
#बरवाडीह #जनता_दरबार : बीडीओ रेशमा रेखा मिंज ने दिव्यांग वृद्ध की समस्या खुद मौके पर पहुंचकर सुनी और तत्काल समाधान कराया।
- जनता दरबार के दौरान सीसीटीवी में दिव्यांग व्यक्ति पर पड़ी बीडीओ की नजर।
- बीडीओ रेशमा रेखा मिंज स्वयं बाहर निकलकर वृद्ध चूलहाई सिंह के पास पहुँचीं।
- दो महीने से खराब जलमीनार की समस्या का तुरंत समाधान शुरू।
- आधार अपडेट और डीबीटी का कार्य भी मौके पर कराया गया।
- दिव्यांग वृद्ध ने भावुक होकर बीडीओ के मानवता भरे कदम की सराहना की।
बरवाडीह (लातेहार) में मंगलवार को प्रखंड कार्यालय परिसर में आयोजित साप्ताहिक जनता दरबार के दौरान एक ऐसा दृश्य सामने आया, जिसने मानवता की मिसाल पेश कर दी। प्रखंड विकास पदाधिकारी रेशमा रेखा मिंज जहां लोगों की शिकायतें सुन रही थीं, वहीं अचानक उनके चेम्बर में लगी सीसीटीवी स्क्रीन पर एक वृद्ध दिव्यांग व्यक्ति दिखा। उन्होंने बिना देर किए चेम्बर से बाहर निकलकर सीधे उस व्यक्ति के पास जाकर उसका हालचाल पूछा।
दिव्यांग व्यक्ति की समस्या सुनकर तुरंत कार्रवाई
दिव्यांग वृद्ध चूलहाई सिंह, निवासी मुर्गीडीह, अपनी समस्या बताने लगे तो उनकी आंखें नम हो गईं। उन्होंने बताया कि उनके घर के पास लगा जलमीनार दो महीने से खराब है, जिसकी वजह से पूरा टोला पेयजल संकट से जूझ रहा है। कई बार जनप्रतिनिधियों से शिकायत करने के बावजूद समाधान नहीं हुआ था।
बीडीओ ने समस्या को गंभीरता से लेते हुए मौके पर ही पीएचईडी विभाग के सहायक अभियंता को फोन कर जलमीनार को तुरंत ठीक करने का निर्देश दिया।
आधार और डीबीटी की समस्या भी दूर
केवल पेयजल समस्या ही नहीं, चूलहाई सिंह का आधार अपडेट, डीबीटी और मोबाइल नंबर लिंक न होने के कारण पेंशन बाधित थी। बीडीओ ने मौके पर ही कंप्यूटर कर्मियों को निर्देश दिया और वृद्ध का पूरा कार्य तुरंत कराया। समस्या के समाधान के बाद चूलहाई सिंह खुशी से भर उठे और अपनी बोली में बोले—
“मैडम खूब बढ़िया हथीन… तुरन्त काम कर देलथिन… हम एगो काम खातिर आइल हली, लेकिन यंहा सभे काम हो गईलक।”
प्रशासनिक जिम्मेदारी के साथ मानवता का भाव
बीडीओ रेशमा रेखा मिंज ने कहा कि प्रशासनिक ड्यूटी निभाने के साथ-साथ मानवता का फर्ज निभाना भी उतना ही जरूरी है। उन्होंने स्पष्ट किया कि दिव्यांग, बुजुर्ग और जरूरतमंद लोगों की समस्याओं को प्राथमिकता देना उनका दायित्व है।
न्यूज़ देखो: प्रशासनिक व्यवस्था में संवेदनशीलता की मिसाल
बरवाडीह का यह मामला दिखाता है कि प्रशासनिक व्यवस्था केवल आदेश-निर्देश तक सीमित नहीं, बल्कि संवेदनशीलता और मानवता से भी संचालित होती है। बीडीओ द्वारा उठाया गया यह कदम समाज में भरोसा बढ़ाता है और अन्य अधिकारियों के लिए प्रेरणा का कार्य करता है। हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।
प्रशासन जनता के लिए
जब अधिकारी संवेदनशील हों, तो समस्याओं का समाधान सरल हो जाता है।
जरूरतमंदों तक मदद तभी पहुँचती है जब व्यवस्था मानवता से जुड़ती है।
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