनें।

चूंकि आपने इस खबर को उपयोगी पाया...

हमें सोशल मीडिया पर फॉलो करें!



IMG-20250723-WA0070
IMG-20251223-WA0009

नीचे दिए बटन पर क्लिक करके हमें सोशल मीडिया पर फॉलो करें


Saroj Verma

दुमका/देवघर

Related News

Back to top button
error: