#नावाबाजार #पीसीसीपथनिर्माण : 15वीं वित्त आयोग योजना में घटिया सामग्री उपयोग पर बीडीओ ने जताई नाराजगी।
पलामू जिले के नावा बाजार प्रखंड अंतर्गत सोहदाग खुद पंचायत में 15वीं वित्त आयोग से बन रहे पीसीसी पथ में कथित रूप से घटिया सामग्री के उपयोग पर प्रखंड विकास पदाधिकारी ने कड़ी नाराजगी जताई है। बीडीओ ने दो दिन के भीतर स्पष्टीकरण मांगा है और कार्रवाई की चेतावनी दी है।
- सोहदाग खुद पंचायत में 15वीं वित्त आयोग से पीसीसी पथ निर्माण।
- योजना संख्या 1/2024-25 ग्राम मल्लहाटोली में चल रहा कार्य।
- घटिया व रिजेक्ट ईंट उपयोग करने का आरोप।
- बीडीओ रेनू बाला ने जताई नाराजगी, दो दिन में जवाब तलब।
- स्पष्टीकरण नहीं देने पर वित्तीय अधिकार जब्त करने की चेतावनी।
पलामू जिले के नावा बाजार प्रखंड क्षेत्र अंतर्गत सोहदाग खुद पंचायत में 15वीं वित्त आयोग मद से पीसीसी पथ निर्माण कार्य कराया जा रहा है। योजना संख्या 1/2024-25 के तहत ग्राम मल्लहाटोली में पनभटा से भोला चौधरी के घर तक सड़क निर्माण का कार्य प्रगति पर है। इसी कार्य में कथित रूप से घटिया सामग्री के उपयोग को लेकर विवाद खड़ा हो गया है।
घटिया सामग्री उपयोग का आरोप
स्थानीय स्तर पर आरोप लगाया गया है कि पीसीसी पथ निर्माण में निर्धारित गुणवत्ता के अनुरूप सामग्री का उपयोग नहीं किया जा रहा है। खड़े ईंट की जगह टूटे-फूटे और कथित रूप से रिजेक्ट ईंट का इस्तेमाल किया जा रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि इसी तरह निर्माण कार्य किया गया तो सड़क की गुणवत्ता प्रभावित होगी और वह लंबे समय तक टिकाऊ नहीं रहेगी।
निरीक्षण के दौरान जब प्रखंड विकास पदाधिकारी रेनू बाला ने निर्माण कार्य की स्थिति देखी तो उन्होंने नाराजगी जाहिर की। उन्होंने मौके पर मौजूद कर्मियों को गुणवत्ता में सुधार लाने का निर्देश दिया।
दो दिन में मांगा गया स्पष्टीकरण
बीडीओ रेनू बाला ने पंचायत सचिव पंकज कुमार और मुखिया कमला देवी से दो दिन के भीतर लिखित स्पष्टीकरण मांगा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि निर्धारित समय के भीतर संतोषजनक जवाब नहीं मिला तो संबंधित के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी।
सूत्रों के अनुसार, बीडीओ ने यह भी चेतावनी दी है कि आवश्यकता पड़ने पर मुखिया श्रीमती कमला देवी के वित्तीय अधिकार को जब्त किया जा सकता है। इससे पंचायत स्तर पर हड़कंप मच गया है।
पंचायत प्रतिनिधियों पर भी उठे सवाल
स्थानीय स्तर पर यह भी आरोप लगाया जा रहा है कि मुखिया पति दामोदर चौधरी के इशारे पर निर्माण कार्य में घटिया सामग्री का उपयोग कराया जा रहा है। साथ ही पंचायत सचिव पर भी सवाल उठाए गए हैं कि वे गुणवत्ता नियंत्रण को लेकर गंभीर नहीं हैं।
हालांकि इस संबंध में संबंधित पक्ष की ओर से आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। प्रशासन द्वारा मांगे गए स्पष्टीकरण के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
गुणवत्ता को लेकर प्रशासन सख्त
प्रखंड प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि विकास योजनाओं में किसी भी प्रकार की अनियमितता या लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। 15वीं वित्त आयोग से प्राप्त राशि का उपयोग निर्धारित मानकों के अनुरूप ही किया जाना अनिवार्य है।
ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते कार्रवाई की गई तो भविष्य में इस तरह की गड़बड़ी पर रोक लगाई जा सकेगी और योजनाओं का लाभ सही तरीके से आम जनता तक पहुंचेगा।
न्यूज़ देखो: विकास कार्यों में पारदर्शिता जरूरी
सरकारी योजनाओं की गुणवत्ता ही विकास की असली पहचान होती है। यदि निर्माण कार्य में लापरवाही होगी तो जनता का भरोसा कमजोर होगा। प्रशासन की सख्ती से पारदर्शिता सुनिश्चित हो सकती है। हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।
जनहित में जवाबदेही जरूरी
गांव की सड़कें विकास की आधारशिला हैं।
यदि कहीं भी गुणवत्ता में कमी दिखे तो आवाज उठाना जरूरी है।
आप भी अपने क्षेत्र के विकास कार्यों पर नजर रखें और जागरूक नागरिक बनें। अपनी प्रतिक्रिया कमेंट में जरूर साझा करें।