
#पश्चिमसिंहभूम #हनुमानपाटोत्सव : समीज गांव की पहाड़ी पर वायुविरा हनुमान मंदिर में किशमिश और अक्षत से सहस्त्र नाम अर्चन कर विश्व कल्याण की कामना
पश्चिम सिंहभूम जिले के आनंदपुर प्रखंड अंतर्गत समीज गांव स्थित पहाड़ी पर वायुविरा हनुमान मंदिर का वार्षिक पाटोत्सव श्रद्धा और भक्ति के साथ संपन्न हुआ। इस अवसर पर हनुमान सहस्त्र नाम का अर्चन किशमिश और अक्षत से किया गया। विशेष पूजन, मंत्रोच्चार और आरती से पूरा वातावरण आध्यात्मिक ऊर्जा से भर उठा।
- समीज गांव, आनंदपुर प्रखंड में वायुविरा हनुमान मंदिर का वार्षिक पाटोत्सव संपन्न।
- ब्रह्मचारी विश्वानन्द के निर्देशन में विशेष पूजन, अर्चन व आरती आयोजित।
- आचार्य हितेंद्र पांडेय एवं वैदिक ब्राह्मणों द्वारा वैदिक मंत्रोच्चार।
- हनुमान सहस्त्र नाम का अर्चन किशमिश और अक्षत से, विश्व कल्याण की कामना।
- यजमान शिवप्रताप सिंहदेव सहित अनेक श्रद्धालु रहे उपस्थित।
पश्चिम सिंहभूम के आनंदपुर प्रखंड स्थित समीज गांव की पहाड़ी पर अवस्थित वायुविरा हनुमान मंदिर में वार्षिक पाटोत्सव धूमधाम से मनाया गया। भक्ति और आध्यात्मिक वातावरण के बीच आयोजित इस महोत्सव में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लिया। विश्व कल्याण की भावना के साथ संपन्न हुए इस आयोजन ने पूरे क्षेत्र को धार्मिक उल्लास से भर दिया।
सहस्त्र नाम अर्चन बना मुख्य आकर्षण
पाटोत्सव के अवसर पर हनुमान सहस्त्र नाम का विशेष अर्चन किया गया। किशमिश और अक्षत से किए गए इस अर्चन ने आयोजन को विशिष्ट धार्मिक स्वरूप प्रदान किया। वैदिक मंत्रोच्चार के बीच प्रत्येक नाम के साथ अर्पण की प्रक्रिया संपन्न हुई, जिससे वातावरण भक्तिरस में डूब गया।
श्रद्धालुओं ने एक स्वर में प्रभु हनुमान के नामों का स्मरण किया और विश्व शांति व जनकल्याण की कामना की।
ब्रह्मचारी विश्वानन्द के निर्देशन में संपन्न हुआ अनुष्ठान
विश्व कल्याण आश्रम के प्रभारी ब्रह्मचारी विश्वानन्द के मार्गदर्शन में पूरा धार्मिक अनुष्ठान विधिवत संपन्न कराया गया। आचार्य हितेंद्र पांडेय एवं वैदिक ब्राह्मणों ने शास्त्रोक्त विधि से पूजन, अर्चन और आरती कराई।
“हनुमान सहस्त्र नाम का जप और अर्चन समाज में सकारात्मक ऊर्जा का संचार करता है और विश्व कल्याण की भावना को मजबूत बनाता है,” ब्रह्मचारी विश्वानन्द ने कहा।
यजमान के रूप में शिवप्रताप सिंहदेव ने आचार्य के मंत्रोच्चार के साथ श्रद्धापूर्वक अर्चन किया। पूरे अनुष्ठान के दौरान भक्तों ने अनुशासन और भक्ति का अद्भुत उदाहरण प्रस्तुत किया।
पहाड़ी मंदिर में उमड़ा श्रद्धालुओं का सैलाब
समीज गांव की पहाड़ी पर स्थित वायुविरा हनुमान मंदिर प्राकृतिक सौंदर्य से घिरा हुआ है। पाटोत्सव के अवसर पर मंदिर परिसर को आकर्षक ढंग से सजाया गया था। सुबह से ही श्रद्धालुओं का आगमन शुरू हो गया था, जो देर शाम तक जारी रहा।
आरती के समय पूरा परिसर “जय श्री राम” और “जय बजरंगबली” के उद्घोष से गूंज उठा। श्रद्धालुओं ने दीप प्रज्वलित कर भगवान हनुमान से सुख, समृद्धि और शांति की प्रार्थना की।
श्रद्धालुओं की सक्रिय सहभागिता
कार्यक्रम में रवि चौबे, राकेश यादव, हरिकेश द्विवेदी, प्रभात पचौरी, अनूप कुमार तिवारी, अंशिका तिवारी, सुखमती, अमात, सरस्वती नायक, पूजा प्रधान सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।
सभी ने मिलकर आयोजन को सफल बनाने में सहयोग किया। ग्रामीणों ने बताया कि यह वार्षिक पाटोत्सव क्षेत्र की आस्था का प्रमुख केंद्र है और हर वर्ष श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ती जा रही है।
धार्मिक आयोजन से सामाजिक समरसता को बढ़ावा
पाटोत्सव केवल धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि सामाजिक समरसता और सामूहिक सहभागिता का भी प्रतीक बनकर उभरा। गांव के लोगों ने एकजुट होकर आयोजन की तैयारियों से लेकर समापन तक सक्रिय भूमिका निभाई।
ऐसे धार्मिक आयोजन समाज में एकता, सहयोग और सकारात्मक ऊर्जा का संचार करते हैं। नई पीढ़ी को भी अपनी सांस्कृतिक परंपराओं से जुड़ने का अवसर मिलता है।

न्यूज़ देखो: आस्था के साथ सामाजिक एकजुटता का संदेश
समीज गांव का वायुविरा हनुमान पाटोत्सव धार्मिक आस्था के साथ सामाजिक समरसता का भी संदेश देता है। सहस्त्र नाम अर्चन जैसे अनुष्ठान आध्यात्मिक चेतना को जागृत करते हैं और सामूहिक भागीदारी से समाज को मजबूत बनाते हैं। ऐसे आयोजन सांस्कृतिक विरासत को जीवंत बनाए रखते हैं। हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।
भक्ति और एकता से ही मजबूत होता है समाज
धार्मिक आयोजन केवल पूजा नहीं, बल्कि समाज को जोड़ने का माध्यम हैं।
आइए, अपनी संस्कृति और परंपराओं को संजोकर रखें।
विश्व कल्याण की भावना को अपने जीवन में उतारें।
सामूहिक सहभागिता से ही समाज सशक्त बनता है।
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