
#आनंदपुर #शांति_समिति : रामनवमी और सरहुल पर्व को शांतिपूर्ण ढंग से मनाने पर प्रशासन का जोर।
पश्चिम सिंहभूम जिले के आनंदपुर थाना परिसर में रामनवमी और सरहुल पर्व को लेकर शांति समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक में प्रशासन और स्थानीय लोगों ने त्योहारों को शांतिपूर्ण तरीके से मनाने तथा रामनवमी के अखाड़ा जुलूस को निर्धारित समय और रूट पर ही निकालने का निर्णय लिया।
- आनंदपुर थाना परिसर में रामनवमी और सरहुल को लेकर शांति समिति की बैठक।
- बैठक की अध्यक्षता थाना प्रभारी प्रिंस झा ने की।
- रामनवमी के अखाड़ा जुलूस को तय समय और रूट पर निकालने का निर्देश।
- जुलूस के दौरान प्रशासन की गाइडलाइन का पालन अनिवार्य।
- शांतिपूर्ण आयोजन के लिए अखाड़ा कमेटी द्वारा स्वयंसेवकों की नियुक्ति।
पश्चिम सिंहभूम जिले के आनंदपुर थाना परिसर में रामनवमी और सरहुल पर्व के मद्देनजर शांति समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता थाना प्रभारी प्रिंस झा ने की। इस दौरान स्थानीय जनप्रतिनिधियों, समाजसेवियों और शांति समिति के सदस्यों के साथ मिलकर त्योहारों को शांतिपूर्ण और सौहार्दपूर्ण वातावरण में मनाने को लेकर चर्चा की गई।
बैठक में प्रशासन की ओर से स्पष्ट निर्देश दिया गया कि सभी लोग आपसी भाईचारे और अनुशासन के साथ त्योहार मनाएं तथा किसी भी प्रकार की अफवाह या विवाद से बचें।
तय समय और रूट पर निकलेगा अखाड़ा जुलूस
बैठक के दौरान विशेष रूप से रामनवमी के अवसर पर निकलने वाले अखाड़ा जुलूस को लेकर चर्चा की गई। थाना प्रभारी प्रिंस झा ने कहा कि जुलूस प्रशासन द्वारा तय किए गए समय और निर्धारित रूट पर ही निकाला जाएगा।
उन्होंने कहा कि सभी अखाड़ा समितियों को प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का सख्ती से पालन करना होगा। जुलूस के दौरान अनुशासन बनाए रखना और कानून व्यवस्था का ध्यान रखना सभी की जिम्मेदारी है।
थाना प्रभारी प्रिंस झा ने कहा, “रामनवमी का अखाड़ा जुलूस प्रशासन द्वारा तय समय और निर्धारित रूट पर ही निकाला जाएगा। सभी आयोजकों को गाइडलाइन का पालन करना होगा।”
शांतिपूर्ण आयोजन के लिए स्वयंसेवकों की तैनाती
बैठक में यह भी तय किया गया कि जुलूस के दौरान व्यवस्था बनाए रखने के लिए अखाड़ा कमेटी द्वारा पर्याप्त संख्या में स्वयंसेवकों की नियुक्ति की जाएगी। स्वयंसेवक जुलूस के संचालन और भीड़ प्रबंधन में प्रशासन की सहायता करेंगे।
प्रशासन ने सभी से अपील की कि त्योहार के दौरान आपसी सौहार्द और भाईचारा बनाए रखें, ताकि रामनवमी और सरहुल दोनों पर्व शांतिपूर्ण और उत्साहपूर्ण माहौल में संपन्न हो सकें।
शांति समिति के सदस्य रहे मौजूद
बैठक में शांति समिति के कई सदस्य और स्थानीय लोग मौजूद रहे। इनमें प्रमुख रूप से रबिन्द्र शुक्ला, विभुंद्र नारायण सिंहदेव, उमेश रवानी, प्रसन्नो सिंहदेव, अवनी साहू, मुनिलाल सुरीन, सत्यनारायण नापित, राजकुमार साहू और रघु दास शामिल थे।
बैठक के अंत में सभी सदस्यों ने प्रशासन को भरोसा दिलाया कि वे त्योहारों के दौरान शांति और व्यवस्था बनाए रखने में पूरा सहयोग करेंगे।
न्यूज़ देखो: शांति और सौहार्द से ही त्योहारों की असली पहचान
रामनवमी और सरहुल जैसे पर्व समाज की आस्था, संस्कृति और परंपरा का प्रतीक हैं। ऐसे अवसरों पर प्रशासन और समाज के सहयोग से यदि अनुशासन और सौहार्द बनाए रखा जाए, तो त्योहार की खुशियां और भी बढ़ जाती हैं। शांति समिति की बैठकें इसी सामंजस्य को मजबूत करने का महत्वपूर्ण माध्यम हैं।
भाईचारे और अनुशासन से मनाएं त्योहार
त्योहार केवल उत्सव नहीं बल्कि समाज को जोड़ने का अवसर भी होते हैं। इसलिए सभी नागरिकों की जिम्मेदारी है कि वे आपसी प्रेम, सम्मान और अनुशासन के साथ त्योहार मनाएं।
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