Ranchi

खलारी में वीर शहीद नीलाम्बर पीताम्बर की जयंती श्रद्धा और सम्मान के साथ मनाई गई

#रांची #शहीद_स्मरण : बड़कीटॉड में नीलाम्बर पीताम्बर जन कल्याण समिति द्वारा आयोजित कार्यक्रम में जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों ने दी श्रद्धांजलि।

रांची जिले के खलारी स्थित बड़कीटॉड में वीर शहीद नीलाम्बर पीताम्बर की जयंती श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाई गई। कार्यक्रम का आयोजन नीलाम्बर पीताम्बर जन कल्याण समिति द्वारा किया गया। इस अवसर पर जनप्रतिनिधियों, सामाजिक संगठनों और ग्रामीणों ने शहीदों के बलिदान को नमन किया।

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  • खलारी के बड़कीटॉड में मनाई गई नीलाम्बर पीताम्बर जयंती।
  • कांके विधायक सुरेश बैठा रहे मुख्य अतिथि।
  • प्रेमशाही मुंडा, बिगन सिंह भोगता सहित कई विशिष्ट अतिथि उपस्थित।
  • प्रतिमा पर माल्यार्पण और पुष्प अर्पण कर दी गई श्रद्धांजलि।
  • सांस्कृतिक नृत्य और गीत कार्यक्रमों ने बांधा समां।
  • बच्चियों और कलाकारों को किया गया पुरस्कृत

रांची जिले के खलारी प्रखंड अंतर्गत बड़कीटॉड में वीर शहीद नीलाम्बर पीताम्बर की जयंती भव्य रूप से मनाई गई। इस अवसर पर नीलाम्बर पीताम्बर जन कल्याण समिति के तत्वावधान में आयोजित कार्यक्रम में बड़ी संख्या में ग्रामीण, जनप्रतिनिधि और सामाजिक संगठनों के लोग शामिल हुए। पूरे क्षेत्र में देशभक्ति और शहीदों के सम्मान का वातावरण देखने को मिला।

पारंपरिक स्वागत और पूजा-अर्चना

कार्यक्रम की शुरुआत अतिथियों के पारंपरिक स्वागत से हुई। ढोल-नगाड़ों की गूंज के बीच सभी अतिथियों का स्वागत किया गया। सबसे पहले ग्राम प्रधान विश्वनाथ गंझू ने नीलाम्बर पीताम्बर की प्रतिमा की पारंपरिक विधि से पूजा-अर्चना की। इसके पश्चात मुख्य अतिथि और विशिष्ट अतिथियों ने प्रतिमा पर माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि अर्पित की। उपस्थित लोगों ने भी बारी-बारी से पुष्प अर्पित कर वीर शहीद को नमन किया।

बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधियों की उपस्थिति

इस कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में कांके विधायक सुरेश बैठा मौजूद रहे। वहीं विशिष्ट अतिथि के रूप में आदिवासी जन परिषद के केंद्रीय अध्यक्ष प्रेमशाही मुंडा, रैयत विस्थापित मोर्चा के एरिया अध्यक्ष बिगन सिंह भोगता, रोहिणी पीओ दीपक कुमार, विधायक प्रतिनिधि मोनु रजक, मुखिया दीपमाला कुमारी, पुतुल देवी, तेजी किस्पोट्टा, ललिता देवी, संतोष महली, पारसनाथ उरांव, मलका मुंडा, कांग्रेस प्रखंड अध्यक्ष साबिर अंसारी और सांसद प्रतिनिधि धनराज भोगता उपस्थित थे।

कार्यक्रम की अध्यक्षता बिगन सिंह भोगता ने की, जबकि संचालन रामलखन गंझू और अमृत भोगता ने संयुक्त रूप से किया।

शहीदों से प्रेरणा लेने का आह्वान

मुख्य अतिथि विधायक सुरेश बैठा ने अपने संबोधन में कहा कि नीलाम्बर पीताम्बर ने देश की आजादी की लड़ाई में अहम भूमिका निभाई और अपने प्राणों की आहुति दी। उन्होंने कहा कि ऐसे महान स्वतंत्रता सेनानियों के योगदान को कभी भुलाया नहीं जा सकता।

उन्होंने कहा:

“हमें नीलाम्बर पीताम्बर जैसे महापुरुषों के जीवन से प्रेरणा लेने की जरूरत है। उनके आदर्शों को अपनाकर उनके बताए मार्ग पर चलना ही सच्ची श्रद्धांजलि होगी।”

विधायक सुरेश बैठा ने यह भी घोषणा की कि वे विधानसभा में नीलाम्बर पीताम्बर की प्रतिमा लगाए जाने की मांग उठाएंगे।

विधानसभा और संसद में प्रतिमा की मांग

विशिष्ट अतिथि प्रेमशाही मुंडा ने नीलाम्बर पीताम्बर को महान स्वतंत्रता सेनानी बताते हुए कहा कि उन्होंने ब्रिटिश हुकूमत के खिलाफ संघर्ष कर आदिवासी समाज को नई दिशा दी। उन्होंने कहा कि ऐसे महापुरुष की प्रतिमा विधानसभा और संसद भवन में लगनी चाहिए, ताकि आने वाली पीढ़ियां उनके संघर्ष से प्रेरणा ले सकें।

सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने बढ़ाया उत्साह

कार्यक्रम के दौरान विभिन्न खोड़हा टीमों द्वारा पारंपरिक सांस्कृतिक नृत्य प्रस्तुत किए गए। बच्चियों ने भी सुंदर नृत्य प्रस्तुत कर सभी का मन मोह लिया। नागपुरी कलाकार महावीर नायक, रूपेश बड़ाईक, सोनी कुमारी और धनेश ने अपने गीतों से पूरे माहौल को झूमने पर मजबूर कर दिया। कार्यक्रम के अंत में प्रतिभागी बच्चियों को पुरस्कृत भी किया गया।

बड़ी संख्या में ग्रामीण रहे मौजूद

इस अवसर पर रंथू उरांव, जालिम सिंह, नरेश गंझू, देवपाल मुंडा, कन्हाई पासी, विनय खलखो, अनिल गंझू, दर्शन गंझू, प्रभाकर गंझू, अर्जुन गंझू, मनोज गंझू, बुल्ला गंझू, सोमरा गंझू, दामोदर गंझू, जयराम गंझू, शिवदयाल गंझू, रमेश गंझू, शिवनारायण लोहरा, रमेशर भोगता, बालेश्वर गंझू, भोला गंझू, बंधन गंझू, राहुल गंझू, मधु गंझू, भरत गंझू, जगदीश गंझू, राजेन्द्र उरांव, विनय उरांव, रवि उरांव सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद थे।

अंत में अमृत भोगता ने धन्यवाद ज्ञापन करते हुए सभी अतिथियों और ग्रामीणों के प्रति आभार व्यक्त किया।

न्यूज़ देखो: शहीदों की स्मृति से जुड़ा सामाजिक संदेश

नीलाम्बर पीताम्बर जयंती का यह आयोजन केवल श्रद्धांजलि तक सीमित नहीं रहा, बल्कि यह आदिवासी समाज के संघर्ष, बलिदान और स्वाभिमान की याद दिलाने वाला अवसर भी बना। ऐसे कार्यक्रम समाज को अपने इतिहास से जोड़ते हैं और नई पीढ़ी को प्रेरित करते हैं। हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।

शहीदों की विरासत को आगे बढ़ाने का संकल्प

वीर शहीदों का बलिदान हमें एकजुट होकर आगे बढ़ने की प्रेरणा देता है।
उनके संघर्ष से सीख लेकर समाज में जागरूकता और एकता बनाए रखना जरूरी है।
आप भी ऐसे आयोजनों में भाग लेकर इतिहास को जीवित रखें।
इस खबर को साझा करें और अपने विचार कमेंट में जरूर लिखें।

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