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घाघरा प्रखंड में नेशनल मकान संख्या सर्वे को लेकर बीडीओ ने की समीक्षा बैठक, बीएलओ और सुपरवाइजरों को दिए निर्देश

#घाघरा #मकानसंख्यासर्वे : प्रखंड के सभी बूथों के बीएलओ और सुपरवाइजरों के साथ बैठक — पात्र लोगों की पहचान कर सर्वे सुनिश्चित करने का निर्देश।

गुमला जिले के घाघरा प्रखंड में नेशनल मकान संख्या सर्वे को लेकर सोमवार को एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता प्रखंड विकास पदाधिकारी दिनेश कुमार ने की। इसमें प्रखंड के सभी बीएलओ, सुपरवाइजर और बीपीआरओ शामिल हुए, जहां सर्वे को लेकर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।

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  • घाघरा प्रखंड सभागार में बीडीओ की अध्यक्षता में समीक्षा बैठक आयोजित।
  • प्रखंड के 112 बूथों के बीएलओ, सुपरवाइजर और बीपीआरओ बैठक में शामिल।
  • झुग्गी-झोपड़ियों में रहने वाले और बिना मकान संख्या वाले लोगों को चिन्हित करने का निर्देश।
  • सभी योग्य व्यक्तियों का नेशनल मकान संख्या के लिए सर्वे सुनिश्चित करने को कहा गया।
  • लोगों को आवेदन करने के लिए जागरूक करने पर दिया गया विशेष जोर।

गुमला जिले के घाघरा प्रखंड परिसर स्थित सभागार में सोमवार को नेशनल मकान संख्या सर्वे को लेकर एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता प्रखंड विकास पदाधिकारी (बीडीओ) दिनेश कुमार ने की, जिसमें प्रखंड के सभी 112 बूथों के बीएलओ, सुपरवाइजर और बीपीआरओ मुख्य रूप से उपस्थित रहे।

बैठक में बीडीओ दिनेश कुमार ने नेशनल मकान संख्या सर्वे की प्रक्रिया और इसके महत्व की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने सभी संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों को निर्देश दिया कि अपने-अपने क्षेत्र में सर्वे कार्य को गंभीरता और पारदर्शिता के साथ पूरा करें।

बिना मकान संख्या वाले लोगों की होगी पहचान

बैठक के दौरान बीडीओ ने स्पष्ट रूप से कहा कि जिन क्षेत्रों में लोग झुग्गी-झोपड़ियों में रह रहे हैं या जिनके पास वोटर आईडी कार्ड तो है लेकिन स्थायी मकान संख्या नहीं है, ऐसे लोगों को प्राथमिकता के आधार पर चिन्हित किया जाए।

उन्होंने कहा कि इन सभी पात्र व्यक्तियों का नेशनल मकान संख्या के लिए सर्वे सुनिश्चित किया जाए, ताकि उन्हें सरकारी रिकॉर्ड में शामिल किया जा सके।

लोगों को जागरूक करने पर दिया गया जोर

बीडीओ दिनेश कुमार ने बीएलओ और सुपरवाइजरों को निर्देश देते हुए कहा कि आम लोगों को नेशनल मकान संख्या के महत्व के बारे में जागरूक किया जाए और उन्हें आवेदन करने के लिए प्रेरित किया जाए।

उन्होंने कहा कि कई बार जानकारी के अभाव में लोग इस प्रक्रिया से वंचित रह जाते हैं, इसलिए जागरूकता अभियान चलाना भी जरूरी है।

सरकारी योजनाओं के सत्यापन में मिलेगा लाभ

बैठक में यह भी बताया गया कि नेशनल मकान संख्या का होना काफी महत्वपूर्ण है। इससे वोटर आईडी कार्ड, राशन कार्ड और विभिन्न सरकारी योजनाओं के भौतिक सत्यापन में आसानी होगी।

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बीडीओ ने कहा कि मकान संख्या के आधार पर सरकारी योजनाओं का लाभ पात्र लोगों तक पारदर्शी तरीके से पहुंचाया जा सकेगा और इससे व्यवस्था में पारदर्शिता भी बढ़ेगी।

अधिकारियों को जिम्मेदारी के साथ कार्य करने का निर्देश

बैठक के अंत में बीडीओ ने सभी बीएलओ और सुपरवाइजरों को अपने-अपने क्षेत्र में जिम्मेदारी के साथ सर्वे कार्य करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि सर्वे कार्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

न्यूज़ देखो विशेष: योजनाओं की पारदर्शिता के लिए जरूरी है मकान संख्या

नेशनल मकान संख्या व्यवस्था का उद्देश्य प्रत्येक परिवार को सरकारी रिकॉर्ड से जोड़ना है। इससे सरकारी योजनाओं का लाभ सही और पात्र लोगों तक पहुंचाने में मदद मिलती है।

अगर यह सर्वे सही तरीके से पूरा होता है तो भविष्य में सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन और सत्यापन की प्रक्रिया और अधिक पारदर्शी और प्रभावी हो सकती है।

जागरूकता और भागीदारी से ही सफल होगा सर्वे

सरकारी योजनाओं का लाभ तभी सभी तक पहुंच सकता है जब लोग जागरूक होकर इसमें भागीदारी करें। ऐसे में स्थानीय प्रशासन और आम नागरिकों दोनों की जिम्मेदारी है कि इस प्रक्रिया को सफल बनाने में सहयोग करें।

अगर आपके क्षेत्र में भी सरकारी योजनाओं से जुड़ी कोई महत्वपूर्ण जानकारी या कार्यक्रम हो रहा है, तो उसकी सूचना ‘न्यूज़ देखो’ तक जरूर पहुंचाएं।

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